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दिनभर कुर्सी पर बैठे रहना दिल के लिए खतरनाक, 4.8 लाख लोगों पर रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा

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दिनभर कुर्सी पर बैठे रहना दिल के लिए खतरनाक, 4.8 लाख लोगों पर रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा

सारांश

घंटों कुर्सी पर बैठे रहना सिर्फ पीठदर्द नहीं — दिल का दुश्मन भी है। 4.8 लाख लोगों पर हुई रिसर्च बताती है कि काम के दौरान ज़्यादा बैठने वालों में हृदय रोग से मृत्यु का खतरा अधिक है। WHO भी चेता चुका है — दिनभर में छोटे-छोटे ब्रेक ही इस खतरे का सबसे आसान तोड़ हैं।

मुख्य बातें

2024 में प्रकाशित शोध में 4.8 लाख लोगों के विश्लेषण में पाया गया कि लंबे समय तक बैठने वालों में हृदय रोग से मृत्यु का खतरा अधिक है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बैठने का समय घटाने और दिनभर सक्रिय रहने की सलाह दी है।
लगातार बैठे रहने से वज़न बढ़ना , ब्लड प्रेशर असंतुलन और ब्लड शुगर नियंत्रण में कठिनाई हो सकती है।
केवल सुबह की एक्सरसाइज पर्याप्त नहीं — दिनभर में छोटे-छोटे ब्रेक और शारीरिक गतिविधि ज़रूरी है।
फोन पर खड़े होकर बात करना, सीढ़ियों का उपयोग और लंच के बाद पैदल चलना जैसी सरल आदतें जोखिम कम कर सकती हैं।

लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहने की आदत धीरे-धीरे हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकती है — यह बात कई वैज्ञानिक अध्ययनों में सामने आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी लोगों को दिनभर में अधिक सक्रिय रहने और बैठने का समय घटाने की सलाह दे चुका है। आधुनिक कार्यशैली में घंटों कंप्यूटर के सामने बैठे रहना अब एक सामान्य दिनचर्या बन गई है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह शरीर के लिए उतनी 'आरामदायक' नहीं जितनी दिखती है।

रिसर्च क्या कहती है

2024 में प्रकाशित एक अध्ययन में करीब 4.8 लाख लोगों के आँकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोध के अनुसार, जो लोग काम के दौरान अधिकांश समय बैठे रहते थे, उनमें हृदय रोग से मृत्यु का खतरा उन लोगों की तुलना में अधिक पाया गया जो काम के दौरान कम बैठते थे। अध्ययन में यह भी सामने आया कि रोज़ाना थोड़ी अधिक शारीरिक गतिविधि इस खतरे को कम करने में सहायक हो सकती है।

शरीर पर क्या होता है असर

जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक बैठा रहता है, तो पैरों और शरीर की मांसपेशियाँ निष्क्रिय हो जाती हैं। शरीर चलने-फिरने की तुलना में बहुत कम ऊर्जा खर्च करता है। यदि यह आदत रोज़ाना बनी रहे, तो वज़न बढ़ना, ब्लड प्रेशर का असंतुलन और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में कठिनाई हो सकती है। ये सभी स्थितियाँ दीर्घकालिक रूप से हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाती हैं।

कुछ लोगों को लंबे समय तक बैठने के बाद पैरों में भारीपन, अकड़न या हल्की सूजन महसूस होती है। यह पैरों में रक्त प्रवाह धीमा होने का संकेत हो सकता है। गौरतलब है कि हृदय रोग का जोखिम केवल बैठने पर नहीं, बल्कि उम्र, वज़न, डायबिटीज, धूम्रपान और खान-पान जैसे कई कारकों पर भी निर्भर करता है — लेकिन लंबे समय तक बैठना और शारीरिक गतिविधि का अभाव मिलकर जोखिम को और बढ़ा देते हैं।

