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गुजरात एटीएस ने 8 संदिग्ध आतंकियों को कड़ी कोर्ट में पेश किया; AK-47 ट्रेनिंग और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनाने का खुलासा

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गुजरात एटीएस ने 8 संदिग्ध आतंकियों को कड़ी कोर्ट में पेश किया; AK-47 ट्रेनिंग और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनाने का खुलासा

सारांश

गुजरात एटीएस ने 8 संदिग्ध आतंकियों को मेहसाणा की कड़ी अदालत में पेश किया। जाँच में AK-47 ट्रेनिंग, कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनाने की जानकारी, 8 जगहों पर बम परीक्षण और 43 कथित जिहादी किताबें डाउनलोड करने के आरोप सामने आए हैं।

मुख्य बातें

गुजरात एटीएस ने 8 संदिग्ध आतंकवादियों को 17 जुलाई को मेहसाणा की कड़ी अदालत में पेश किया।
एटीएस ने 5 आरोपियों की 10 दिनों की पुलिस रिमांड माँगी है।
कथित तौर पर 2 संदिग्धों ने जम्मू-कश्मीर में एके-47 चलाने का प्रशिक्षण लिया था।
आरोपियों ने कथित रूप से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनाने के तरीके सीखे और 8 एकांत स्थानों पर बम परीक्षण किए।
आरोपियों के पास से 'अकील मुजाहिद कैसे करें' दस्तावेज़ और इंटरनेट से डाउनलोड की गई 43 कथित जिहादी किताबें मिलीं।
मेहसाणा के खड़ियासन मदरसे और वडोदरा कनेक्शन की भी जाँच जारी है।

गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने 17 जुलाई को गिरफ्तार 8 संदिग्ध आतंकवादियों को मेहसाणा जिले की कड़ी अदालत में पेश किया। जांच एजेंसी ने कोर्ट से इनमें से 5 आरोपियों की 10 दिनों की पुलिस रिमांड माँगी है, यह कहते हुए कि कथित आतंकी नेटवर्क की गहराई से जाँच अभी बाकी है। एटीएस के अनुसार, इस मामले में कई गंभीर और संवेदनशील पहलू सामने आए हैं जिनकी पुष्टि की जानी है।

हथियार प्रशिक्षण और जहरीली गैस की तैयारी

एटीएस की प्रारंभिक जाँच में कथित तौर पर सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से दो संदिग्धों ने जम्मू-कश्मीर जाकर हथियार चलाने का प्रशिक्षण हासिल किया था। एजेंसी के अनुसार, इन दोनों ने एके-47 चलाने की ट्रेनिंग ली थी। इसके साथ ही, आरोपियों द्वारा खतरनाक कार्बन मोनोऑक्साइड गैस तैयार करने के तरीकों की जानकारी हासिल करने की बात भी सामने आई है।

यह ऐसे समय में आया है जब देश में सुरक्षा एजेंसियाँ कट्टरपंथी नेटवर्क पर पहले से कड़ी नज़र रखे हुए हैं। गौरतलब है कि कार्बन मोनोऑक्साइड एक रंगहीन और गंधहीन गैस है, जिसे सीमित स्थानों में हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

आतंकी दस्तावेज़ और बम परीक्षण के आरोप

जाँच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों के पास से कथित तौर पर 'अकील मुजाहिद कैसे करें' नामक एक दस्तावेज़ बरामद हुआ है, जिसमें आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ी करीब 40 कथित तकनीकें दर्ज थीं। एटीएस का कहना है कि आरोपियों ने इनमें से बम बनाने और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस तैयार करने से संबंधित तरीकों का अध्ययन किया था।

इसके अलावा, जाँच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कथित रूप से सुनसान और एकांत स्थानों पर 8 अलग-अलग जगहों पर बम विस्फोट के परीक्षण किए थे। एटीएस अब इन स्थानों, इस्तेमाल की गई सामग्री और इन परीक्षणों के पीछे की कथित योजना की विस्तृत जाँच कर रही है।

