क्या रिलायंस इंडस्ट्रीज का ग्रॉस डेट 7 प्रतिशत बढ़कर 3.47 लाख करोड़ रुपए हुआ?
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नई दिल्ली, 16 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) का ग्रॉस डेट वित्त वर्ष 2024-25 में सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 3.47 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 2023-24 में 3.24 लाख करोड़ रुपए था। यह जानकारी कंपनी की एनुअल रिपोर्ट में दी गई।
इसके अलावा, कंपनी का नेट डेट भी बढ़कर 1.17 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
कंपनी ने अपनी एनुअल रिपोर्ट में बताया, "मजबूत आंतरिक नकदी प्रवाह सृजन ने पूरे व्यवसाय में विकास के अवसरों में निवेश को समर्थन दिया, जबकि एक स्थिर बैलेंस शीट और निवेश ग्रेड क्रेडिट रेटिंग को बनाए रखा है।"
मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2024-25 में 1,31,107 करोड़ रुपए का पूंजीगत खर्च किया है, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह 1,31,769 करोड़ रुपए रहा था।
कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में निवेश मुख्यतः नई ओटूसी परियोजनाओं, रिटेल स्टोर विस्तार, डिजिटल सेवाओं के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और नई ऊर्जा में मैन्युफैक्चरिंग एसेट्स के निर्माण पर केंद्रित था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्टैंडअलोन आय 5,57,163 करोड़ रुपए रही, जो वित्त वर्ष 24 के 5,74,956 करोड़ रुपए की तुलना में 3.1 प्रतिशत कम है।
कंपनी ने कहा कि स्टैंडअलोन इकाई का आईबीआईटीडीए एक साल पहले की समान अवधि के 86,393 करोड़ रुपए से 14.2 प्रतिशत घटकर 74,163 करोड़ रुपए रह गया।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (वित्त वर्ष 2026 की अप्रैल-जून अवधि में) में उम्मीद से बेहतर आय दर्ज करने और प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों की मजबूत कवरेज के बावजूद, पिछले 30 दिनों में आरआईएल के शेयरों में 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, यह शेयर फिलहाल गिरावट के दौर से गुजर रहा है क्योंकि मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली इस कंपनी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से रूसी तेल आयात पर की गई सख्ती के कारण भारी नुकसान हुआ है।
आरआईएल रूसी कच्चे तेल की देश में प्रमुख आयतक है और इसे वह अपनी गुजरात स्थित जामनगर रिफाइनरी में प्रोसेस करती है।
हालांकि, अगले हफ्ते से शेयर निवेशकों को आकर्षित करना शुरू कर सकते हैं क्योंकि अमेरिका ने रूसी तेल के आयात पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाने का संकेत दिया है।
मॉर्गन स्टेनली, मोतीलाल ओसवाल, नोवुमा और मैक्वेरी जैसी ब्रोकरेज फर्मों ने आरआईएल के शेयरों की रेटिंग या तो बरकरार रखी है या बढ़ा दी है, क्योंकि कंपनी ने पहली तिमाही में अपने शुद्ध लाभ में साल-दर-साल 78 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की है और यह 26,994 करोड़ रुपए रहा है।
-- राष्ट्र प्रेस
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