गुजरात एटीएस ने 8 संदिग्ध आतंकियों को कड़ी कोर्ट में पेश किया; AK-47 ट्रेनिंग और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनाने का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने 17 जुलाई को गिरफ्तार 8 संदिग्ध आतंकवादियों को मेहसाणा जिले की कड़ी अदालत में पेश किया। जांच एजेंसी ने कोर्ट से इनमें से 5 आरोपियों की 10 दिनों की पुलिस रिमांड माँगी है, यह कहते हुए कि कथित आतंकी नेटवर्क की गहराई से जाँच अभी बाकी है। एटीएस के अनुसार, इस मामले में कई गंभीर और संवेदनशील पहलू सामने आए हैं जिनकी पुष्टि की जानी है।
हथियार प्रशिक्षण और जहरीली गैस की तैयारी
एटीएस की प्रारंभिक जाँच में कथित तौर पर सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से दो संदिग्धों ने जम्मू-कश्मीर जाकर हथियार चलाने का प्रशिक्षण हासिल किया था। एजेंसी के अनुसार, इन दोनों ने एके-47 चलाने की ट्रेनिंग ली थी। इसके साथ ही, आरोपियों द्वारा खतरनाक कार्बन मोनोऑक्साइड गैस तैयार करने के तरीकों की जानकारी हासिल करने की बात भी सामने आई है।
यह ऐसे समय में आया है जब देश में सुरक्षा एजेंसियाँ कट्टरपंथी नेटवर्क पर पहले से कड़ी नज़र रखे हुए हैं। गौरतलब है कि कार्बन मोनोऑक्साइड एक रंगहीन और गंधहीन गैस है, जिसे सीमित स्थानों में हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
आतंकी दस्तावेज़ और बम परीक्षण के आरोप
जाँच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों के पास से कथित तौर पर 'अकील मुजाहिद कैसे करें' नामक एक दस्तावेज़ बरामद हुआ है, जिसमें आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ी करीब 40 कथित तकनीकें दर्ज थीं। एटीएस का कहना है कि आरोपियों ने इनमें से बम बनाने और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस तैयार करने से संबंधित तरीकों का अध्ययन किया था।
इसके अलावा, जाँच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कथित रूप से सुनसान और एकांत स्थानों पर 8 अलग-अलग जगहों पर बम विस्फोट के परीक्षण किए थे। एटीएस अब इन स्थानों, इस्तेमाल की गई सामग्री और इन परीक्षणों के पीछे की कथित योजना की विस्तृत जाँच कर रही है।
डिजिटल सामग्री और वडोदरा कनेक्शन
एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने इंटरनेट के माध्यम से 43 कथित जिहादी किताबें डाउनलोड की थीं। इन डिजिटल सामग्रियों की फोरेंसिक जाँच की जा रही है ताकि आरोपियों की विचारधारा, संपर्कों और गतिविधियों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके।
एटीएस ने कोर्ट को यह भी बताया कि एक मुख्य संदिग्ध का वडोदरा के एक व्यक्ति से संपर्क होने की जानकारी सामने आई है। जाँच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के बीच किस प्रकार का संपर्क था और क्या यह किसी बड़ी साजिश की कड़ी है।
मेहसाणा मदरसे से संदिग्ध संबंध
मामले में मेहसाणा के खड़ियासन मदरसे से जुड़े संदिग्ध पहलुओं की भी जाँच की जा रही है। एटीएस को आशंका है कि कुछ आरोपियों की कथित गतिविधियाँ इस संस्थान से जुड़ी हो सकती हैं। हालाँकि, एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि जाँच अभी जारी है और सभी पहलुओं की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जा रही है।
आगे क्या होगा
कोर्ट का रिमांड पर फैसला आने के बाद एटीएस आरोपियों से विस्तृत पूछताछ करेगी। जाँच एजेंसी इस पूरे कथित नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने और संभावित अन्य सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है। यह मामला गुजरात में आतंकवाद-रोधी अभियान के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।