अवैध रेत खनन: ईडी की बिहार-दिल्ली-राजस्थान में 8 जगह छापेमारी, महादेव एन्क्लेव पर ₹131 करोड़ के खनन का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), पटना ने बिहार के बांका जिले में अवैध रेत खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 17 जुलाई 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में कुल 8 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ है, जिस पर वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच ₹131 करोड़ से अधिक मूल्य की रेत अवैध रूप से निकालने का आरोप है।
छापेमारी का विस्तार और दायरा
ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत यह तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी की गई जगहों में बांका और पटना (बिहार), दिल्ली में एक स्थान, गंगानगर (राजस्थान) में चार और जयपुर (राजस्थान) में एक स्थान शामिल हैं। ईडी अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान मामले से जुड़े दस्तावेज़ों और अन्य साक्ष्यों की गहन जाँच की जा रही है।
कंपनी और आरोपी परिवार की पहचान
जाँच में सामने आया है कि महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड का नियंत्रण राजस्थान के गंगानगर के चांडक परिवार के पास है। कंपनी को अशोक चांडक और उनके बेटे राघव चांडक संचालित करते हैं। आरोप है कि इस कंपनी ने बांका जिले में नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर रेत का दोहन किया।
आईआईटी पटना की रिपोर्ट ने खोला राज़
ईडी पटना ने 1 अक्टूबर 2024 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), पटना से बांका जिले की नदियों के रेत घाटों का जियोस्पेशियल (भौगोलिक-स्थानिक) विश्लेषण कराने का अनुरोध किया था। आईआईटी पटना की रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित कंपनी ने वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच नियमों का उल्लंघन करते हुए जितनी रेत निकाली, उसका अनुमानित मूल्य ₹131 करोड़ से अधिक है। यह रिपोर्ट ईडी की जाँच में अहम आधार बनी।
सरकारी तंत्र पर भी सवाल
जाँच में यह भी सामने आया है कि बिहार के खनन विभाग ने कथित तौर पर इस अवैध खनन की जानकारी समय पर नहीं दी और न ही प्रभावी कार्रवाई की। ईडी ने यह जानकारी पीएमएलए की धारा 66(2) के तहत बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड, पटना के प्रबंध निदेशक के साथ साझा की, जिसके बाद बिहार सरकार के खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल इस मामले की जाँच जारी है और ईडी सभी 8 स्थानों से बरामद दस्तावेज़ों की पड़ताल कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में गिरफ्तारी और संपत्ति कुर्की जैसे अगले कदम उठाए जा सकते हैं।