27 सितंबर 2026
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कश्मीर क्राइम ब्रांच ने करोड़ों की जमीन धोखाधड़ी में फरार आरोपी सोमनाथ कौल को किया गिरफ्तार

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कश्मीर क्राइम ब्रांच ने करोड़ों की जमीन धोखाधड़ी में फरार आरोपी सोमनाथ कौल को किया गिरफ्तार

सारांश

कई साल से फरार और अलग-अलग पहचान छिपाने वाले आरोपी सोमनाथ कौल को कश्मीर ईओडब्ल्यू ने दबोचा। पाँच मामले, नकली पावर ऑफ अटॉर्नी और करोड़ों की जमीन ठगी — प्रवासी संपत्तियों को निशाना बनाने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच (ईओडब्ल्यू) ने 27 सितंबर 2026 को फरार आरोपी सोमनाथ कौल को गिरफ्तार किया।
आरोपी मूलतः बैंगलोर नॉर्थ, कर्नाटक का निवासी है और गिरफ्तारी के समय जम्मू के जानीपुर में छिपा था।
सोमनाथ कौल के खिलाफ कुल पाँच मामले दर्ज हैं — धोखाधड़ी, जालसाजी और नकली 'पावर ऑफ अटॉर्नी' के जरिये प्रवासियों की जमीन हड़पने के आरोप।
एक मामले में अनुपस्थिति में सीआरपीसी धारा 512 के तहत चार्जशीट दाखिल की जा चुकी थी।
इसी मामले में पिछले सप्ताह बडगाम के गुलाम मोहिउद्दीन डार को भी गिरफ्तार किया गया था।

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने 27 सितंबर 2026 को करोड़ों रुपये की जमीन धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी सोमनाथ कौल को गिरफ्तार कर लिया। श्रीनगर के सब-जज की अदालत के आदेशों के अनुपालन में की गई इस कार्रवाई से एक बहु-आरोपी धोखाधड़ी जाल में जाँच एजेंसी को बड़ी सफलता मिली है।

कौन है आरोपी सोमनाथ कौल

गिरफ्तार आरोपी सोमनाथ कौल, कैलाश नाथ कौल का पुत्र है। वह मूल रूप से 22-लोटस टॉवर, बैंगलोर नॉर्थ, कर्नाटक का निवासी है, हालाँकि गिरफ्तारी के समय वह जम्मू के जानीपुर में ठिकाना बनाए हुए था। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी कई वर्षों से फरार था और कथित तौर पर अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल करते हुए जाँच एजेंसियों की पकड़ से बचता रहा। उसे खोजने के लिए समय-समय पर सार्वजनिक सूचनाएँ भी जारी की गई थीं।

मुख्य आरोप और दर्ज मामले

क्राइम ब्रांच के अनुसार, सोमनाथ कौल के खिलाफ कुल पाँच मामले दर्ज हैं। इन मामलों में धोखाधड़ी, जालसाजी और नकली 'पावर ऑफ अटॉर्नी' तथा फर्जी बिक्री समझौतों के जरिये प्रवासियों की संपत्तियों से जुड़ी जमीन हड़पने के गंभीर आरोप शामिल हैं। एक मामले में आरोपी की अनुपस्थिति में सीआरपीसी की धारा 512 के तहत चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।

जाँच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर लोगों को जमीन खरीदने के लिए प्रेरित किया और लेनदेन के दौरान उनके साथ छल किया। अन्य आरोपियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिए जाने के आरोप जाँच में उभरे हैं।

विशेष टीम की कार्रवाई

अदालत के आदेशों को लागू करने के लिए ईओडब्ल्यू ने एक विशेष जाँच टीम गठित की थी। इस टीम ने निरंतर प्रयासों और विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए आरोपी का पता लगाने में सफलता हासिल की। गौरतलब है कि इसी मामले में पिछले सप्ताह बडगाम के समसन इलाके के ज्वालापोरा निवासी गुलाम मोहिउद्दीन डार को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

प्रवासी संपत्तियों पर असर

यह मामला जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी प्रवासियों की संपत्तियों की सुरक्षा से जुड़े व्यापक सरोकारों को उजागर करता है। यह ऐसे समय में आया है जब प्रशासन प्रवासी संपत्तियों के संरक्षण के लिए कानूनी तंत्र को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि नकली दस्तावेजों के जरिये संपत्ति हड़पने की ऐसी घटनाएँ प्रवासियों की घर-वापसी की राह में एक बड़ी बाधा बनी हुई हैं।

आगे की कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद आरोपी सोमनाथ कौल को अदालत में पेश किया जाएगा। ईओडब्ल्यू के सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और जाँच के दायरे के विस्तार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक संगठित नेटवर्क है। असली सवाल यह है कि इतने वर्षों की फरारी के दौरान उसे कितना संरक्षण मिला और प्रवासी संपत्तियों की निगरानी का तंत्र कहाँ चूका — इसका जवाब जाँच की दिशा तय करेगा।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कश्मीर क्राइम ब्रांच ने किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 27 सितंबर 2026 को सोमनाथ कौल को गिरफ्तार किया, जो करोड़ों रुपये की जमीन धोखाधड़ी के मामलों में वर्षों से फरार था। उस पर नकली पावर ऑफ अटॉर्नी और फर्जी बिक्री समझौतों के जरिये प्रवासियों की संपत्तियाँ हड़पने के आरोप हैं।
सोमनाथ कौल के खिलाफ कितने मामले दर्ज हैं?
सोमनाथ कौल के खिलाफ कश्मीर क्राइम ब्रांच में कुल पाँच मामले दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी और प्रवासी संपत्ति से जुड़ी जमीन ठगी के आरोप शामिल हैं, और एक मामले में उसकी अनुपस्थिति में सीआरपीसी धारा 512 के तहत चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है।
आरोपी इतने लंबे समय तक पकड़ से कैसे बचता रहा?
अधिकारियों के अनुसार, सोमनाथ कौल कथित तौर पर अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल करते हुए फरार रहा। जाँच एजेंसी ने उसे खोजने के लिए सार्वजनिक सूचनाएँ जारी कीं और अंततः एक विशेष टीम गठित कर उसे जम्मू के जानीपुर से गिरफ्तार किया।
इस मामले में पहले कौन गिरफ्तार हुआ था?
सोमनाथ कौल की गिरफ्तारी से पहले पिछले सप्ताह बडगाम के समसन इलाके के ज्वालापोरा निवासी गुलाम मोहिउद्दीन डार को उसी मामले में गिरफ्तार किया गया था। जाँच में उसकी भी इस धोखाधड़ी नेटवर्क में संलिप्तता पाई गई।
प्रवासी संपत्ति धोखाधड़ी के ये मामले कश्मीर में क्यों गंभीर माने जाते हैं?
कश्मीरी प्रवासियों की संपत्तियों की सुरक्षा एक संवेदनशील और दीर्घकालिक मुद्दा है। नकली दस्तावेजों से जमीन हड़पे जाने की घटनाएँ प्रवासियों की घर-वापसी की राह में बाधा बनती हैं और कानूनी विश्वास को कमज़ोर करती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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