रिलायंस इंडस्ट्रीज का Q1 FY27 रेवेन्यू 25% उछलकर ₹3.11 लाख करोड़, EBITDA ₹54,067 करोड़ पर
सारांश
मुख्य बातें
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़ाकर ₹3.11 लाख करोड़ दर्ज किया, जो बाज़ार के अनुमान से बेहतर रहा। ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C), रिलायंस रिटेल और जियो डिजिटल सर्विसेज — तीनों प्रमुख कारोबारों में दोहरे अंकों की वृद्धि इस मज़बूत प्रदर्शन की मुख्य वजह रही।
मुनाफे में गिरावट — वजह क्या रही
कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 22 प्रतिशत घटकर ₹20,946 करोड़ रह गया। हालाँकि यह गिरावट परिचालन कमज़ोरी की नहीं, बल्कि तुलनात्मक आधार की समस्या है। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में एशियन पेंट्स में हिस्सेदारी बिक्री से मिले एकमुश्त लाभ के कारण शुद्ध मुनाफा ₹26,994 करोड़ तक पहुँचा था — वह असाधारण आय इस बार नहीं थी। परिचालन स्तर पर कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर ₹54,067 करोड़ हो गया, जो कंपनी के बयान के अनुसार स्वस्थ परिचालन गति का संकेत है।
O2C और रिटेल — विकास के इंजन
RIL के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा, 'रिलायंस ने वित्त वर्ष 2026-27 की मज़बूत शुरुआत की है। हमारे सभी कारोबारों ने शानदार परिचालन प्रदर्शन किया है। लगातार भू-राजनीतिक तनाव और कमोडिटी बाज़ारों में उतार-चढ़ाव के बावजूद हमारे विविध कारोबारी पोर्टफोलियो ने एक बार फिर अपनी मज़बूती साबित की है।'
O2C खंड को मिडिल डिस्टिलेट्स में रिकॉर्ड स्तर के मार्जिन और डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल्स में बेहतर प्रदर्शन का सहारा मिला। अंबानी ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति शृंखला की चुनौतियों के बावजूद टीमों ने घरेलू बाज़ार में ईंधन व अन्य सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की।
रिलायंस रिटेल ने सभी उपभोक्ता श्रेणियों और बिक्री चैनलों में स्थिर प्रदर्शन के बल पर मज़बूत वृद्धि दर्ज की। रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) के FMCG ब्रांड तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे हैं और कंपनी का FMCG राजस्व पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से अधिक हो गया है।
जियो का IPO की ओर बड़ा कदम
जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने इस तिमाही के दौरान भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया — जो संभावित IPO (सार्वजनिक लिस्टिंग) की दिशा में एक अहम मील का पत्थर है। जियो की आय इस तिमाही में सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़ी, जिसमें मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सर्विसेज तीनों का योगदान रहा।
आगे की राह
गौरतलब है कि RIL का यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में अनिश्चितता और भू-राजनीतिक दबाव बने हुए हैं। जियो के DRHP दाखिल होने के बाद SEBI की समीक्षा प्रक्रिया और IPO की समयसीमा पर बाज़ार की नज़र रहेगी। FMCG खंड में RCPL की तेज़ रफ्तार और O2C में मार्जिन सुधार आने वाली तिमाहियों में RIL के प्रदर्शन की दिशा तय करेंगे।