वाकायामा-भारत संबंध मज़बूत करने पर टोक्यो में राजदूत नगमा मलिक से मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
जापान-भारत द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने के प्रयास में वाकायामा प्रीफेक्चरल असेंबली के जापान-भारत फ्रेंडशिप प्रमोशन ग्रुप के अध्यक्ष निजिमा ताकेशी ने गुरुवार, 28 मई 2026 को टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में जापान में भारत की राजदूत नगमा एम. मलिक से भेंट की। इस बैठक में पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से वाकायामा और भारत के बीच जन-संपर्क को और गहरा करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में क्या हुआ
बैठक के बाद भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'राजदूत नगमा एम. मलिक को आज दूतावास में वाकायामा प्रीफेक्चरल असेंबली के जापान-भारत फ्रेंडशिप प्रमोशन समूह के अध्यक्ष, निजिमा ताकेशी का स्वागत करते हुए खुशी हुई।' दूतावास ने स्पष्ट किया कि बातचीत पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के ज़रिए दोनों पक्षों के बीच लोगों के संबंध बढ़ाने पर केंद्रित रही। बैठक में वाकायामा प्रीफेक्चुरल असेंबली के उपाध्यक्ष अकिजुकी फुमिनारी भी उपस्थित थे।
फरवरी का भारत दौरा और महाराष्ट्र से जुड़ाव
फरवरी 2026 में निजिमा ताकेशी, वाकायामा प्रीफेक्चर के गवर्नर इजुमी मियाज़ाकी के साथ भारत दौरे पर आए थे। इस दौरान गवर्नर मियाज़ाकी ने मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने उस बैठक के बाद कहा था, 'यह सुनिश्चित करना कि महाराष्ट्र और वाकायामा के बीच का संबंध भारत-जापान दोस्ती की नींव बना रहे। जापान के साथ सहयोग ने महाराष्ट्र में बदलाव लाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया है, जिसमें अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु, बड़ा अंडरग्राउंड मेट्रो नेटवर्क और आने वाली बुलेट ट्रेन शामिल हैं।'
फडणवीस ने यह भी बताया कि इस जुड़ाव को और गहरा करने के लिए नागपुर में बामियान बुद्ध की एक प्रतिकृति बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसका उद्देश्य उसी भूमि से शांति का वैश्विक संदेश फैलाना है जहाँ भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपनाया था।
दस साल पुरानी सिस्टर-स्टेट साझेदारी
महाराष्ट्र और वाकायामा के बीच सिस्टर-स्टेट साझेदारी 2013 में शुरू हुई थी और अब यह एक दशक से अधिक पुरानी हो चुकी है। यह साझेदारी व्यापार, संस्कृति और बुनियादी ढाँचे — तीनों स्तरों पर सक्रिय है। गौरतलब है कि जापान, महाराष्ट्र के प्रमुख बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में एक अहम निवेश भागीदार रहा है।
उत्तर प्रदेश का भी जुड़ाव
ओसाका-कोबे में भारत के कॉन्सुलेट जनरल के अनुसार, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने जुलाई 2025 में वाकायामा प्रीफेक्चुरल असेंबली के स्पीकर हिरोहिको इवाता और निजिमा ताकेशी से मुलाकात कर सांस्कृतिक और जन-संपर्क संबंधों को मज़बूत करने पर चर्चा की थी। यह दर्शाता है कि वाकायामा के साथ भारत का जुड़ाव केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं, बल्कि अन्य राज्य भी इस संबंध को आगे बढ़ाने में रुचि रखते हैं।
आगे की राह
28 मई की यह बैठक भारत-जापान के बीच उप-राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते कूटनीतिक संपर्क की एक कड़ी है। पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में दोनों पक्षों की सक्रियता आने वाले समय में नई पहलों का आधार बन सकती है।