सर गारफील्ड सोबर्स का 89 वर्ष की आयु में निधन, ICC और BCCI ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
क्रिकेट इतिहास के सर्वकालिक महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स का 17 जुलाई 2026 को निधन हो गया। 89 वर्षीय सोबर्स ने शुक्रवार को बारबडोस स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके जाने से वेस्टइंडीज ही नहीं, पूरी क्रिकेट दुनिया शोक में डूब गई है।
ICC और BCCI की श्रद्धांजलि
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने एक्स पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए लिखा, 'खेल को गौरवान्वित करने वाले सबसे महान क्रिकेटरों में से एक, सर गारफील्ड सोबर्स का दुखद निधन हो गया है। हमारी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और वेस्टइंडीज क्रिकेट के साथ हैं। हम एक ICC हॉल ऑफ फेम क्रिकेटर को अलविदा कह रहे हैं।'
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'BCCI सर गारफील्ड सोबर्स के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करता है। वह खेल के एक सच्चे आइकॉन और क्रिकेट के सबसे महान ऑलराउंडरों में से एक थे। उनकी असाधारण उपलब्धियों, कैरेबियाई क्रिकेट पर उनके स्थायी प्रभाव और दुनिया भर के खेल में उनके योगदान ने एक ऐसी यादगार विरासत छोड़ी है जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उनके परिवार, दोस्तों और दुनिया भर के क्रिकेट जगत के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं।'
क्रिकेट वेस्टइंडीज का शोक संदेश
क्रिकेट वेस्टइंडीज ने एक्स पर सर सोबर्स के निधन की आधिकारिक पुष्टि करते हुए लिखा, 'एक शानदार पारी खत्म हो गई है। हमारे दिलों में, अभी और हमेशा के लिए, सर गारफील्ड सोबर्स।' यह संदेश उस दिग्गज के प्रति पूरे कैरेबियाई क्रिकेट की भावना का प्रतीक है, जिन्होंने दशकों तक वेस्टइंडीज को विश्व क्रिकेट का सिरमौर बनाए रखा।
भारत से था विशेष नाता
गौरतलब है कि जब भारतीय क्रिकेट टीम आखिरी बार टेस्ट सीरीज के लिए वेस्टइंडीज दौरे पर गई थी, तब सर गारफील्ड सोबर्स ने टीम इंडिया के खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की थी — यह उनके क्रिकेट के प्रति अटूट प्रेम का प्रमाण था।
सांख्यिकीय विरासत और करियर
28 जुलाई 1936 को ब्रिजटाउन, बारबडोस में जन्मे सोबर्स ने 1954 में इंग्लैंड के खिलाफ किंग्सटन में टेस्ट डेब्यू किया था। बाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स व कलाई स्पिन गेंदबाज के रूप में उन्होंने 1954 से 1974 तक 93 टेस्ट मैचों की 160 पारियों में 26 शतक और 30 अर्धशतक की मदद से 8,032 रन बनाए। उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर नाबाद 365 रन था, जो लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट का विश्व रिकॉर्ड रहा। गेंद से उन्होंने 235 विकेट भी अपने नाम किए। उन्होंने एकमात्र वनडे में 1 विकेट लिया था। सोबर्स ICC हॉल ऑफ फेम के सदस्य थे और उन्हें क्रिकेट इतिहास का सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर माना जाता है।
सर गारफील्ड सोबर्स का जाना केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि एक युग का अंत है — एक ऐसा युग जिसने क्रिकेट को उसकी सबसे शुद्ध और शानदार अभिव्यक्ति दी।