शेखपुरा में सड़क सुरक्षा: DM शेखर आनंद ने NH पर अतिक्रमण हटाने और VLTD जाँच के दिए सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
शेखपुरा जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में 27 जून 2026 को समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई। राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात को सुरक्षित बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से इस बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को ठोस निर्देश दिए गए।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक में जिला पदाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को आवश्यक स्थानों पर भारी वाहनों के लिए 'ले-बाय' यानी सुरक्षित पार्किंग स्थल विकसित करने की कार्रवाई तेज़ करने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों के सुरक्षित ठहराव की समुचित व्यवस्था से यातायात सुचारू रहेगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी घटेगी।
इसके साथ ही NHAI और NH-333A के हाईवे स्ट्रेच पर अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को नियमित विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। शेखर आनंद ने स्पष्ट कहा कि सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण न केवल यातायात में बाधा डालते हैं, बल्कि ये दुर्घटनाओं का बड़ा कारण भी बनते हैं।
पेट्रोल पंप संचालकों की समस्याएँ और समाधान
बैठक में पेट्रोल पंप संचालकों और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। यह कदम हाईवे पर सुविधाओं की उपलब्धता और सुरक्षा दोनों के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अतिक्रमण हटाओ अभियान की सराहना
जिला पदाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी द्वारा शेखपुरा और बरबीघा नगर परिषद क्षेत्रों में नियमित रूप से चलाए जा रहे 'अतिक्रमण हटाओ अभियान' की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सर्विलांस और VLTD जाँच के निर्देश
शेखर आनंद ने सर्विलांस टीम को राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार भ्रमणशील रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वाहनों में 'व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD)' सहित अन्य सड़क सुरक्षा मानकों की नियमित जाँच की जाए। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने पर भी ज़ोर दिया गया।
रोड साइनेज और आगे की राह
बैठक में सार्वजनिक सड़कों, राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर रोड साइनेज सही स्थानों पर स्थापित करने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिला पदाधिकारी ने कहा कि स्पष्ट और सुव्यवस्थित संकेतक दुर्घटनाओं की रोकथाम में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब बिहार में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को लेकर प्रशासनिक स्तर पर चिंता बढ़ी है। आने वाले हफ्तों में अभियानों की प्रगति की समीक्षा अपेक्षित है।