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अकी आबे का टोक्यो में भारतीय दूतावास दौरा, शिंजो आबे और PM मोदी की दोस्ती को किया याद

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अकी आबे का टोक्यो में भारतीय दूतावास दौरा, शिंजो आबे और PM मोदी की दोस्ती को किया याद

सारांश

शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे का टोक्यो में भारतीय दूतावास दौरा महज एक शिष्टाचार भेंट नहीं था — यह उस गहरी व्यक्तिगत मित्रता की जीवंत स्मृति थी जिसने भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी की नींव रखी। आबे और मोदी का बंधन दो नेताओं से कहीं आगे था — यह दो देशों की साझी सोच का प्रतीक था।

मुख्य बातें

अकी आबे ने इस सप्ताह टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास का दौरा किया।
मलिक ने उनका स्वागत किया और शिंजो आबे की स्मृति को श्रद्धांजलि दी।
अकी आबे ने शिंजो आबे और PM मोदी के बीच की विशेष व्यक्तिगत मित्रता को याद किया।
शिंजो आबे ने भारत-जापान संबंधों को विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के स्तर तक ले जाने में अहम भूमिका निभाई थी।
2022 में निधन के बाद PM मोदी ने आबे को 'सबसे प्यारे दोस्तों में से एक' बताया था और उनके राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे।

जापान के दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे ने इस सप्ताह टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास का दौरा किया और अपने पति के भारत के प्रति गहरे लगाव तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी विशेष मित्रता को भावपूर्वक स्मरण किया। जापान में भारत की राजदूत नगमा एम. मलिक ने उनका स्वागत किया और इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच स्थायी मैत्री का प्रतीक बताया।

दूतावास की प्रतिक्रिया और बैठक का विवरण

टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास ने शुक्रवार, 22 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। दूतावास ने लिखा, 'इस हफ्ते की शुरुआत में दूतावास में अकी आबे का स्वागत करना एक बहुत बड़ा सौभाग्य था। पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे, जो जापान के सबसे महान राजनेताओं में से एक थे, भारत के सच्चे दोस्त थे।'

दूतावास ने आगे बताया कि राजदूत नगमा एम. मलिक ने अकी आबे को यह बताया कि भारत में उनके पति की स्मृति को किस श्रद्धा के साथ संजोया जाता है। बैठक के दौरान अकी आबे ने अपनी चैरिटी गतिविधियों और युवाओं के साथ अपने कार्यों के बारे में भी चर्चा की।

अकी आबे के भावुक शब्द

पिछले सितंबर में टोक्यो में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अकी आबे ने कहा था, 'भारत के साथ मेरे पति के संबंध सिर्फ प्रधानमंत्री के तौर पर उनकी भूमिका से कहीं ज्यादा थे। खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ — वे दोनों सिर्फ एक मुस्कान से एक-दूसरे का अपनापन महसूस कर सकते थे।' उन्होंने यह भी कहा कि उनके पति अनेक मूल्यों को अहमियत देते थे और वे उन्हें अपने तरीके से आगे बढ़ाने की उम्मीद रखती हैं।

भारत-जापान संबंधों में शिंजो आबे का योगदान

गौरतलब है कि शिंजो आबे ने भारत-जापान संबंधों को एक विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के स्तर तक ले जाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। प्रधानमंत्री मोदी से उनका परिचय दशकों पुराना था — वे मोदी को गुजरात के मुख्यमंत्री काल से जानते थे। यह व्यक्तिगत निकटता दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती में एक अहम कारक रही।

आबे के निधन पर मोदी की श्रद्धांजलि

2022 में शिंजो आबे के दुखद निधन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें 'अपने सबसे प्यारे दोस्तों में से एक' बताते हुए गहरा शोक व्यक्त किया था। मोदी आबे के राजकीय अंतिम संस्कार में व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए थे और उन्हें एक महान वैश्विक राजनेता, कुशल नेता और असाधारण शासक की संज्ञा दी थी — जिन्होंने अपना जीवन जापान और विश्व को बेहतर बनाने के लिए समर्पित किया।

आगे की राह

यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत और जापान अपनी रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के प्रयास में हैं। अकी आबे की यह यात्रा केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच उस मानवीय बंधन की याद दिलाती है जो राजनयिक संबंधों की नींव को और मजबूत करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक जीवंत मानवीय धागे के रूप में भारत-जापान संबंधों को जोड़े हुए है। गौरतलब है कि आबे के बाद जापान में राजनीतिक अस्थिरता रही है, और ऐसे में यह मुलाकात दोनों देशों को यह याद दिलाती है कि द्विपक्षीय विश्वास केवल नीतियों पर नहीं, व्यक्तिगत बंधनों पर भी टिका होता है। मुख्यधारा की कवरेज इस यात्रा को केवल भावनात्मक घटना के रूप में देखती है, लेकिन यह उस कूटनीतिक पूँजी को भी रेखांकित करती है जो मोदी सरकार ने जापान में अर्जित की है और जिसे भविष्य की साझेदारियों में भुनाया जा सकता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अकी आबे ने टोक्यो में भारतीय दूतावास का दौरा क्यों किया?
अकी आबे ने अपने दिवंगत पति शिंजो आबे के भारत के प्रति लगाव और PM मोदी के साथ उनकी मित्रता को याद करने के लिए टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास का दौरा किया। उन्होंने राजदूत नगमा एम. मलिक से मुलाकात की और अपनी चैरिटी व युवा कार्यों पर भी चर्चा की।
शिंजो आबे और PM मोदी के बीच संबंध कैसे थे?
शिंजो आबे और PM मोदी के बीच दशकों पुरानी व्यक्तिगत मित्रता थी — आबे मोदी को गुजरात के मुख्यमंत्री काल से जानते थे। अकी आबे के अनुसार, दोनों नेता 'सिर्फ एक मुस्कान से एक-दूसरे का अपनापन महसूस कर सकते थे।'
भारत-जापान संबंधों में शिंजो आबे का क्या योगदान था?
शिंजो आबे ने भारत-जापान संबंधों को एक विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के स्तर तक ले जाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार और बुनियादी ढाँचे में सहयोग उल्लेखनीय रूप से बढ़ा।
शिंजो आबे के निधन पर PM मोदी ने क्या कहा था?
2022 में शिंजो आबे के निधन पर PM मोदी ने उन्हें 'अपने सबसे प्यारे दोस्तों में से एक' बताते हुए गहरा शोक व्यक्त किया था। मोदी ने आबे को एक महान वैश्विक राजनेता और असाधारण शासक की संज्ञा दी और उनके राजकीय अंतिम संस्कार में व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए।
भारतीय दूतावास ने इस मुलाकात पर क्या कहा?
भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अकी आबे का स्वागत करना 'एक बहुत बड़ा सौभाग्य' था और शिंजो आबे को जापान के सबसे महान राजनेताओं में से एक तथा भारत का सच्चा दोस्त बताया।
राष्ट्र प्रेस
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