सिर्फ सुबह की एक्सरसाइज काफी नहीं

शोध में यह भी उजागर हुआ है कि यदि कोई व्यक्ति सुबह या शाम नियमित व्यायाम करता है, लेकिन बाकी पूरा दिन लगातार कुर्सी पर बैठा रहता है, तो यह भी स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त नहीं है। दिनभर में छोटी-छोटी शारीरिक गतिविधियाँ — जैसे बीच-बीच में उठना और चलना — उतनी ही ज़रूरी मानी जाती हैं जितना कि नियमित व्यायाम।

क्या करें, क्या बदलें

यदि आपका काम कंप्यूटर या लैपटॉप पर बैठकर करने का है, तो कुछ सरल आदतें अपनाई जा सकती हैं। हर कुछ देर बाद कुर्सी से उठें और थोड़ा चलें। फोन पर बात करते समय खड़े हों। पानी पीने के लिए अपनी सीट से उठकर जाएँ। लंच के बाद कुछ मिनट पैदल चलें। जहाँ संभव हो, लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का उपयोग करें। काम के बीच पैरों और कमर को हल्का खींचना भी लाभदायक रहता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार छोटे ब्रेक लेने से शरीर लंबे समय तक एक ही स्थिति में नहीं रहता, जिससे मांसपेशियों में रक्त संचार बेहतर बना रहता है। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक है जब घर से काम (Work From Home) की संस्कृति ने बैठने के घंटे और बढ़ा दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं 'सेडेंटरी वर्क कल्चर' को अभी तक सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंडे में वह जगह नहीं मिली जिसकी वह हकदार है। Work From Home के बाद बैठने के घंटे और बढ़े हैं, लेकिन कॉर्पोरेट वेलनेस नीतियाँ अभी भी जिम सब्सिडी तक सीमित हैं — दिनभर में 'मूवमेंट ब्रेक' को संस्थागत रूप देने की दिशा में काम बाकी है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहने से दिल पर क्या असर पड़ता है?
शोध के अनुसार, लंबे समय तक बैठे रहने से वज़न बढ़ना, ब्लड प्रेशर का असंतुलन और ब्लड शुगर नियंत्रण में कठिनाई हो सकती है, जो दीर्घकालिक रूप से हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाती हैं। 2024 में 4.8 लाख लोगों पर हुए अध्ययन में पाया गया कि अधिक बैठने वालों में हृदय रोग से मृत्यु का खतरा अधिक था।
क्या सुबह एक्सरसाइज करने से दिनभर बैठने का नुकसान कम हो जाता है?
नहीं — शोध बताता है कि केवल सुबह की एक्सरसाइज पर्याप्त नहीं है यदि बाकी पूरा दिन लगातार बैठकर बिताया जाए। दिनभर में छोटी-छोटी शारीरिक गतिविधियाँ और बीच-बीच में उठना उतना ही ज़रूरी है जितना नियमित व्यायाम।
WHO ने लंबे समय तक बैठने को लेकर क्या सलाह दी है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने लोगों को दिनभर में अधिक सक्रिय रहने और बैठने का कुल समय घटाने की सलाह दी है। WHO के अनुसार, नियमित शारीरिक गतिविधि और बैठने के बीच-बीच में ब्रेक लेना हृदय स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
दफ्तर में काम करते हुए बैठने का समय कैसे कम करें?
कुछ सरल आदतें अपनाकर बैठने का समय घटाया जा सकता है — जैसे फोन पर बात करते समय खड़े होना, पानी पीने के लिए सीट से उठना, लंच के बाद कुछ मिनट पैदल चलना और लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का उपयोग करना। हर कुछ देर बाद कुर्सी से उठकर थोड़ा चलना भी फायदेमंद रहता है।
क्या पैरों में सूजन या अकड़न बैठने से जुड़ी है?
हाँ, कई घंटे एक ही जगह बैठे रहने से पैरों की मांसपेशियाँ निष्क्रिय हो जाती हैं और रक्त प्रवाह धीमा पड़ सकता है। इससे कुछ लोगों को पैरों में भारीपन, अकड़न या हल्की सूजन महसूस हो सकती है, जो बीच-बीच में उठकर चलने से काफी हद तक कम की जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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