डिजिटल सामग्री और वडोदरा कनेक्शन

एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने इंटरनेट के माध्यम से 43 कथित जिहादी किताबें डाउनलोड की थीं। इन डिजिटल सामग्रियों की फोरेंसिक जाँच की जा रही है ताकि आरोपियों की विचारधारा, संपर्कों और गतिविधियों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके।

एटीएस ने कोर्ट को यह भी बताया कि एक मुख्य संदिग्ध का वडोदरा के एक व्यक्ति से संपर्क होने की जानकारी सामने आई है। जाँच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के बीच किस प्रकार का संपर्क था और क्या यह किसी बड़ी साजिश की कड़ी है।

मेहसाणा मदरसे से संदिग्ध संबंध

मामले में मेहसाणा के खड़ियासन मदरसे से जुड़े संदिग्ध पहलुओं की भी जाँच की जा रही है। एटीएस को आशंका है कि कुछ आरोपियों की कथित गतिविधियाँ इस संस्थान से जुड़ी हो सकती हैं। हालाँकि, एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि जाँच अभी जारी है और सभी पहलुओं की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जा रही है।

आगे क्या होगा

कोर्ट का रिमांड पर फैसला आने के बाद एटीएस आरोपियों से विस्तृत पूछताछ करेगी। जाँच एजेंसी इस पूरे कथित नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने और संभावित अन्य सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है। यह मामला गुजरात में आतंकवाद-रोधी अभियान के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब जाँच में जम्मू-कश्मीर में हथियार प्रशिक्षण, रासायनिक गैस और बम परीक्षण जैसे आरोप एक साथ सामने आए हों। यह नेटवर्क यदि सिद्ध होता है, तो यह किसी स्थानीय घटना से कहीं अधिक, एक संगठित और बहु-राज्यीय साजिश की ओर इशारा करता है। हालाँकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि अभी तक के सभी आरोप 'कथित' हैं और अदालत में साबित होना बाकी है — इसलिए मदरसे जैसी संस्थाओं पर बिना पुष्टि के निष्कर्ष निकालना न्यायसंगत नहीं होगा। एटीएस की रिमांड अर्जी पर कोर्ट का फैसला इस मामले की दिशा तय करेगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात एटीएस ने किन 8 संदिग्धों को कोर्ट में पेश किया?
गुजरात एटीएस ने 17 जुलाई को 8 गिरफ्तार संदिग्ध आतंकवादियों को मेहसाणा जिले की कड़ी अदालत में पेश किया। इनमें से 5 की 10 दिनों की पुलिस रिमांड माँगी गई है ताकि कथित आतंकी नेटवर्क की विस्तृत जाँच की जा सके।
आरोपियों पर क्या-क्या आरोप हैं?
एटीएस के अनुसार, 2 संदिग्धों ने जम्मू-कश्मीर में AK-47 चलाने की ट्रेनिंग ली, आरोपियों ने कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनाने के तरीके सीखे, 8 एकांत स्थानों पर बम परीक्षण किए और इंटरनेट से 43 कथित जिहादी किताबें डाउनलोड कीं। ये सभी आरोप अभी कथित हैं और जाँच जारी है।
खड़ियासन मदरसे का इस मामले से क्या संबंध है?
एटीएस को आशंका है कि कुछ आरोपियों की कथित गतिविधियाँ मेहसाणा के खड़ियासन मदरसे से जुड़ी हो सकती हैं। हालाँकि, जाँच अभी जारी है और एजेंसी ने इस संबंध की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।
वडोदरा कनेक्शन क्या है?
एटीएस के अनुसार, एक मुख्य संदिग्ध का वडोदरा के एक व्यक्ति से संपर्क होने की जानकारी सामने आई है। जाँच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह संपर्क किसी बड़ी साजिश से जुड़ा था या नहीं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
कड़ी अदालत के रिमांड पर फैसले के बाद एटीएस आरोपियों से विस्तृत पूछताछ करेगी। जाँच एजेंसी पूरे कथित नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने और संभावित अन्य सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है।
राष्ट्र प्रेस
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