27 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

खेलो इंडिया डायलॉग: PM मोदी बोले — '2036 ओलंपिक के लिए आज से तैयार करें खिलाड़ी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
खेलो इंडिया डायलॉग: PM मोदी बोले — '2036 ओलंपिक के लिए आज से तैयार करें खिलाड़ी'

सारांश

पीएम मोदी ने खेलो इंडिया डायलॉग में एक बड़ा सवाल उठाया — ओलंपिक के आधे खेलों में भारत प्रतियोगिता ही नहीं करता। 2036 ओलंपिक को लक्ष्य बनाते हुए उन्होंने 5-15 साल के बच्चों के लिए टैलेंट हंट और आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 27 अगस्त 2026 को खेलो इंडिया डायलॉग में वर्चुअल माध्यम से देशभर के युवा एथलीटों को संबोधित किया।
2012 ओलंपिक में भारत केवल 13 खेलों में शामिल हुआ था; 20 से अधिक खेलों में भागीदारी शून्य थी।
15 अगस्त को लाल किले से घोषित टैलेंट हंट अभियान में 5 से 15 वर्ष की आयु के प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी।
सर्फिंग, स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग, वॉटर और विंटर स्पोर्ट्स में भारत की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ज़ोर।
पैरा एथलीट शीतल देवी , अवनि लेखड़ा , सुमीत अंतिल और नितेश कुमार को राष्ट्रीय प्रेरणास्रोत बताया।
खेलो इंडिया डायलॉग में युवाओं के सुझाव सीधे राष्ट्रीय खेल नीति में शामिल किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अगस्त 2026 को वर्चुअल माध्यम से 'खेलो इंडिया डायलॉग — खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ' कार्यक्रम में देशभर के युवा एथलीटों को संबोधित किया। इस संवाद में उन्होंने 2036 ओलंपिक की तैयारी, भारत की खेल भागीदारी की कमज़ोरियों और एक आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम के निर्माण पर विस्तार से बात की।

राष्ट्रीय खेल दिवस और मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री ने 29 अगस्त को आने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस का उल्लेख करते हुए हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद किया। उन्होंने कहा कि सौ वर्ष पूर्व भारतीय सेना की हॉकी टीम न्यूज़ीलैंड दौरे पर गई थी, जिसमें ध्यानचंद भी शामिल थे — यही उस खेल संबंध की नींव थी। मोदी ने बताया कि अपनी हालिया न्यूज़ीलैंड यात्रा में भी उन्होंने ध्यानचंद को स्मरण किया और उन रिश्तों को और समृद्ध बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

ओलंपिक भागीदारी की खाई — असली चुनौती

मोदी ने खुलकर स्वीकार किया कि ओलंपिक में होने वाले खेलों में से आधे से अधिक में भारत हिस्सा ही नहीं लेता। उन्होंने याद दिलाया कि 2012 के ओलंपिक में भारत केवल 13 खेलों में शामिल हुआ था, जबकि 20 से अधिक खेलों में भारत की कोई उपस्थिति नहीं थी। उन्होंने कहा, 'दुनिया के देश जिन खेलों में पदक जीतते हैं, उनमें हम प्रतियोगिता ही नहीं करते।' सर्फिंग, स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग, वॉटर स्पोर्ट्स और विंटर स्पोर्ट्स का विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के पास इन खेलों के लिए अनुकूल भूगोल और जनसांख्यिकी दोनों हैं, फिर भी हम इनमें अनुपस्थित हैं।

2036 ओलंपिक के लिए टैलेंट हंट अभियान

प्रधानमंत्री ने बताया कि 15 अगस्त को लाल किले से उन्होंने 5 से 15 वर्ष की आयु के प्रतिभाशाली बच्चों को तलाशने के लिए एक बड़े टैलेंट हंट अभियान की घोषणा की थी। इस अभियान में न केवल बच्चे की रुचि बल्कि उसकी शारीरिक उपयुक्तता को भी आधार बनाया जाएगा, ताकि सही खिलाड़ी को सही खेल में प्रशिक्षित किया जा सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस दिशा में हर संभव सहयोग देगी।

