3 जुलाई 2026
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गुजरात एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद के 8 संदिग्ध दबोचे, गुजरात-MP में एक साथ कार्रवाई

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गुजरात एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद के 8 संदिग्ध दबोचे, गुजरात-MP में एक साथ कार्रवाई

सारांश

गुजरात एटीएस ने 3 जुलाई 2026 को जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध रखने वाले 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिनमें 18 से 40 वर्ष के युवा शामिल हैं। गुजरात-मध्य प्रदेश में एक साथ हुई इस कार्रवाई में यूएपीए और बीएनएस की कई धाराएँ लगाई गई हैं।

मुख्य बातें

गुजरात एटीएस ने 3 जुलाई 2026 को प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध रखने वाले 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारियाँ गुजरात (बनासकांठा, पाटन, नवसारी) और मध्य प्रदेश (देवास) में एक साथ की गईं।
यूएपीए, 1967 की धाराएँ 13, 17, 18, 38, 39 और बीएनएस, 2023 की धाराएँ 148 व 61 के तहत मामला दर्ज।
आरोपियों में 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के लोग शामिल; दो मदरसों से भी संदिग्ध पकड़े गए।
एटीएस की जाँच जारी; नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश।
इस वर्ष जनवरी और पिछले वर्ष नवंबर में भी एटीएस ने आतंकी संबंधों के आरोप में अलग-अलग गिरफ्तारियाँ की थीं।

गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने 3 जुलाई 2026 को प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से कथित संबंध रखने वाले आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, ये सभी आरोपी गुजरात में जेईएम का सक्रिय नेटवर्क खड़ा करने और संगठन की आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की साजिश में शामिल थे। गिरफ्तारियाँ गुजरात और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों में एक साथ की गईं।

मामला दर्ज और कानूनी धाराएँ

एटीएस के अनुसार, विस्तृत जाँच के बाद गुरुवार को एटीएस पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 की धाराएँ 13, 17, 18, 38 और 39 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धाराएँ 148 और 61 के तहत मामला दर्ज किया गया। यूएपीए की ये धाराएँ आतंकी संगठनों की सदस्यता, धन संग्रह और षड्यंत्र से संबंधित हैं — जो इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करती हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

एटीएस ने गिरफ्तार आठों आरोपियों की पहचान सार्वजनिक की है। बनासकांठा जिले के पालनपुर शहर के भागल क्षेत्र से तीन आरोपी पकड़े गए: अहमद अब्दुल्ला गाजीवाला उर्फ अबू उबैदा (19 वर्ष), इब्राहिम मोहम्मद हुसैन घाघा उर्फ अबू हमजा (30 वर्ष) और मुदस्सिर अब्दुल्ला गाजीवाला उर्फ अबू आया (22 वर्ष)

पाटन जिले के सिद्धपुर स्थित खडियासणा की जामिया अबुल हसन मदरसा से दो आरोपी हिरासत में लिए गए: जकारिया दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा उर्फ इब्न अम्मार उर्फ जकारिया पालनपुरी (21 वर्ष) और मुफ्ती फौजान इस्माइल दौवा उर्फ मुफ्ती साहब (40 वर्ष)। इसी जिले से मोहम्मद अमीन शेरा उर्फ अमीन पालनपुरी (21 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया गया।

नवसारी जिले के चिखली के अंभेटा स्थित जामिया रहमानिया खंभिया से मोहम्मद अब्दुल रहमान सावदी उर्फ मोहम्मद पालनपुरी उर्फ अबू उनीसा (22 वर्ष) को पकड़ा गया। वहीं मध्य प्रदेश के देवास शहर के वारसी नगर से बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा उर्फ अबू दुजाना, अबू सुफियान, अबू जुंदाल और उमर बिन खत्ताब (18 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।

जाँच की स्थिति और आगे की कार्रवाई

एटीएस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जाँच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जाँच की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में आतंकवाद-रोधी अभियान लगातार तेज हो रहे हैं।

गुजरात एटीएस की पिछली बड़ी कार्रवाइयाँ

गौरतलब है कि इसी वर्ष जनवरी में एटीएस और नवसारी पुलिस ने उत्तर प्रदेश के एक 22 वर्षीय युवक को नवसारी से गिरफ्तार किया था। उस पर जिहादी साहित्य, पिस्तौल और कारतूस रखने तथा कट्टरपंथी प्रचार से जुड़े व्यक्ति के संपर्क में रहने का आरोप था। जाँच में उसके पास से कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद सहित प्रतिबंधित संगठनों के समर्थन से जुड़ी डिजिटल सामग्री बरामद हुई थी।

इसके अलावा, पिछले वर्ष नवंबर में गुजरात एटीएस ने गांधीनगर के अडालज से आईएसआईएस से कथित संबंध रखने वाले तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों के अनुसार, उस कार्रवाई में हथियार भी बरामद हुए थे और आरोप था कि संदिग्ध देश के विभिन्न हिस्सों में हमले की साजिश रच रहे थे। यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है जो बताती है कि गुजरात एटीएस राज्य में आतंकी नेटवर्क को व्यवस्थित रूप से तोड़ने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कट्टरपंथ की जड़ों तक पहुँचने की ज़रूरत को रेखांकित करता है। यूएपीए के तहत मामला दर्ज होना अभियोजन की मंशा को स्पष्ट करता है, लेकिन इस कानून के तहत ज़मानत मिलना अत्यंत कठिन होता है — इसलिए अदालत में आरोप साबित करने की जवाबदेही भी उतनी ही बड़ी है। जाँच एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि साक्ष्य अदालती कसौटी पर खरे उतरें, अन्यथा ऐसी बड़ी कार्रवाइयाँ कानूनी चुनौतियों में उलझ सकती हैं।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद के किन संदिग्धों को गिरफ्तार किया?
गुजरात एटीएस ने 3 जुलाई 2026 को जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध रखने वाले 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिनमें बनासकांठा, पाटन और नवसारी जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के देवास के निवासी शामिल हैं। आरोपियों की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच है।
इस मामले में कौन-सी कानूनी धाराएँ लगाई गई हैं?
मामले में यूएपीए, 1967 की धाराएँ 13, 17, 18, 38 और 39 तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराएँ 148 और 61 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यूएपीए की ये धाराएँ आतंकी संगठन की सदस्यता, धन संग्रह और आतंकी षड्यंत्र से संबंधित हैं।
क्या गुजरात एटीएस ने पहले भी ऐसी कार्रवाई की है?
हाँ, इसी वर्ष जनवरी में एटीएस ने नवसारी से उत्तर प्रदेश के एक 22 वर्षीय युवक को जिहादी साहित्य और हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। पिछले वर्ष नवंबर में गांधीनगर के अडालज से आईएसआईएस से कथित संबंध रखने वाले तीन संदिग्धों को भी पकड़ा गया था।
गिरफ्तार संदिग्धों पर क्या आरोप हैं?
एटीएस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी गुजरात में जैश-ए-मोहम्मद का सक्रिय नेटवर्क तैयार कर संगठन की आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की साजिश रच रहे थे। हालाँकि ये आरोप अभी कथित हैं और अदालत में साबित होना बाकी है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
एटीएस के अनुसार जाँच अभी जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की जाँच की जा रही है। यूएपीए के तहत आरोपियों की ज़मानत कठिन होती है, इसलिए मामला न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में बढ़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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