भारत-जापान उच्च-स्तरीय वार्ता: राजदूत नगमा मलिक और उपमंत्री ताकेहिरो की बैठक, हिंद-प्रशांत साझेदारी पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक ने 8 जून 2026 को टोक्यो में जापान के विदेश मामलों के उपमंत्री हियोशी ताकेहिरो से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच हाल में हुई उच्च-स्तरीय बातचीत के परिणामों की समीक्षा की। इस बैठक में भारत-जापान द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने के उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में क्या हुआ
भारतीय दूतावास ने राजदूत मलिक के हवाले से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया, 'आज मैं जापान के विदेश मामलों के उपमंत्री हियोशी ताकेहिरो से मिली और जापान-भारत साझेदारी को और बढ़ाने पर अच्छे विचारों का आदान-प्रदान किया।' पोस्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने हाल की उच्च-स्तरीय बातचीत के नतीजों की समीक्षा के साथ-साथ आगे सहयोग को और मज़बूत करने के रास्तों पर चर्चा की।
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नई गहराई पकड़ रही है।
पिछले महीने की कूटनीतिक गतिविधियाँ
इससे पहले, राजदूत मलिक ने एडोगावा शहर के मेयर ताकेशी सैतो से दूतावास में मुलाकात की थी। उस बैठक में दोनों पक्षों ने सांस्कृतिक लेन-देन को बढ़ावा देने सहित सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर विचार किया।
इसी क्रम में, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने 26 मई को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उस बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी का स्वागत करके बहुत खुशी हुई। हिंद-प्रशांत और उससे आगे शांति, स्थिरता और खुशहाली को आगे बढ़ाने में भारत-जापान खास रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की अहम भूमिका को फिर से सुनिश्चित किया।'
जॉइंट विजन और सहयोग के क्षेत्र
विदेश मंत्री मोटेगी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के पिछले जापान दौरे के दौरान घोषित अगले 10 वर्षों के जापान-भारत जॉइंट विजन के आधार पर सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, निवेश, इनोवेशन और लोगों के बीच मेलजोल के क्षेत्रों में कई पहल की जा रही हैं।
जापानी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों देश फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (FOIP) के ढाँचे के तहत एक सशक्त और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र को साकार करने में सहयोग करने पर सहमत हुए।
आर्थिक और सुरक्षा सहयोग
दोनों पक्षों ने पुष्टि की कि वे निवेश, इनोवेशन और नॉलेज सर्कुलेशन के ज़रिए आर्थिक विकास के क्षेत्र में ठोस परिणाम हासिल करने के लिए मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा, आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
विदेश मंत्री मोटेगी ने नई दिल्ली में अपने समकक्ष डॉ. एस. जयशंकर से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। यह बैठकों की श्रृंखला संकेत देती है कि दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को ठोस कार्ययोजना में बदलने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहे हैं।