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भारत ने श्रीलंका को सौंपे दो BHISM क्यूब और 50,000 गोलियां, 'आरोग्य मैत्री' से मजबूत हुई दोस्ती

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भारत ने श्रीलंका को सौंपे दो BHISM क्यूब और 50,000 गोलियां, 'आरोग्य मैत्री' से मजबूत हुई दोस्ती

सारांश

भारत ने श्रीलंका को 'आरोग्य मैत्री' पहल के तहत दो BHISM पोर्टेबल मेडिकल क्यूब सौंपे, जो 200 आपातकालीन मरीजों का एक साथ इलाज कर सकते हैं। साथ ही नौसेना को 50,000 राउंड गोलियां भी दी जाएंगी। आईएनएस निरीक्षक के जरिए पहुंची यह सहायता भारत-श्रीलंका की गहरी रणनीतिक दोस्ती को दर्शाती है।

मुख्य बातें

भारत ने 24 अप्रैल 2025 को श्रीलंका को दो BHISM पोर्टेबल मेडिकल क्यूब सौंपे।
ये क्यूब एक साथ 200 आपातकालीन मरीजों का इलाज करने में सक्षम हैं और इनमें सर्जिकल उपकरण भी मौजूद हैं।
भारत श्रीलंका नौसेना को 50,000 राउंड 9mm गोलियां भी प्रदान करेगा।
यह सहायता आईएनएस निरीक्षक जहाज के जरिए कोलंबो बंदरगाह पर पहुंचाई गई।
चौथा IN-SLN द्विपक्षीय डाइविंग अभ्यास 27 अप्रैल 2025 तक चलेगा।
यह सहयोग भारत के 'महासागर' विजन और 'आरोग्य मैत्री' पहल का हिस्सा है।

कोलंबो, 24 अप्रैल। भारत ने अपनी 'आरोग्य मैत्री' पहल के तहत शुक्रवार को श्रीलंका को दो बीएचआईएसएम (BHISM) क्यूब सौंपे — ये अत्याधुनिक पोर्टेबल मेडिकल यूनिट हैं जो एक साथ लगभग 200 आपातकालीन मरीजों का उपचार करने में सक्षम हैं। यह कदम भारत-श्रीलंका के बीच बढ़ते मानवीय और रणनीतिक सहयोग की एक ताज़ा मिसाल है।

क्या है BHISM क्यूब और इसकी खासियत

बीएचआईएसएम का पूरा नाम है — भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग हित और मैत्री। यह भारत सरकार द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक पोर्टेबल मेडिकल यूनिट है, जिसे आपदा, युद्ध या किसी भी आपात स्थिति में तत्काल तैनात किया जा सकता है।

इन क्यूब्स में आवश्यक दवाइयां, सर्जिकल उपकरण और मिनी ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। एक साथ 200 आपातकालीन मामलों को संभालने की क्षमता इसे बेहद उपयोगी बनाती है — खासकर उन देशों के लिए जो प्राकृतिक आपदाओं से अक्सर जूझते हैं।

गौरतलब है कि भारत ने इससे पहले तुर्किए भूकंप (2023) और अन्य आपदाओं में भी BHISM क्यूब की तैनाती की थी, जिससे इसकी वैश्विक प्रासंगिकता साबित हो चुकी है।

आईएनएस निरीक्षक के जरिए पहुंचाई गई सहायता

ये मेडिकल यूनिट भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस निरीक्षक के माध्यम से कोलंबो बंदरगाह पर पहुंचाई गईं। आईएनएस निरीक्षक 21 अप्रैल 2025 को कोलंबो पहुंचा था और यह चौथे द्विपक्षीय डाइविंग अभ्यास (IN-SLN Diving Exercise) में भाग लेने के लिए आया है, जो 27 अप्रैल तक चलेगा।

यह जहाज भारतीय नौसेना का एक विशेष डाइविंग सपोर्ट और सबमरीन रेस्क्यू पोत है, जो गहरे समुद्र में बचाव अभियानों के लिए प्रशिक्षित है।

