13 अगस्त 2026
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एके शर्मा का राहुल गांधी पर हमला: 'गन्ना-मकई में फर्क नहीं, किसानों को कर रहे गुमराह'

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एके शर्मा का राहुल गांधी पर हमला: 'गन्ना-मकई में फर्क नहीं, किसानों को कर रहे गुमराह'

सारांश

उत्तर प्रदेश के मंत्री एके शर्मा ने ग्रेटर नोएडा में बायो एनर्जी सम्मेलन के मंच से राहुल गांधी पर हमला बोला — कहा कि वे गन्ना-मकई में फर्क नहीं जानते, फिर भी किसानों के हितैषी बनने का दावा करते हैं। सम्मेलन में ₹1,000 करोड़ का MOU भी हस्ताक्षरित हुआ।

मुख्य बातें

एके शर्मा ने 12 अगस्त 2026 को ग्रेटर नोएडा में राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे किसानों और युवाओं को राजनीतिक बयानबाजी से गुमराह कर रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी गन्ने और मकई के पौधे में अंतर नहीं कर सकते।
इंडिया बायो एनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026 के दौरान KIS और पारस ग्रुप के साथ ₹1,000 करोड़ के MOU पर हस्ताक्षर हुए।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा अनाज उत्पादक राज्य बताते हुए कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा निर्माण की संभावनाएँ रेखांकित कीं।
प्रदेश में घरेलू स्तर पर एक लाख छोटे बायोगैस संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य प्रस्तावित किया गया।

उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने 12 अगस्त 2026 को ग्रेटर नोएडा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि वे राजनीतिक बयानबाजी के ज़रिए देश के किसानों और युवाओं को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। शर्मा इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित इंडिया बायो एनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026 के दूसरे दिन के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

राहुल गांधी पर सीधा हमला

एके शर्मा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि राहुल गांधी गन्ने और मकई के पौधे में अंतर तक नहीं कर पाएंगे, ऐसे में उनसे किसानों और युवाओं के विकास की दिशा में ठोस सोच की उम्मीद रखना बेमानी है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी विश्वविद्यालय, IIT और IIM जैसे शब्दों की हिंदी में पूरी जानकारी देने में भी असमर्थ हैं। शर्मा के अनुसार, राहुल गांधी को युवाओं और किसानों को भ्रमित करने के बजाय विकास की बदलती तस्वीर को समझना चाहिए।

बायो एनर्जी सम्मेलन का संदर्भ

कार्यक्रम के प्रारंभ में अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) आशीष गोयल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश पढ़कर सुनाया। शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) उद्योग में किसानों को समृद्ध बनाने की व्यापक क्षमता है — कृषि अपशिष्ट को ऊर्जा में बदलकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को रेखांकित किया।

कृषि मंत्री और अन्य नेताओं की भागीदारी

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा अनाज उत्पादक राज्य है और यहाँ सर्वाधिक कृषि अपशिष्ट उपलब्ध है, जिसे नवाचार के ज़रिए ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से हरित ऊर्जा के माध्यम से प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताएँ पूरी की जा सकती हैं। ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत और गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कृषि के साथ पशुपालन को बढ़ावा देने और प्रदेश में घरेलू स्तर पर एक लाख छोटे बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

₹1,000 करोड़ का एमओयू और अन्य उपलब्धियाँ

सम्मेलन के दौरान KIS और पारस ग्रुप के साथ ₹1,000 करोड़ के समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा कई शोध पत्रिकाओं और कृषि साहित्य का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए प्रतिनिधि, विषय विशेषज्ञ और उद्यमियों ने बायो एनर्जी, CBG, कृषि अपशिष्ट के उपयोग, ग्रामीण रोज़गार और हरित ऊर्जा की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

आगे की राह

यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब उत्तर प्रदेश सरकार बायो एनर्जी क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने की दिशा में सक्रिय है। शर्मा ने बायो एनर्जी में निवेश करने वाले उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार उनके साथ पूरी मज़बूती से खड़ी है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे राजनीतिक मंचों पर विपक्ष पर हमला करना सत्तारूढ़ दल की परिचित रणनीति है, जबकि सरकार का तर्क है कि यह विकास बनाम बयानबाजी का वास्तविक अंतर उजागर करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ के MOU और एक लाख बायोगैस संयंत्रों का लक्ष्य ठोस घोषणाएँ हैं, लेकिन इनके क्रियान्वयन की समयसीमा और जवाबदेही तंत्र अभी स्पष्ट नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या CBG क्षेत्र में किसानों की आमदनी वास्तव में बढ़ेगी, या यह भी उन वादों की सूची में जुड़ेगा जो घोषणाओं से आगे नहीं बढ़ पाए।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एके शर्मा ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
उत्तर प्रदेश के मंत्री एके शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी गन्ने और मकई के पौधे में अंतर नहीं कर सकते और राजनीतिक बयानबाजी से किसानों व युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी IIT और IIM जैसे संस्थानों की हिंदी में पूरी जानकारी देने में असमर्थ हैं।
इंडिया बायो एनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026 कहाँ और कब आयोजित हुआ?
यह सम्मेलन 12 अगस्त 2026 को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित हुआ। यह एक्सपो का दूसरा दिन था, जिसमें देश-विदेश से प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और उद्यमी शामिल हुए।
सम्मेलन में कितने करोड़ का MOU हस्ताक्षरित हुआ और किनके बीच?
सम्मेलन के दौरान KIS और पारस ग्रुप के साथ ₹1,000 करोड़ के समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता बायो एनर्जी क्षेत्र में निवेश से संबंधित है।
उत्तर प्रदेश सरकार का बायोगैस के क्षेत्र में क्या लक्ष्य है?
ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत और गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने प्रदेश में घरेलू स्तर पर एक लाख छोटे बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की आवश्यकता बताई। इसका उद्देश्य किसानों की आमदनी बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर सृजित करना है।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सम्मेलन में क्या कहा?
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा अनाज उत्पादक राज्य है और यहाँ सर्वाधिक कृषि अपशिष्ट उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इस अपशिष्ट को नवाचार के ज़रिए ऊर्जा में बदलकर किसानों को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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