क्या 2026 की पहली छमाही में रिलायंस जियो का आईपीओ आ सकता है?

सारांश
Key Takeaways
- रिलायंस जियो 2026 में अपना आईपीओ लाने की योजना बना रहा है।
- जियो के यूजर्स की संख्या 50 करोड़ से अधिक हो गई है।
- जियो ने भारत में डिजिटल क्रांति को गति दी है।
- जियो का वित्तीय प्रदर्शन हर वर्ष नई ऊंचाइयों पर पहुँच रहा है।
- जियो ने डिजिटल इंडिया मिशन का समर्थन किया है।
मुंबई, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की टेलीकॉम शाखा रिलायंस जियो 2026 की पहली छमाही में अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) पेश करेगी। यह जानकारी कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को साझा की।
अंबानी ने कंपनी की 48वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में कहा, "मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि जियो अपना आईपीओ लाने की योजना बना रही है।"
उन्होंने बताया कि जियो का आईपीओ 2026 की पहली छमाही में आ सकता है, लेकिन यह सभी आवश्यक अनुमोदनों पर निर्भर करेगा।
एजीएम में अंबानी ने बताया कि जियो के यूजर्स की संख्या 10 वर्षों में 50 करोड़ को पार कर गई है।
उन्होंने कहा, "एक सप्ताह बाद, जियो अपने 10वें वर्ष में प्रवेश करेगा। यह अवधि भारत के डिजिटल इतिहास में महत्वपूर्ण रही है।"
अंबानी ने शेयरधारकों को जानकारी दी कि जियो परिवार के ग्राहकों की संख्या 50 करोड़ को पार कर गई है, जो विश्वास और समर्थन का प्रतीक है।
आरआईएल के चेयरमैन ने कहा कि जियो की डीप-टेक पहलों ने भारत में तकनीकी क्रांति को तेज किया और प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया मिशन का आधार बनी।
जियो की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जियो ने भारत में कहीं भी मुफ्त वॉयस कॉल उपलब्ध कराई है और आम भारतीयों के लिए अपने मोबाइल पर वीडियो देखना और डिजिटल भुगतान करना एक आदत बना दिया है। जियो ने आधार, यूपीआई, जनधन, डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर जैसे डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की नींव रखी है और नई पीढ़ी को सशक्त किया है।
इन उपलब्धियों के कारण जियो का वित्तीय प्रदर्शन हर साल नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है।
अंबानी ने कहा, "जियो की आय वित्त वर्ष 25 में 17 प्रतिशत बढ़कर 1,28,218 करोड़ रुपए (15 अरब डॉलर) हो गई है। वहीं, ईबीआईटीडीए 64,170 करोड़ रुपए (7.5 अरब डॉलर) रहा। ये आंकड़े साबित करते हैं कि जियो ने कितना बड़ा मूल्य सृजित किया है और आगे भी सृजन जारी रहेगा।"