समुद्री सुरक्षा सहयोग: 50,000 राउंड गोलियां भी देगा भारत

मानवीय सहायता के साथ-साथ भारत अपनी समुद्री सुरक्षा साझेदारी को और गहरा करते हुए श्रीलंका नौसेना को 50,000 राउंड नौ मिलीमीटर गोलियां भी सौंपेगा। यह कदम हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को रेखांकित करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहायता ऐसे समय में आई है जब चीन श्रीलंका में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। भारत का यह कदम 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

महासागर विजन और द्विपक्षीय तालमेल

भारतीय नौसेना के अनुसार, IN-SLN डाइविंग एक्सरसाइज दोनों देशों के बीच गहरे समुद्री सहयोग का प्रतीक है। यह 'महासागर' विजन — यानी क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र उन्नति — के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।

इस अभ्यास में दोनों देशों के गोताखोरों ने मिक्स्ड-गैस डाइव्स में बेहतरीन तालमेल और कौशल का प्रदर्शन किया। इसके अलावा दोनों पक्षों के गोताखोरों ने मिलकर बीच की सफाई भी की, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एक दोस्ताना वॉलीबॉल मैच ने दोनों देशों के जवानों के बीच अनौपचारिक रिश्ते को और मजबूत किया।

भारत-श्रीलंका संबंधों का व्यापक परिप्रेक्ष्य

यह उल्लेखनीय है कि 2022 के आर्थिक संकट के दौरान भारत ने श्रीलंका को 4 अरब डॉलर से अधिक की सहायता प्रदान की थी — जो किसी भी अन्य देश से अधिक थी। तब से दोनों देशों के बीच रक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

BHISM क्यूब की यह डिलीवरी भारत की उस नीति का हिस्सा है जिसमें वह अपने पड़ोसी देशों को न केवल कूटनीतिक बल्कि व्यावहारिक और जमीनी स्तर पर सहायता देता है। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच और भी रक्षा और स्वास्थ्य समझौतों की उम्मीद की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुविचारित भू-राजनीतिक चाल है। जब चीन श्रीलंका में हंबनटोटा बंदरगाह के जरिए पैर जमा चुका है, तब भारत BHISM क्यूब और गोला-बारूद देकर कोलंबो को यह संदेश दे रहा है कि असली और भरोसेमंद साझेदार कौन है। 2022 के आर्थिक संकट में जब श्रीलंका डूब रहा था, भारत ने सबसे पहले हाथ बढ़ाया था — यह उसी निवेश की अगली कड़ी है। 'महासागर' विजन के तहत हिंद महासागर को सुरक्षित रखने की भारत की महत्वाकांक्षा अब केवल दस्तावेजों में नहीं, जहाजों और मेडिकल क्यूब्स के रूप में जमीन पर उतर रही है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BHISM क्यूब क्या होता है और यह कैसे काम करता है?
BHISM (भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग हित और मैत्री) क्यूब एक पोर्टेबल मेडिकल यूनिट है जिसे आपात स्थिति में तुरंत तैनात किया जा सकता है। इसमें दवाइयां, सर्जिकल उपकरण और एक साथ 200 मरीजों का इलाज करने की क्षमता होती है।
भारत ने श्रीलंका को BHISM क्यूब क्यों दिए?
भारत ने 'आरोग्य मैत्री' पहल के तहत श्रीलंका को ये मेडिकल क्यूब सौंपे, जो दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग को मजबूत करने का हिस्सा है। यह भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के अनुरूप है।
आईएनएस निरीक्षक श्रीलंका क्यों गया था?
आईएनएस निरीक्षक 21 अप्रैल को कोलंबो पहुंचा और चौथे भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय डाइविंग अभ्यास (IN-SLN Exercise) में भाग लेने के लिए गया, जो 27 अप्रैल तक चलेगा। यह जहाज डाइविंग सपोर्ट और सबमरीन रेस्क्यू के लिए विशेष रूप से तैयार है।
भारत श्रीलंका नौसेना को कितनी गोलियां देगा?
भारत श्रीलंका नौसेना को 50,000 राउंड नौ मिलीमीटर (9mm) गोलियां सौंपेगा। यह समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
महासागर विजन क्या है?
महासागर विजन का अर्थ है — 'क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र उन्नति'। यह भारत का हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने का रणनीतिक दृष्टिकोण है।
राष्ट्र प्रेस
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