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उत्तर प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन में 40% वृद्धि, देश में बना नंबर वन

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उत्तर प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन में 40% वृद्धि, देश में बना नंबर वन

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन में ऐतिहासिक 40% वृद्धि की है, जिससे राज्य ने अन्य प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। यह वृद्धि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत का परिणाम है, जो आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन में 40% की वृद्धि की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों का परिणाम है।
महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।
उत्तर प्रदेश का कुल दुग्ध उत्पादन में योगदान 16% है।
2026 तक कंपनियों का कारोबार 5000 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।

लखनऊ, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की है। प्रदेश में पहले की स्थिति की तुलना में 40 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यूपी ने सबसे सशक्त स्थान ग्रहण किया है।

देश के कुल दुग्ध उत्पादन में पांच प्रमुख राज्यों की 54 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसमें अकेले उत्तर प्रदेश का योगदान 16 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा प्रदेश की बढ़ती ताकत और मजबूत डेयरी ढांचे का स्पष्ट उदाहरण है।

सीएम योगी के कार्यकाल में दुग्ध उत्पादन में जबरदस्त उछाल देखा गया है। वर्ष 2016-17 में जहां उत्पादन 277 लाख मीट्रिक टन था, वहीं वर्ष 2024-25 तक यह बढ़कर 388 लाख मीट्रिक टन के पार पहुंच गया है।

पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि करीब 40 प्रतिशत की यह वृद्धि प्रदेश में योजनाबद्ध विकास और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जमीनी स्तर पर किए गए ठोस प्रयासों का परिणाम है।

इस दुग्ध क्रांति की बड़ी ताकत ग्रामीण महिलाएं बनी हैं। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से लाखों महिलाएं डेयरी गतिविधियों में शामिल होकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। प्रदेश के 31 जिलों में महिला समूह प्रतिदिन करीब 10 लाख लीटर दूध का संग्रहण कर रहे हैं और लगभग 5,000 करोड़ रुपए

प्रदेश में पांच प्रमुख दुग्ध उत्पादक कंपनियों के माध्यम से करीब चार लाख महिला किसान जुड़ी हुई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। फरवरी 2026 तक इन कंपनियों का कुल कारोबार पांच हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना है।

बुंदेलखंड क्षेत्र में 'बलिनी एमपीसीएल', पूर्वांचल में 'काशी एमपीसीएल', अवध क्षेत्र में सामर्थ्य एमपीसीएल, गोरखपुर मंडल में श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीसीएल, तराई क्षेत्र में सृजन एमपीसीएल से जुड़कर महिलाएं रिकॉर्ड

पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार के कार्यकाल में पहली बार महिलाओं को इतने बड़े पैमाने पर आर्थिक मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाया गया है। दुग्ध उत्पादन में यह रिकॉर्ड वृद्धि न केवल आर्थिक मजबूती का संकेत है, बल्कि उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का भी प्रतीक बन गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं की सशक्तिकरण की ओर भी इंगित करता है। यह एक सकारात्मक बदलाव है जो प्रदेश की समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के मुख्य कारण क्या हैं?
मुख्य कारण योजनाबद्ध विकास, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ठोस प्रयास और ग्रामीण महिलाओं की सक्रिय भागीदारी हैं।
दुग्ध उत्पादन में यूपी का योगदान कितना है?
उत्तर प्रदेश का योगदान देश के कुल दुग्ध उत्पादन में लगभग 16 प्रतिशत है।
महिलाएं दुग्ध उत्पादन में कैसे सशक्त हो रही हैं?
महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत डेयरी गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
दुग्ध उत्पादन में यूपी की वृद्धि का आर्थिक प्रभाव क्या है?
यह वृद्धि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहायक है।
2026 तक दुग्ध उत्पादन कंपनियों का कारोबार कितना होगा?
फरवरी 2026 तक इन कंपनियों का कुल कारोबार लगभग 5000 करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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