अमृत भारत योजना: पिस्का और मुरी स्टेशन राष्ट्र को समर्पित, राज्यपाल गंगवार बोले — झारखंड को मिलेगी नई पहचान
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जुलाई 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का एक साथ लोकार्पण किया। अमृत भारत स्टेशन योजना के इस चरण में झारखंड के पिस्का और मुरी रेलवे स्टेशन भी राष्ट्र को समर्पित किए गए। पिस्का रेलवे स्टेशन पर आयोजित समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
राज्यपाल का संबोधन
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना केवल भवन-निर्माण की परियोजना नहीं है, बल्कि यह आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और यात्री-केंद्रित भारत के निर्माण की व्यापक पहल है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल आधुनिक तकनीक और उन्नत यात्री सुविधाओं के साथ एक नए युग में प्रवेश कर रही है।
गंगवार ने भारत की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन की शुरुआत का विशेष उल्लेख किया और इसे स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। उनके अनुसार यह कदम 'विकसित और आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा।
रेल आधुनिकीकरण की व्यापक तस्वीर
राज्यपाल ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वंदे भारत ट्रेनें, रेल विद्युतीकरण और 'कवच' स्वचालित सुरक्षा प्रणाली जैसे कदमों ने भारतीय रेल को विश्वस्तरीय परिवहन व्यवस्था की ओर अग्रसर किया है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल रहा है।
झारखंड के लिए महत्व
राज्यपाल गंगवार ने कहा कि पिस्का और मुरी स्टेशनों के पुनर्विकास में आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति और विरासत को भी स्थान दिया गया है। उनके अनुसार इससे झारखंड में पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोज़गार के नए अवसर उत्पन्न होंगे, और बेहतर रेल संपर्क राज्य के आर्थिक व सामाजिक विकास को गति देगा।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ
समारोह में राज्य सरकार के मंत्री दीपक बिरुआ, राज्यसभा सदस्य महुआ माजी और हटिया के विधायक नवीन जायसवाल भी शामिल रहे। यह आयोजन झारखंड में रेल अवसंरचना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
गौरतलब है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में सैकड़ों स्टेशनों का चरणबद्ध पुनर्विकास किया जा रहा है, और यह पहला ऐसा चरण है जिसमें एक साथ 75 स्टेशनों का लोकार्पण किया गया। आने वाले समय में इन स्टेशनों पर यात्री प्रतिक्रिया और रोज़गार सृजन के आँकड़े इस योजना की वास्तविक सफलता का पैमाना तय करेंगे।