जींद में बोले PM मोदी: ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड के साथ खेल साझेदारी, 2030 कॉमनवेल्थ और 2036 ओलंपिक की तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जुलाई 2025 को हरियाणा के जींद में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए खेल क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ व्यापक सहयोग की संभावनाओं का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सरकारों के साथ खेल उद्योग और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर गहन चर्चा हो चुकी है और आने वाले समय में ठोस कदम उठाए जाएंगे। यह घोषणा हरियाणा जैसे खेल-प्रधान राज्य के युवाओं के लिए विशेष महत्व रखती है।
जींद सभा में PM का खेल पर बड़ा बयान
मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे के दौरान वहाँ की सरकारों से खेल को लेकर उनकी विस्तृत बातचीत हुई। उन्होंने कहा, 'इन दोनों देशों के साथ मिलकर आने वाले समय में हम खेल उद्योग, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण जैसे बहुत सारे काम साथ मिलकर करने वाले हैं। इससे हरियाणा के युवाओं को भी बहुत लाभ होगा।' हरियाणा देश के उन अग्रणी राज्यों में है जो ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों में सबसे अधिक पदक विजेता देता है।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की तैयारी
पीएम ने घोषणा की कि साल 2030 में भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ओलंपिक 2036 की मेजबानी हासिल करने के लिए पूरी तैयारी चल रही है। मोदी ने खिलाड़ियों से आह्वान किया, 'हर खिलाड़ी को जोरदार तैयारी करनी है, पूरा दमखम लगाना है।' उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराएगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि 2036 ओलंपिक की तैयारी के लिए अभी से 5 से 10 वर्ष की आयु के बच्चों पर ध्यान देना होगा।
ऑस्ट्रेलिया दौरे में BBL मैच चेन्नई में कराने की घोषणा
गौरतलब है कि पीएम मोदी हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर थे। ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से मुलाकात के दौरान दोनों देशों के खेल संबंधों पर चर्चा हुई। इसी दौरान दोनों नेताओं ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा संचालित बिग बैश लीग (BBL) के अगले सीजन का पहला मैच चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में आयोजित करने की संयुक्त घोषणा की थी।
न्यूजीलैंड से रग्बी सहयोग और खेल तकनीक
न्यूजीलैंड दौरे के दौरान पीएम मोदी ने ऑकलैंड में दिए भाषण में कहा था कि भारत और न्यूजीलैंड के पास खेल क्षेत्र में मिलकर काम करने की 'असीमित संभावना' है। उन्होंने विशेष रूप से कहा था कि 'भारत न्यूजीलैंड से रग्बी सीखना चाहता है — इसके लिए विशेषज्ञ और कोच चाहिए, जिसमें न्यूजीलैंड मदद कर सकता है।' मोदी ने न्यूजीलैंड में खेल के क्षेत्र में हो रहे इनोवेशन को प्रभावी बताते हुए कहा कि दोनों देश खेल तकनीक में मिलकर बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने अपने आधिकारिक एक्स प्लेटफॉर्म पर पीएम के भाषण की वीडियो क्लिप साझा की।
हरियाणा और भारतीय खेल जगत पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी खेल नीति को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की दिशा में काम कर रहा है। हरियाणा, जो देश को सर्वाधिक ओलंपिक पदक विजेता देने वाले राज्यों में शुमार है, इस अंतरराष्ट्रीय सहयोग से सीधे लाभान्वित होगा। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि ये द्विपक्षीय चर्चाएं किस रूप में ठोस नीतिगत ढाँचे में तब्दील होती हैं।