गुजरात ATS ने संदिग्ध JeM मॉड्यूल में 5 और गिरफ्तार किए, कुल संख्या 13 हुई
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने 17 जुलाई 2026 को पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े कथित मॉड्यूल की जांच में पाँच और संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 13 हो गई है — इससे पहले 3 जुलाई को शुरू हुए अभियान में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया था।
कौन हैं नए गिरफ्तार आरोपी
ATS के अनुसार, नई गिरफ्तारियों में बिलाल आबिद शेरा, मोहम्मद अय्यूब कदीवाल उर्फ मोहम्मद खदियासन, मोहम्मद शफी मुखी उर्फ शफी चापी, मोहम्मद हसन करादिया उर्फ हसन हैदरपुरी और मोहम्मद अय्यूब सुनासरा उर्फ मोहम्मद खली शामिल हैं। एजेंसी का दावा है कि ये पाँचों गुजरात के अलग-अलग जिलों के निवासी हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "दो दिन पहले ATS ने इस मामले में कई लोगों से पूछताछ की थी। गिरफ्तार किए गए ये पाँचों आरोपी भी उन्हीं में शामिल थे।"
जांच का आधार और आरोप
ATS के मुताबिक, नई गिरफ्तारियाँ पहले पकड़े गए आरोपियों से पुलिस रिमांड के दौरान हुई पूछताछ और उससे मिले सबूतों के आधार पर की गई हैं। एजेंसी का आरोप है कि नए गिरफ्तार आरोपी पहले की गिरफ्तारियों में शामिल व्यक्तियों के साथ मिलकर विस्फोटक उपकरणों का परीक्षण करने में शामिल थे।
एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि कथित मॉड्यूल का उद्देश्य गुजरात में प्रतिबंधित संगठन का सक्रिय नेटवर्क तैयार करना, नए सदस्यों की भर्ती करना, JeM की विचारधारा का प्रचार करना और पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के संपर्क में रहना था। आरोपों में यह भी शामिल है कि कुछ संदिग्धों ने JeM के साहित्य का गुजराती भाषा में अनुवाद किया।
जब्त सामग्री और कानूनी धाराएँ
जांच के शुरुआती चरण में ATS ने 254 प्रकार की सामग्री जब्त की थी, जिनमें JeM के कथित झंडे और डिजिटल सामग्री शामिल हैं। मामला गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि 3 जुलाई को पहले चरण में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में सात गुजरात के और एक मध्य प्रदेश का निवासी था। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा एजेंसियाँ पाकिस्तान समर्थित संगठनों द्वारा पश्चिमी भारत में नेटवर्क विस्तार की कोशिशों को लेकर पहले से सतर्क हैं।
आगे क्या होगा
ATS का कहना है कि जांच अभी जारी है और इस मॉड्यूल की गतिविधियों, इसके संपर्कों और कथित योजनाओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है। जब्त सामग्री की फोरेंसिक जांच के नतीजे और आरोपियों पर लगाए गए आरोपों से जुड़ी अधिक जानकारी जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आने की उम्मीद है। जैसे-जैसे अदालती प्रक्रिया शुरू होगी, मामले की पूरी तस्वीर और स्पष्ट होगी।