ऐतिहासिक कदम: पाकिस्तान के दो अंतरिक्ष यात्री चीनी स्पेस ट्रेनिंग सेंटर पहुंचे

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ऐतिहासिक कदम: पाकिस्तान के दो अंतरिक्ष यात्री चीनी स्पेस ट्रेनिंग सेंटर पहुंचे

सारांश

पाकिस्तान के दो अंतरिक्ष यात्री मुहम्मद जीशान अली और खुर्रम दाऊद चीन के प्रशिक्षण केंद्र पहुंचे। दोनों में से एक चीनी अंतरिक्ष स्टेशन तियानगोंग में जाने वाला पहला विदेशी अंतरिक्ष यात्री बनेगा — यह अंतरिक्ष इतिहास में एक ऐतिहासिक मोड़ है।

Key Takeaways

  • मुहम्मद जीशान अली और खुर्रम दाऊद — पाकिस्तान के दो अंतरिक्ष यात्री — 24 अप्रैल 2025 को चीन के प्रशिक्षण केंद्र पहुंचे।
  • यह चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम में विदेशी अंतरिक्ष यात्रियों का पहला बैच है।
  • चयन प्रक्रिया अप्रैल 2025 की शुरुआत में पूरी हुई, जिसमें दोनों पाकिस्तानी उम्मीदवारों को अंतिम रूप से चुना गया।
  • प्रशिक्षण सफल होने पर एक उम्मीदवार को पेलोड विशेषज्ञ के रूप में तियानगोंग अंतरिक्ष स्टेशन भेजा जाएगा।
  • यह व्यक्ति चीनी अंतरिक्ष स्टेशन में प्रवेश करने वाला विश्व का पहला विदेशी अंतरिक्ष यात्री बनेगा।
  • यह कदम चीन-पाकिस्तान रणनीतिक साझेदारी को अंतरिक्ष क्षेत्र में नए आयाम तक ले जाता है।

बीजिंग, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक ऐतिहासिक मोड़ आया है — पाकिस्तान के दो अंतरिक्ष यात्री मुहम्मद जीशान अली और खुर्रम दाऊद शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025 को चीन के अंतरिक्ष यात्री अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र पहुंचे। यह जानकारी चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष इंजीनियरिंग कार्यालय ने दी। ये दोनों उम्मीदवार चीनी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण में हिस्सा लेंगे।

चयन प्रक्रिया और पृष्ठभूमि

चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम के अंतर्गत विदेशी अंतरिक्ष यात्रियों के पहले बैच के चयन की प्रक्रिया अप्रैल 2025 की शुरुआत में पूरी हुई। इस कठिन और बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया में पाकिस्तान के दो उम्मीदवारों को अंतिम रूप से चुना गया। यह चीन-पाकिस्तान के बीच गहराते अंतरिक्ष सहयोग का एक ठोस प्रमाण है।

गौरतलब है कि चीन ने अपना तियानगोंग अंतरिक्ष स्टेशन वर्ष 2022 में पूरी तरह स्थापित किया था। तब से अब तक इस स्टेशन पर केवल चीनी नागरिक ही जा सके हैं। पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री का चयन इस एकाधिकार को पहली बार तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

प्रशिक्षण और मिशन की रूपरेखा

दोनों उम्मीदवार अब चीनी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण के सभी चरणों से गुजरेंगे। इसमें शारीरिक सहनशक्ति परीक्षण, माइक्रोग्रैविटी अनुकूलन, अंतरिक्ष यान संचालन प्रशिक्षण और वैज्ञानिक पेलोड प्रबंधन शामिल होगा।

सभी प्रशिक्षण चरण पूरे करने और मूल्यांकन में सफल होने के बाद मुहम्मद जीशान अली अथवा खुर्रम दाऊद में से एक को पेलोड विशेषज्ञ के रूप में अंतरिक्ष मिशन में शामिल किया जाएगा। यह व्यक्ति चीनी अंतरिक्ष स्टेशन तियानगोंग में प्रवेश करने वाला पहला विदेशी अंतरिक्ष यात्री बनेगा — जो अंतरिक्ष इतिहास में एक मील का पत्थर होगा।

