क्या पीएम मोदी के जापान दौरे से पहले भारत ने रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा की?

सारांश
Key Takeaways
- भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया जा रहा है।
- सिबी जॉर्ज ने विभिन्न जापानी नेताओं से मुलाकात की।
- प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा का महत्व है।
- वित्तीय संबंधों को बढ़ाने पर चर्चा हुई।
- दोनों देशों के बीच बौद्ध आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा।
टोक्यो, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जापान में भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज ने सोमवार को जापानी संसद के निचले सदन के अध्यक्ष फुकुशिरो नुकागा से मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों ने विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
बैठक के बाद, जापान में भारतीय दूतावास ने एक्स पर लिखा, "राजदूत सिबी जॉर्ज ने फुकुशिरो नुकागा के साथ भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों और मानव संसाधन के आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।"
इससे पहले, राजदूत जॉर्ज ने सुमितोमो मित्सुई ट्रस्ट समूह के अध्यक्ष तोरु ताकाकुरा से मुलाकात की और भारत और जापान के बीच वित्तीय संबंधों को बढ़ाने पर चर्चा की।
जापान स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया, "राजदूत सिबी जॉर्ज ने टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में सुमितोमो मित्सुई ट्रस्ट समूह के अध्यक्ष तोरु ताकाकुरा का स्वागत किया और भारत-जापान वित्तीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर उपयोगी चर्चा की।"
सिबी जॉर्ज ने टोक्यो स्थित त्सुकिजी होंगवानजी मंदिर के धार्मिक मामलों के उप प्रमुख रेव. तोमोहिरो किमुरा से भी मुलाकात की। इस दौरान, दोनों देशों के बीच बौद्ध आदान-प्रदान को मजबूत करने के प्रयासों पर चर्चा की गई।
ये बैठकें 29-30 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा से पहले हुई हैं। जापानी समकक्ष शिगेरु इशिबा के निमंत्रण पर, प्रधानमंत्री मोदी 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी की जापान की आठवीं यात्रा और इशिबा के साथ पहली शिखर बैठक होगी।
यात्रा से पहले विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि यात्रा के दौरान दोनों प्रधानमंत्री भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की समीक्षा करेंगे। दोनों नेता रक्षा, व्यापार और अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और नवाचार तथा लोगों के आदान-प्रदान के अलावा, क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विशेष मित्रता बंधन को मजबूत करेगी।
इससे पहले जून में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के कनानास्किस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान शिगेरु इशिबा से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई थी।
भारत और जापान के बीच मित्रता और साझेदारी का एक लंबा इतिहास रहा है। यह आध्यात्मिक आत्मीयता और मजबूत सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत संबंधों पर आधारित है। 2006 में रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी, 2014 में विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी और 2000 में हुई वैश्विक साझेदारी से भारत-जापान के संबंध मजबूत हुए थे। 2006 से दोनों देशों के बीच नियमित वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित होते रहे हैं।