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कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा क्रांति: UP के ऊर्जा मंत्री AK शर्मा बोले — 'वेस्ट से वेल्थ' की पूरी रूपरेखा तैयार

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कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा क्रांति: UP के ऊर्जा मंत्री AK शर्मा बोले — 'वेस्ट से वेल्थ' की पूरी रूपरेखा तैयार

सारांश

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का दावा — UP में रोज़ निकलने वाले 2 लाख टन एग्री वेस्ट और 15,000 टन अर्बन वेस्ट को ऊर्जा में बदलने की पूरी रूपरेखा तैयार है। CBG उत्पादन में UP पहले से देश में अव्वल, और अब सरकार इस बढ़त को और मज़बूत करने में जुटी है।

मुख्य बातें

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने 11 अगस्त को ग्रेटर नोएडा में बायो एनर्जी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन की योजना की जानकारी दी।
अकेले उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन 2 लाख टन कृषि अपशिष्ट और 15,000 टन शहरी अपशिष्ट निकलता है।
CBG (कम्प्रेस्ड बायोगैस) उत्पादन में उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में पहले स्थान पर है।
इस पहल से शहरों में स्वच्छता, किसानों को आर्थिक लाभ और युवाओं को रोज़गार मिलने की संभावना।
राज्य सरकार बायो एनर्जी नीति को नया आकार देने की प्रक्रिया में है।

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने 11 अगस्त को ग्रेटर नोएडा में आयोजित बायो एनर्जी पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर कहा कि कृषि अपशिष्ट (एग्री वेस्ट) को ऊर्जा स्रोत के रूप में उपयोग करना भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए न केवल संभव है, बल्कि अनिवार्य भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार इस दिशा में नीति निर्धारण और क्रियान्वयन दोनों स्तरों पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।

मुख्य घोषणाएँ और मंत्री का बयान

मंत्री एके शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'एग्रीकल्चर से जो कचरा निकलता है, उससे कंचन बनाया जा सकता है।' उन्होंने रेखांकित किया कि जिस कृषि अपशिष्ट को पहले बेकार समझकर फेंक दिया जाता था, उससे अब ऊर्जा उत्पादन किया जा सकता है। उनके अनुसार, अकेले उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन 2 लाख टन कृषि अपशिष्ट और 15,000 टन शहरी अपशिष्ट निकलता है — जो बायो एनर्जी के लिए एक विशाल कच्चा माल है।

दोहरा लाभ: स्वच्छता और किसान समृद्धि

शर्मा ने इस पहल के दो प्रमुख लाभ गिनाए। पहला — शहरों में कूड़े के पहाड़ों की समस्या से मुक्ति मिलेगी और नगर स्वच्छ होंगे। दूसरा — किसानों को उनके अपशिष्ट के बदले आर्थिक लाभ मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।

CBG उत्पादन में उत्तर प्रदेश अव्वल

मंत्री ने दावा किया कि कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादन में उत्तर प्रदेश इस समय पूरे देश में पहले स्थान पर है। राज्य में सर्वाधिक CBG इकाइयाँ स्थापित हुई हैं और उत्पादन भी सबसे अधिक हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में भी यह शीर्ष स्थान बनाए रखा जाए।

नीति और आगे की राह

शर्मा के अनुसार, राज्य सरकार ने बायो एनर्जी क्षेत्र के लिए एक नीति पहले से निर्धारित की है, जिसे अब नया आकार दिया जा रहा है। यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्यों को पूरा करने का दबाव बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बायो एनर्जी क्षेत्र में निवेश न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करेगा, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोज़गार सृजन में भी सहायक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता में होगी। CBG उत्पादन में UP के 'नंबर वन' होने का दावा सत्यापन की माँग करता है — कितनी इकाइयाँ वास्तव में पूरी क्षमता पर चल रही हैं और किसानों को कितना वास्तविक लाभ मिल रहा है, यह आँकड़े अभी सार्वजनिक नहीं हैं। इसके अलावा, 2 लाख टन दैनिक अपशिष्ट को ऊर्जा में बदलने के लिए जिस संग्रह और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना की ज़रूरत है, उसकी वर्तमान स्थिति पर सरकार को और स्पष्टता देनी होगी।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बायो एनर्जी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ग्रेटर नोएडा में किस विषय पर था?
यह सम्मेलन कृषि और शहरी अपशिष्ट से बायो एनर्जी उत्पादन के विषय पर केंद्रित था। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इसमें राज्य की बायो एनर्जी नीति और CBG उत्पादन में UP की उपलब्धियों की जानकारी दी।
उत्तर प्रदेश में कितना कृषि और शहरी अपशिष्ट निकलता है?
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के अनुसार, उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन 2 लाख टन कृषि अपशिष्ट और 15,000 टन शहरी अपशिष्ट निकलता है। इन दोनों को बायो एनर्जी उत्पादन के लिए उपयोगी कच्चे माल के रूप में देखा जा रहा है।
CBG उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में कहाँ खड़ा है?
मंत्री एके शर्मा के दावे के अनुसार, कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादन में उत्तर प्रदेश फिलहाल पूरे देश में पहले स्थान पर है। राज्य में सर्वाधिक CBG इकाइयाँ स्थापित हैं और उत्पादन भी सबसे अधिक हो रहा है।
एग्री वेस्ट से बायो एनर्जी बनाने से किसे फायदा होगा?
इस पहल से तीन वर्गों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है — किसानों को उनके अपशिष्ट का आर्थिक मूल्य मिलेगा, शहरों में कूड़े की समस्या कम होगी, और युवाओं के लिए बायो एनर्जी क्षेत्र में रोज़गार के नए अवसर खुलेंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार बायो एनर्जी के लिए क्या नीति बना रही है?
मंत्री एके शर्मा के अनुसार, राज्य सरकार ने बायो एनर्जी के लिए नीति पहले ही निर्धारित की है और अब उसे नया आकार दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य CBG उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान बनाए रखना और इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना है।
राष्ट्र प्रेस
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