भू-राजनीतिक और रणनीतिक महत्व

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) पहले से ही दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की धुरी बना हुआ है। अंतरिक्ष सहयोग इस साझेदारी को एक नए और उच्च तकनीकी आयाम तक ले जाता है।

विश्लेषकों के अनुसार, चीन का यह कदम अमेरिका के नेतृत्व वाले आर्टेमिस कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के विकल्प के रूप में अपने अंतरिक्ष स्टेशन को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा है। पाकिस्तान इस रणनीति में पहले साझेदार के रूप में उभरा है।

भारत के लिए संदर्भ

भारत के नजरिए से यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का गगनयान मिशन अभी तैयारी के दौर में है, जबकि पाकिस्तान चीन के सहयोग से अंतरिक्ष में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह दक्षिण एशिया में अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा के एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देता है।

आने वाले महीनों में प्रशिक्षण के परिणाम और अंतिम मिशन की तारीख की घोषणा अपेक्षित है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुहम्मद जीशान अली और खुर्रम दाऊद में से कौन इतिहास रचने का गौरव प्राप्त करता है।

(साभार — चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

Point of View

बल्कि एक सुविचारित भू-राजनीतिक चाल है। चीन CPEC के बाद अब अंतरिक्ष के जरिए पाकिस्तान को अपने 'अंतरिक्ष गठबंधन' का पहला सदस्य बना रहा है — यह ISS और अमेरिकी अंतरिक्ष नेतृत्व को सीधी चुनौती है। भारत के लिए यह एक चेतावनी की घंटी है कि जब गगनयान अभी जमीन पर है, पड़ोसी देश अंतरिक्ष में कदम रख रहा है। मुख्यधारा की मीडिया इसे केवल 'सहयोग' बता रही है, लेकिन असली कहानी यह है कि चीन अपने अंतरिक्ष स्टेशन को एक वैकल्पिक वैश्विक मंच के रूप में स्थापित करने में सफल हो रहा है।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

पाकिस्तान के कौन से दो अंतरिक्ष यात्री चीन में प्रशिक्षण के लिए गए हैं?
पाकिस्तान के मुहम्मद जीशान अली और खुर्रम दाऊद चीन के अंतरिक्ष यात्री अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र पहुंचे हैं। इनका चयन चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम के तहत अप्रैल 2025 में पूरी हुई चयन प्रक्रिया के बाद किया गया।
क्या पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री चीनी अंतरिक्ष स्टेशन जाएगा?
हां, प्रशिक्षण के सभी चरण सफलतापूर्वक पूरे करने के बाद दोनों में से एक को पेलोड विशेषज्ञ के रूप में मिशन में भेजा जाएगा। वह चीनी अंतरिक्ष स्टेशन तियानगोंग में प्रवेश करने वाला पहला विदेशी अंतरिक्ष यात्री बनेगा।
चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम में विदेशी अंतरिक्ष यात्री पहली बार क्यों शामिल हो रहे हैं?
चीन अपने तियानगोंग अंतरिक्ष स्टेशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक वैकल्पिक मंच के रूप में स्थापित करना चाहता है। पाकिस्तान को पहले विदेशी बैच में शामिल कर चीन अपनी वैश्विक अंतरिक्ष साझेदारी का विस्तार कर रहा है।
पाकिस्तान के अंतरिक्ष यात्रियों का प्रशिक्षण कहां हो रहा है?
दोनों पाकिस्तानी उम्मीदवार चीन के अंतरिक्ष यात्री अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे हैं। यहां वे चीनी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण में भाग लेंगे।
भारत पर पाकिस्तान के इस अंतरिक्ष कदम का क्या असर होगा?
भारत का गगनयान मिशन अभी तैयारी के चरण में है, जबकि पाकिस्तान चीन की मदद से अंतरिक्ष में कदम रखने के करीब है। यह दक्षिण एशिया में अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा को एक नई दिशा दे सकता है।
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