भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी: राजदूत नगमा मलिक ने टोक्यो में JIPAFL बैठक में रखे भविष्य के लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक ने 18 जुलाई 2025 को टोक्यो में आयोजित जापान-भारत संसदीय मित्रता लीग (JIPAFL) की आम बैठक में भाग लिया। इस बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची द्वारा निर्धारित महत्वाकांक्षी भविष्य के लक्ष्यों से लीग के सदस्यों को अवगत कराया। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ की तैयारियों में जुटे हैं।
शिखर बैठक के परिणामों की जानकारी
टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि राजदूत मलिक ने लीग के सदस्यों को इस महीने की शुरुआत में नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में सफलतापूर्वक संपन्न हुई 16वीं भारत-जापान वार्षिक शिखर बैठक के परिणामों से विस्तार से अवगत कराया। दूतावास के अनुसार, राजदूत ने दोनों देशों के बीच संसदीय आदान-प्रदान और संवाद को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि जापान-भारत विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को नई ऊंचाई दी जा सके।
16वीं वार्षिक शिखर बैठक के मुख्य बिंदु
इस महीने की शुरुआत में नई दिल्ली में आयोजित 16वीं भारत-जापान वार्षिक शिखर बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री ताकाइची ने द्विपक्षीय संबंधों के कई महत्वपूर्ण आयामों पर विचार-विमर्श किया। इनमें व्यापार और निवेश, आर्थिक सुरक्षा, ऊर्जा, नई तकनीक, रक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे अहम मुद्दे शामिल रहे। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी साझा दृष्टिकोण साझा किया।
शिखर बैठक के समापन पर दोनों देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण तकनीकों और शोध एवं विकास से संबंधित कई समझौतों और समझौता ज्ञापनों (MOU) का आदान-प्रदान किया गया।
FOIP और 'महासागर' — साझा दृष्टि
अपनी भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ताकाइची ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा समर्थित 'फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (FOIP)' और प्रधानमंत्री मोदी के 'महासागर' — यानी म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी एंड ग्रोथ अक्रॉस रीजन्स (MAHASAGAR) — का मूल उद्देश्य एक ही है। दोनों ढाँचे हिंद-प्रशांत क्षेत्र को एक समृद्ध, स्वतंत्र और खुशहाल समुद्री क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करते हैं।
75वीं वर्षगांठ और आगे की राह
दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ की ओर बढ़ रहे हैं, जो इस द्विपक्षीय साझेदारी के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव होगा। राजदूत मलिक ने JIPAFL के सदस्यों से आग्रह किया कि संसदीय स्तर पर संवाद को और प्रगाढ़ किया जाए, जिससे सरकारी प्रयासों को जन-प्रतिनिधित्व का पुख्ता आधार मिल सके। गौरतलब है कि भारत-जापान संबंध पिछले एक दशक में रक्षा, तकनीक और बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय रूप से विस्तृत हुए हैं।