17 जुलाई 2026
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शेखपुरा जनता दरबार: 43 फरियादियों की सुनवाई, DM शेखर आनंद ने दिए त्वरित समाधान के निर्देश

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शेखपुरा जनता दरबार: 43 फरियादियों की सुनवाई, DM शेखर आनंद ने दिए त्वरित समाधान के निर्देश

सारांश

बिहार के शेखपुरा में 'सबका सम्मान, जीवन आसान' कार्यक्रम के तहत जनता दरबार में 43 फरियादी पहुँचे। DM शेखर आनंद ने जमीन विवाद, पेंशन और राशन जैसी समस्याओं पर अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

17 जुलाई को शेखपुरा समाहरणालय में जनता दरबार का आयोजन हुआ, जिसमें 43 आवेदन प्राप्त हुए।
जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने सभी मामलों पर संज्ञान लेते हुए तय समय-सीमा में समाधान के निर्देश दिए।
सबसे अधिक मामले जमीन विवाद , पेंशन , सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े रहे।
पिंजड़ी गाँव के रमाकांत सिंह की जन वितरण प्रणाली में कम राशन की शिकायत पर जाँच के आदेश दिए गए।
लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
दरबार ' सबका सम्मान, जीवन आसान ' कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया।

बिहार के शेखपुरा जिले के समाहरणालय स्थित जिला पदाधिकारी कार्यालय में शुक्रवार, 17 जुलाई को 'जनता दरबार' का आयोजन हुआ, जिसमें दूरदराज के गाँवों से 43 फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुँचे। जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में आयोजित इस दरबार में बुजुर्गों और जरूरतमंदों की संख्या सबसे अधिक रही। सभी 43 आवेदनों पर संज्ञान लेते हुए डीएम ने संबंधित अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य घटनाक्रम

'सबका सम्मान, जीवन आसान' कार्यक्रम के तहत आयोजित इस जनता दरबार में जिला पदाधिकारी ने प्रत्येक फरियादी की बात व्यक्तिगत रूप से सुनी और उनकी समस्याओं का विवरण दर्ज किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

शेखर आनंद ने कहा कि प्रशासन का मूल उद्देश्य आम जनता को समय पर न्याय दिलाना और सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाना है, तथा जिला प्रशासन इस दिशा में पूरी गंभीरता के साथ कार्यरत है।

किन मुद्दों पर आए सबसे अधिक आवेदन

जनता दरबार में प्राप्त 43 आवेदनों में सबसे अधिक मामले जमीन विवाद, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े रहे। पिंजड़ी गाँव के रमाकांत सिंह ने जन वितरण प्रणाली के तहत कम राशन मिलने की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर डीएम ने संबंधित अधिकारी को जाँच कर शीघ्र रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।

इसके अलावा जमीन की मापी, खाता-खसरा व क्षेत्रफल दर्ज कराने, भू-राजस्व विवाद, अवैध कब्जे की रोकथाम, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, ट्राईसाइकिल उपलब्धता और चांदनी पटेल को परवरिश योजना का लाभ दिलाने से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए।

बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामले

जनता दरबार में नए चापाकल लगाने, सिंचाई के लिए बिजली के खंभे और तार उपलब्ध कराने, विद्यालय में खेल मैदान के निर्माण, प्राथमिकी दर्ज कराने और आम रास्तों से अवरोध हटाने को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मृत्यु प्रमाण पत्र, शिक्षा ऋण योजना, ऋण माफी और भरण-पोषण से जुड़े मामलों पर भी त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए गए।

लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने लंबित आवेदनों में देरी को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी आवेदनों का निपटारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से और निर्धारित समय-सीमा के भीतर होना चाहिए।

मौके पर उपस्थित अधिकारी

जनता दरबार में अपर समाहर्ता (जाँच) संजय कुमार, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सह जनता दरबार प्रभारी धर्मेंद्र कुमार सहित जिला स्तर के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। मौके पर समस्याओं के समाधान की पहल से आम नागरिकों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ता दिख रहा है। आने वाले हफ्तों में इन आवेदनों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा जिला स्तर पर की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इन 43 आवेदनों पर वास्तव में कितनी जल्दी और कितनी गुणवत्ता के साथ कार्रवाई होती है। बिहार में जमीन विवाद और पेंशन के मामले दशकों से लंबित रहने की प्रवृत्ति रही है — एक दरबार में निर्देश देना और उनका जमीन पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना दो अलग बातें हैं। लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी तब तक प्रभावी नहीं होगी जब तक अनुपालन की निगरानी के लिए कोई पारदर्शी तंत्र न हो।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शेखपुरा जनता दरबार में कितने आवेदन आए और किन मुद्दों पर?
17 जुलाई को आयोजित जनता दरबार में कुल 43 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सबसे अधिक मामले जमीन विवाद, वृद्धावस्था व दिव्यांग पेंशन, जन वितरण प्रणाली और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े थे।
जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने जनता दरबार में क्या निर्देश दिए?
DM शेखर आनंद ने सभी आवेदनों पर तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
रमाकांत सिंह की राशन से जुड़ी शिकायत पर क्या हुआ?
पिंजड़ी गाँव के रमाकांत सिंह ने जन वितरण प्रणाली के तहत कम राशन मिलने की शिकायत की। जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को जाँच कर शीघ्र रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
जनता दरबार किस कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया था?
यह जनता दरबार 'सबका सम्मान, जीवन आसान' कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।
जनता दरबार में कौन-कौन से अधिकारी उपस्थित थे?
दरबार में अपर समाहर्ता (जाँच) संजय कुमार, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सह जनता दरबार प्रभारी धर्मेंद्र कुमार सहित जिला स्तर के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
राष्ट्र प्रेस
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