AAP के 7 सांसदों के BJP में जाने पर अन्ना हजारे बोले- पार्टी में खामी थी, इसीलिए छोड़ा

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AAP के 7 सांसदों के BJP में जाने पर अन्ना हजारे बोले- पार्टी में खामी थी, इसीलिए छोड़ा

सारांश

AAP के 7 राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने पर अन्ना हजारे ने कहा — पार्टी में खामी थी, इसीलिए नेता गए। केजरीवाल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता और पैसे की लालच ने देश-समाज भुला दिया।

Key Takeaways

  • AAP के 7 राज्यसभा सांसदों ने 25 अप्रैल 2025 को पार्टी छोड़कर BJP में शामिल होने का फैसला किया।
  • समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा — "दोष पार्टी का है, अगर पार्टी सही चलती तो नेता नहीं जाते।"
  • अन्ना हजारे ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता और पैसे की लालच ने देश-समाज को भुला दिया।
  • मनीष सिसोदिया ने इन सांसदों को "गद्दार" बताया और कहा कि पंजाब गद्दारों को माफ नहीं करता।
  • पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने BJP को व्यंग्य में बधाई दी और कहा इससे BJP को कोई विशेष फायदा नहीं होगा।
  • यह घटना 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले AAP के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

अहिल्यानगर, 24 अप्रैल 2025 (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों द्वारा शुक्रवार को पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की घटना पर समाजसेवी अन्ना हजारे ने अपनी स्पष्ट राय सामने रखी है। उनका कहना है कि यदि पार्टी सही ढंग से चलती, तो ये नेता कभी नहीं जाते। यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

अन्ना हजारे का लोकतंत्र पर बड़ा बयान

पत्रकारों से बातचीत में अन्ना हजारे ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपना निर्णय लेने का अधिकार है। किसी पर जबरदस्ती नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में उन्हें दिक्कतें आई होंगी, इसीलिए वे चले गए।"

हजारे ने साफ शब्दों में कहा कि "इसमें दोष पार्टी का है — अगर पार्टी सही से चलती, तो वे नहीं जाते।" यह बयान AAP नेतृत्व के लिए एक सीधी चेतावनी की तरह है।

केजरीवाल पर अन्ना का सीधा प्रहार

अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि जब स्वार्थ बीच में आ जाता है, तो समाज और देश भूल जाता है। उन्होंने कहा, "सत्ता और पैसे के पीछे पड़ गए, इसी वजह से यह गड़बड़ी हुई।"

गौरतलब है कि अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल एक समय 2011 के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर लड़े थे। लेकिन बाद में हजारे ने केजरीवाल से दूरी बना ली और कई मौकों पर उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए। यह उसी कड़ी का हिस्सा है।

मनीष सिसोदिया का कड़ा पलटवार

AAP नेता मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लिखा कि वे पिछले तीन दिनों से गुजरात में हैं। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर हजारों कार्यकर्ता BJP की धमकियों को झेलते हुए पार्टी की विचारधारा को मजबूत कर रहे हैं, वहीं कुछ लोगों ने पंजाब के कार्यकर्ताओं की मेहनत का सौदा कर लिया।

सिसोदिया ने इन सांसदों को सीधे "गद्दार" करार देते हुए कहा कि "पंजाब गद्दारों को कभी माफ नहीं करता।" उन्होंने यह भी कहा कि इन सांसदों ने निजी मजबूरियों, डर और लालच के कारण पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात किया।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

AAP विधायक अशोक पराशर 'पप्पी' ने कहा कि जो व्यक्ति उस पार्टी के साथ विश्वासघात करे जिसने उसे राज्यसभा तक पहुंचाया, उस पर जनता कभी भरोसा नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि पंजाबी लोग अपनी बात और अपने रुख पर हमेशा कायम रहते हैं।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस घटना पर व्यंग्यात्मक लहजे में BJP को बधाई दी। उन्होंने कहा कि BJP पहले से ही अन्य दलों से आए नेताओं से भरी है, इससे BJP को कोई विशेष राजनीतिक लाभ नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना से AAP को अपनी वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलेगी।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब AAP पहले से ही 2024 के लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन और दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में हार के बाद कमजोर स्थिति में है। पंजाब ही वह एकमात्र राज्य है जहां AAP की सरकार है और अब वहां के राज्यसभा सांसदों का पार्टी छोड़ना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पंजाब में भी AAP का आधार कमजोर होता है, तो 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए गंभीर चुनौती खड़ी हो सकती है। अन्ना हजारे का बयान इस पूरी स्थिति को एक नैतिक आईना दिखाता है — जो पार्टी भ्रष्टाचार विरोध की नींव पर बनी थी, वह आज खुद आंतरिक संकट से जूझ रही है।

Point of View

बल्कि उस राजनीतिक यात्रा का दुखद अंत है जो 2011 के जन लोकपाल आंदोलन से शुरू हुई थी। जो पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की आवाज बनकर उभरी, वह आज खुद आंतरिक विश्वासघात और सत्ता की होड़ का शिकार है — यह विडंबना किसी से छुपी नहीं। मुख्यधारा की मीडिया इसे महज दल-बदल की खबर बना रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या AAP की वैचारिक नींव अब भी बची है या वह भी उसी राजनीतिक दलदल में समा गई जिसके खिलाफ बनी थी। पंजाब 2027 से पहले यह संकट AAP के अस्तित्व की परीक्षा है।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

AAP के कितने सांसद BJP में शामिल हुए?
AAP के सात राज्यसभा सांसदों ने 25 अप्रैल 2025 को पार्टी छोड़कर BJP में शामिल होने का फैसला किया। ये सभी सांसद पंजाब से चुने गए थे।
अन्ना हजारे ने AAP नेताओं के BJP में जाने पर क्या कहा?
अन्ना हजारे ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को निर्णय लेने का अधिकार है और इन नेताओं को पार्टी में दिक्कतें आई होंगी इसीलिए वे गए। उन्होंने यह भी कहा कि दोष पार्टी का है, अगर पार्टी सही से चलती तो वे नहीं जाते।
मनीष सिसोदिया ने AAP छोड़ने वाले सांसदों पर क्या कहा?
मनीष सिसोदिया ने इन सांसदों को 'गद्दार' कहा और कहा कि उन्होंने निजी लालच और डर के कारण पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात किया। उन्होंने कहा कि पंजाब गद्दारों को कभी माफ नहीं करता।
AAP और अन्ना हजारे के बीच क्या रिश्ता रहा है?
अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल 2011 के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में साथ थे, लेकिन बाद में हजारे ने केजरीवाल की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दूरी बना ली। तब से हजारे कई बार AAP और केजरीवाल की आलोचना कर चुके हैं।
AAP के सांसदों के BJP में जाने से पंजाब की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
इस घटना से पंजाब में AAP की स्थिति कमजोर हो सकती है, जहां 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दल-बदल AAP के जनाधार को नुकसान पहुंचा सकता है।
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