रिलायंस इंडस्ट्रीज का रिकॉर्ड मुनाफा: Q4 में 20,589 करोड़, शेयरधारकों को 6 रुपए डिविडेंड
सारांश
Key Takeaways
- रिलायंस इंडस्ट्रीज का Q4 FY26 शुद्ध मुनाफा 20,589 करोड़ रुपए रहा, जो सालाना आधार पर 8.9%25 कम है।
- कंपनी ने शेयरधारकों को 6 रुपए प्रति शेयर डिविडेंड देने की घोषणा की।
- पूरे FY26 में RIL का वार्षिक मुनाफा रिकॉर्ड 95,610 करोड़ रुपए रहा — 18.3%25 की वृद्धि।
- जियो प्लेटफॉर्म्स के ग्राहक 52.4 करोड़ पार, जिनमें 26.8 करोड़ 5G उपभोक्ता शामिल।
- रिलायंस रिटेल के स्टोर्स की संख्या 20,000 से अधिक, EBITDA 6,921 करोड़ रुपए।
- कंपनी का पूरे वर्ष का Capex 1,44,271 करोड़ रुपए; जियो लिस्टिंग और न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर फोकस।
मुंबई, 24 अप्रैल। देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) के लिए 20,589 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। इसके साथ ही कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को 6 रुपए प्रति शेयर का लाभांश (डिविडेंड) देने की घोषणा की है। चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी की अगुवाई में रिलायंस ने पूरे वित्त वर्ष में 95,610 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड वार्षिक मुनाफा अर्जित किया।
तिमाही नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
RIL की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, Q4 FY26 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा और सहयोगी कंपनियों से प्राप्त लाभ मिलाकर साल-दर-साल 8.9 प्रतिशत घटा है। हालांकि यह गिरावट मुख्यतः केजी-डी6 ब्लॉक में गैस उत्पादन की प्राकृतिक कमी और वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण रही।
दूसरी ओर, कंपनी की कुल सकल आय (Gross Revenue) 12.9 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 3,25,290 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। ओ2सी (Oil-to-Chemical), डिजिटल सेवाएं और रिटेल — तीनों प्रमुख कारोबारी खंडों ने इस वृद्धि में अहम योगदान दिया।
इस तिमाही में कंपनी का पूंजीगत व्यय (Capex) 40,560 करोड़ रुपए रहा, जबकि 31 मार्च 2026 तक पूरे वित्त वर्ष का कुल Capex 1,44,271 करोड़ रुपए दर्ज किया गया।
जियो प्लेटफॉर्म्स की शानदार छलांग
जियो प्लेटफॉर्म्स का EBITDA सालाना आधार पर 17.9 प्रतिशत उछलकर 20,060 करोड़ रुपए हो गया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि मोबाइल, ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सेवाओं की मांग में तेज वृद्धि जारी है।
जियो के कुल सक्रिय ग्राहक अब 52.4 करोड़ से अधिक हो गए हैं, जिनमें से 26.8 करोड़ उपभोक्ता 5G नेटवर्क का उपयोग कर रहे हैं। यह भारत में 5G की तेज पैठ का स्पष्ट संकेत है।
मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग की दिशा में कंपनी निरंतर प्रगति कर रही है, जो कंपनी के इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों को आम नागरिकों तक सुलभ बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
रिलायंस रिटेल और ओ2सी सेगमेंट का प्रदर्शन
रिलायंस रिटेल का EBITDA 3.1 प्रतिशत बढ़कर 6,921 करोड़ रुपए रहा। कंपनी के रिटेल स्टोर्स की संख्या अब 20,000 से अधिक हो गई है, जो देश के कोने-कोने में रिलायंस की खुदरा मौजूदगी को दर्शाती है।
तेल और गैस सेगमेंट में आय कुछ कम रही, जिसका प्रमुख कारण KG-D6 ब्लॉक में गैस उत्पादन की स्वाभाविक गिरावट बताई गई। हालांकि ओ2सी कारोबार ने समग्र राजस्व को मजबूती प्रदान की।
वार्षिक प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में RIL का कुल शुद्ध मुनाफा 95,610 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 18.3 प्रतिशत अधिक है। पूरे साल में EBITDA वृद्धि 19 प्रतिशत रही।
कंपनी ओ2सी और न्यू एनर्जी कारोबार में बड़े पैमाने पर निवेश जारी रखे हुए है। हरित ऊर्जा क्षेत्र में रिलायंस की महत्वाकांक्षी योजनाएं भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक साबित हो सकती हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि जियो की संभावित लिस्टिंग और न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट्स के परिपक्व होने के साथ RIL का शेयर मूल्यांकन अगले दो-तीन वर्षों में नई ऊंचाइयों को छू सकता है। आने वाली तिमाहियों में 5G मुद्रीकरण और रिटेल विस्तार कंपनी के लिए प्रमुख विकास चालक बने रहेंगे।