17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अवैध रेत खनन: ईडी की बिहार-दिल्ली-राजस्थान में 8 जगह छापेमारी, महादेव एन्क्लेव पर ₹131 करोड़ के खनन का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अवैध रेत खनन: ईडी की बिहार-दिल्ली-राजस्थान में 8 जगह छापेमारी, महादेव एन्क्लेव पर ₹131 करोड़ के खनन का आरोप

सारांश

ईडी पटना ने बिहार के बांका जिले में अवैध रेत खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक साथ 8 जगह छापेमारी की। राजस्थान के चांडक परिवार की कंपनी महादेव एन्क्लेव पर ₹131 करोड़ से अधिक के अवैध खनन का आरोप है। आईआईटी पटना की जियोस्पेशियल रिपोर्ट इस जाँच की आधारशिला बनी।

मुख्य बातें

ईडी पटना ने 17 जुलाई 2026 को बिहार, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में 8 स्थानों पर छापेमारी की।
महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड पर वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच ₹131 करोड़ से अधिक के अवैध रेत खनन का आरोप।
कंपनी को गंगानगर (राजस्थान) के अशोक चांडक और उनके बेटे राघव चांडक संचालित करते हैं।
आईआईटी पटना ने 1 अक्टूबर 2024 को बांका के रेत घाटों का जियोस्पेशियल विश्लेषण किया, जो जाँच का मुख्य आधार बना।
ईडी की सूचना पर बिहार सरकार के खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने प्राथमिकी दर्ज की।
मामले की जाँच जारी है; दस्तावेज़ और साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), पटना ने बिहार के बांका जिले में अवैध रेत खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 17 जुलाई 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में कुल 8 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ है, जिस पर वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच ₹131 करोड़ से अधिक मूल्य की रेत अवैध रूप से निकालने का आरोप है।

छापेमारी का विस्तार और दायरा

ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत यह तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी की गई जगहों में बांका और पटना (बिहार), दिल्ली में एक स्थान, गंगानगर (राजस्थान) में चार और जयपुर (राजस्थान) में एक स्थान शामिल हैं। ईडी अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान मामले से जुड़े दस्तावेज़ों और अन्य साक्ष्यों की गहन जाँच की जा रही है।

कंपनी और आरोपी परिवार की पहचान

जाँच में सामने आया है कि महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड का नियंत्रण राजस्थान के गंगानगर के चांडक परिवार के पास है। कंपनी को अशोक चांडक और उनके बेटे राघव चांडक संचालित करते हैं। आरोप है कि इस कंपनी ने बांका जिले में नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर रेत का दोहन किया।

आईआईटी पटना की रिपोर्ट ने खोला राज़

ईडी पटना ने 1 अक्टूबर 2024 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), पटना से बांका जिले की नदियों के रेत घाटों का जियोस्पेशियल (भौगोलिक-स्थानिक) विश्लेषण कराने का अनुरोध किया था। आईआईटी पटना की रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित कंपनी ने वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच नियमों का उल्लंघन करते हुए जितनी रेत निकाली, उसका अनुमानित मूल्य ₹131 करोड़ से अधिक है। यह रिपोर्ट ईडी की जाँच में अहम आधार बनी।

सरकारी तंत्र पर भी सवाल

जाँच में यह भी सामने आया है कि बिहार के खनन विभाग ने कथित तौर पर इस अवैध खनन की जानकारी समय पर नहीं दी और न ही प्रभावी कार्रवाई की। ईडी ने यह जानकारी पीएमएलए की धारा 66(2) के तहत बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड, पटना के प्रबंध निदेशक के साथ साझा की, जिसके बाद बिहार सरकार के खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की।

आगे की कार्रवाई

फिलहाल इस मामले की जाँच जारी है और ईडी सभी 8 स्थानों से बरामद दस्तावेज़ों की पड़ताल कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में गिरफ्तारी और संपत्ति कुर्की जैसे अगले कदम उठाए जा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह संकेत देता है कि ज़मीनी निगरानी तंत्र कितना कमज़ोर है। असली सवाल यह है कि क्या इस छापेमारी के बाद राज्य में खनन की निगरानी व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार होगा, या यह कार्रवाई महज एक व्यक्ति या परिवार तक सिमट कर रह जाएगी।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने अवैध रेत खनन मामले में किन जगहों पर छापेमारी की?
ईडी ने बिहार के बांका और पटना, दिल्ली में एक स्थान, राजस्थान के गंगानगर में चार और जयपुर में एक स्थान — कुल 8 जगहों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई पीएमएलए, 2002 की धारा 17 के तहत की गई।
महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड पर क्या आरोप हैं?
महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड पर बिहार के बांका जिले में वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच ₹131 करोड़ से अधिक मूल्य की रेत अवैध रूप से निकालने का आरोप है। यह कंपनी राजस्थान के गंगानगर के चांडक परिवार द्वारा संचालित है।
आईआईटी पटना की रिपोर्ट इस मामले में क्यों अहम है?
ईडी पटना ने 1 अक्टूबर 2024 को आईआईटी पटना से बांका जिले के रेत घाटों का जियोस्पेशियल विश्लेषण कराया था। इस रिपोर्ट ने वैज्ञानिक तरीके से यह साबित किया कि कंपनी ने किस मात्रा में और कहाँ-कहाँ नियमों का उल्लंघन करते हुए रेत निकाली।
बिहार सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाए?
ईडी ने पीएमएलए की धारा 66(2) के तहत यह जानकारी बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के साथ साझा की। इसके बाद बिहार सरकार के खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल ईडी की जाँच जारी है और छापेमारी में मिले दस्तावेज़ों व साक्ष्यों की पड़ताल हो रही है। मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में ईडी की सामान्य प्रक्रिया के तहत संपत्ति कुर्की और गिरफ्तारी जैसे अगले कदम संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले