17 जुलाई 2026
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बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए की जीत तय — डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव का दावा, परिसीमन और खाली खजाने के आरोपों पर भी पलटवार

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बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए की जीत तय — डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव का दावा, परिसीमन और खाली खजाने के आरोपों पर भी पलटवार

सारांश

बांकीपुर सीट तीन दशकों से भाजपा का गढ़ है — और नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद हुए इस्तीफे से उपजे उपचुनाव में डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव ने एनडीए की जीत का दावा ठोका है। विपक्ष के खजाना-खाली और परिसीमन विरोध के आरोपों को उन्होंने सीधे खारिज किया।

मुख्य बातें

बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 17 जुलाई 2026 को बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए की जीत का दावा किया।
बांकीपुर सीट पर भाजपा का कब्जा करीब तीन दशकों से है; नवीन किशोर सिन्हा ने 1995 , 2000 और 2005 में लगातार तीन बार जीत हासिल की थी।
नितिन नवीन के भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद विधायक पद से इस्तीफे के कारण उपचुनाव आवश्यक हुआ।
डिप्टी सीएम ने विपक्ष के सरकारी खजाना खाली होने के आरोपों को बेबुनियाद बताया और विकास कार्यों का हवाला दिया।
परिसीमन विधेयक को 'सतत प्रक्रिया' बताते हुए विपक्षी विरोध को खारिज किया।
राजद नेता मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे पर टिप्पणी करने से उन्होंने इनकार किया।

बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 17 जुलाई 2026 को पटना में स्पष्ट किया कि आगामी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जीत सुनिश्चित है। विपक्ष के कई मोर्चों पर लगाए गए आरोपों — राज्य के खजाने के खाली होने से लेकर प्रस्तावित परिसीमन विधेयक तक — पर उन्होंने तीखा जवाब दिया।

बांकीपुर: तीन दशकों का भाजपा गढ़

बांकीपुर विधानसभा सीट पिछले करीब तीन दशकों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का अभेद्य किला रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता नवीन किशोर सिन्हा ने 1995, 2000 और 2005 में लगातार तीन बार इस सीट से जीत हासिल की थी।

उनके निधन के बाद 2006 के उपचुनाव में उनके पुत्र नितिन नवीन ने इसी सीट से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और सीट को भाजपा का गढ़ बनाए रखा। हाल ही में नितिन नवीन के भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके चलते यह उपचुनाव आवश्यक हो गया।

एनडीए की जीत का दावा

उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा, 'यह सीट पहले से एनडीए की है और इस उपचुनाव में भी एनडीए ही जीत दर्ज करेगी।' उन्होंने इस सीट के ऐतिहासिक राजनीतिक रुझान को अपने दावे का आधार बताया।

सरकारी खजाने पर विपक्ष के आरोपों का जवाब

विपक्ष द्वारा राज्य सरकार के खजाने के खाली होने के आरोपों को बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, 'विपक्ष के पास उठाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वह इस तरह की बातें करता रहता है। अगर सरकारी खजाना खाली होता, तो इतने विकास कार्य कैसे हो रहे होते।'

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में कई बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ चल रही हैं और विपक्ष वित्तीय कुप्रबंधन के आरोप लगाता रहा है।

परिसीमन विधेयक पर विपक्ष को चुनौती

प्रस्तावित परिसीमन विधेयक के विरोध पर उपमुख्यमंत्री ने कहा, 'परिसीमन एक सतत प्रक्रिया है। विपक्ष हर बात का विरोध करता है और कहता है कि ऐसा नहीं होना चाहिए, लेकिन सिर्फ विपक्ष के कह देने से चीजें रुक नहीं जातीं।' आलोचकों का कहना है कि परिसीमन से कुछ निर्वाचन क्षेत्रों के समीकरण बदल सकते हैं, जो विपक्षी दलों की चिंता का मुख्य कारण है।

राजद नेता के इस्तीफे पर चुप्पी

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देने से उन्होंने परहेज किया। बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा, 'यह उनकी पार्टी का आंतरिक मामला है। मुझे इसकी जानकारी नहीं है, इसलिए मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।'

बांकीपुर उपचुनाव की तारीख की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन सियासी सरगर्मी पहले ही तेज हो चुकी है और सभी दलों ने अपनी-अपनी तैयारियाँ शुरू कर दी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उपचुनाव अक्सर सत्तारूढ़ दल के लिए अप्रत्याशित परीक्षा बन जाते हैं — खासकर तब जब स्थानीय असंतोष या विपक्षी एकजुटता हो। डिप्टी सीएम का आत्मविश्वास स्वाभाविक है, पर परिसीमन और वित्तीय कुप्रबंधन के आरोपों को महज 'विपक्षी शोर' कहकर टालना उन मुद्दों को जन-विमर्श से बाहर नहीं करता। असली सवाल यह है कि क्या एनडीए इस सीट पर नितिन नवीन जैसा व्यक्तिगत जनाधार रखने वाला कोई उम्मीदवार उतार पाएगी, या पार्टी की साख पर भरोसा करेगी।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव क्यों हो रहा है?
भाजपा नेता नितिन नवीन के भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद विधायक पद से इस्तीफा देने के कारण बांकीपुर सीट रिक्त हो गई, जिससे यह उपचुनाव अनिवार्य हो गया।
बांकीपुर सीट का राजनीतिक इतिहास क्या है?
बांकीपुर विधानसभा सीट पिछले करीब तीन दशकों से भाजपा का मजबूत गढ़ रही है। नवीन किशोर सिन्हा ने 1995, 2000 और 2005 में लगातार तीन बार जीत हासिल की, और उनके निधन के बाद 2006 से उनके पुत्र नितिन नवीन इस सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे।
बिहार सरकार के खजाने पर विपक्ष के आरोप क्या हैं?
विपक्ष का आरोप है कि राज्य सरकार का खजाना खाली है। उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इसे निराधार बताते हुए कहा कि जारी विकास कार्य इन आरोपों को गलत साबित करते हैं।
बिहार में प्रस्तावित परिसीमन विधेयक का विरोध क्यों हो रहा है?
विपक्षी दल परिसीमन विधेयक का विरोध कर रहे हैं, जिसके बारे में आलोचकों का कहना है कि इससे कुछ निर्वाचन क्षेत्रों के राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। डिप्टी सीएम ने इसे एक सतत संवैधानिक प्रक्रिया बताते हुए विरोध को अनुचित करार दिया।
राजद नेता मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे पर सरकार की क्या प्रतिक्रिया है?
उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया और इसे राजद का आंतरिक मामला बताया।
राष्ट्र प्रेस
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