पैरा एथलीटों से प्रेरणा

मोदी ने पैरा एथलीटों की उपलब्धियों को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने आर्चरी में पैरालंपिक पदक विजेता शीतल देवी (जम्मू-कश्मीर), दो बार पैरालंपिक पदक जीतने वाली अवनि लेखड़ा, सुमीत अंतिल, नितेश कुमार और झंडू कुमार का नाम लेकर उन्हें राष्ट्रीय प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि पैरा एथलीट की सफलता उनके पूरे परिवार को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास देती है।

खेल को जीवनशैली बनाने का आह्वान

प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि 'विकसित भारत' के निर्माण में युवा शक्ति को दिशा देने का अभियान है। उन्होंने फौजा सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि 100 वर्ष से अधिक आयु तक फिटनेस के प्रति समर्पित रहना जीवनपर्यंत खेल-भावना का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि खेल नशे से दूर रहने की इच्छाशक्ति देता है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाता है। खेलो इंडिया डायलॉग को उन्होंने एक ऐसा मंच बताया जहाँ युवाओं के विचार सीधे नीति-निर्माण में शामिल किए जाएंगे। आने वाले वर्षों में इस संवाद से निकले सुझाव भारत की खेल नीति को नई दिशा दे सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि टैलेंट हंट अभियान सिर्फ घोषणा बनकर न रह जाए। भारत में खेल बजट और बुनियादी ढाँचे की कमी दशकों पुरानी समस्या है; विश्वविद्यालय और प्रशिक्षण केंद्रों की बात पहले भी होती रही है। 2036 ओलंपिक की मेज़बानी की दावेदारी और खिलाड़ी तैयार करने का लक्ष्य एक साथ चलाना तभी सफल होगा जब ज़िला स्तर पर संसाधन वास्तव में पहुँचें — केवल संवाद कार्यक्रमों से नहीं।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खेलो इंडिया डायलॉग क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
खेलो इंडिया डायलॉग एक राष्ट्रीय संवाद मंच है जिसमें PM मोदी सीधे युवा एथलीटों से संवाद करते हैं। इसका उद्देश्य युवाओं के खेल-संबंधी सुझावों को राष्ट्रीय खेल नीति में शामिल करना और भारत के स्पोर्ट्स विजन को दिशा देना है।
PM मोदी ने 2036 ओलंपिक की तैयारी के लिए क्या घोषणा की है?
PM मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से 5 से 15 वर्ष की आयु के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए एक बड़े टैलेंट हंट अभियान की घोषणा की है। इसमें बच्चे की रुचि के साथ-साथ उसकी शारीरिक उपयुक्तता के आधार पर खेल चुना जाएगा और सरकार हर स्तर पर प्रशिक्षण सहयोग देगी।
ओलंपिक में भारत की भागीदारी कितनी कम रही है?
2012 के ओलंपिक में भारत केवल 13 खेलों में शामिल हुआ था, जबकि 20 से अधिक खेलों में भारत की कोई भागीदारी नहीं थी। PM मोदी ने कहा कि ओलंपिक के आधे खेलों में भारत प्रतियोगिता ही नहीं करता, जिससे पदक जीतने के अवसर स्वतः सीमित हो जाते हैं।
किन नए खेलों में भारत की भागीदारी बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया?
PM मोदी ने सर्फिंग, स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग, वॉटर स्पोर्ट्स और विंटर स्पोर्ट्स का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत के पास इन खेलों के लिए अनुकूल भूगोल और जनसांख्यिकी है, फिर भी इनमें भारत की उपस्थिति नगण्य है।
राष्ट्रीय खेल दिवस कब मनाया जाता है और इसका महत्व क्या है?
राष्ट्रीय खेल दिवस प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने भारत को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित किया था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 38 मिनट पहले
  2. 1 घंटा पहले
  3. 3 घंटे पहले
  4. कल
  5. 3 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले