राजदूत नगमा मलिक की नागासाकी मेयर सुजुकी से मुलाकात, भारत-जापान सहयोग को नई दिशा
सारांश
मुख्य बातें
भारत की जापान में राजदूत नगमा मलिक ने मंगलवार, 9 जून को टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में नागासाकी शहर के मेयर शिरोसुके सुजुकी से मुलाकात की। इस बैठक में भारत और नागासाकी के बीच आपसी आदान-प्रदान और सहयोग को और गहरा बनाने के ठोस उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
जापान स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि राजदूत मलिक ने मेयर सुजुकी का दूतावास में स्वागत किया। दूतावास के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच 'सार्थक बातचीत' हुई जिसमें भारत और नागासाकी शहर के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ करने के रास्ते तलाशे गए।
इससे एक दिन पहले, सोमवार को राजदूत मलिक ने जापान के उप-विदेश मंत्री हियोशी ताकेहिरो से भी भेंट की थी। उस बैठक में हाल की उच्चस्तरीय वार्ताओं के परिणामों की समीक्षा की गई और भारत-जापान संबंधों को और मज़बूत बनाने के उपायों पर चर्चा हुई।
व्यापक भारत-जापान संबंधों का संदर्भ
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत-जापान द्विपक्षीय संबंध कई मोर्चों पर सक्रिय हैं। पिछले महीने जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी भारत आए थे, जहाँ उन्होंने जापान-अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया-भारत (क्वाड) विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया और नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की।
जापान के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों देशों ने निवेश, नवाचार, ज्ञान के आदान-प्रदान और आर्थिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में मिलकर ठोस परिणाम हासिल करने की प्रतिबद्धता जताई है।
प्रधानमंत्री मोदी और मोटेगी के बयान
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी से मुलाकात करके खुशी हुई। हमने इस बात को दोहराया कि भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र और दुनिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।'
विदेश मंत्री मोटेगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान घोषित अगले 10 वर्षों के लिए जापान-भारत संयुक्त दृष्टिकोण के आधार पर सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, निवेश, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में पहल की जा रही हैं।
हिंद-प्रशांत सहयोग पर सहमति
दोनों देशों ने 'फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक' पहल के तहत एक मज़बूत और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के निर्माण के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई है। गौरतलब है कि यह पहल भारत और जापान दोनों की विदेश नीति की प्राथमिकताओं में शामिल है और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज़ से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
राजनयिक गतिविधियों की यह श्रृंखला दर्शाती है कि भारत-जापान साझेदारी केंद्रीय सरकारों के स्तर से आगे बढ़कर नगरीय और क्षेत्रीय सहयोग तक विस्तार पा रही है, जो आने वाले समय में दोनों देशों के बीच संबंधों को और व्यापक आधार देगी।