जम्मू-कश्मीर EOW ने नकली 'ग्लो पोटाश' बेचने के मामले में सोपोर-पुलवामा के दो आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल की
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 25 जून 2025 को धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और नकली कृषि उत्पाद बेचने के आरोप में दो आरोपियों के खिलाफ सोपोर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चार्जशीट दाखिल की। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कश्मीर के बागवानों और बागवानी करने वालों को नकली 'ग्लो पोटाश' कृषि उत्पाद बेचकर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुँचाया और खुद अवैध लाभ कमाया।
मुख्य आरोपी कौन हैं
चार्जशीट में नामजद दोनों आरोपी हैं — शाहबाज अहमद भट, निवासी सोपोर, और खुर्शीद अहमद मीर, निवासी राजपोरा, पुलवामा। दोनों पर भारतीय दंड संहिता के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और नकली कृषि उत्पाद वितरण के आरोप लगाए गए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
कश्मीर में नकली 'ग्लो पोटाश' कृषि उत्पादों के कथित वितरण की शिकायत पुलिस को मिली थी, जिसके बाद मामला ईओडब्ल्यू को सौंपा गया। ईओडब्ल्यू की विस्तृत जांच के बाद यह चार्जशीट दाखिल की गई। गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में सेब और अन्य बागवानी फसलें किसानों की आजीविका का मुख्य आधार हैं, और नकली कृषि उत्पादों से उनकी फसल को भारी नुकसान पहुँच सकता है।
ACB की अलग कार्रवाई: कुपवाड़ा विकास घोटाला
इसी दौरान, जम्मू-कश्मीर एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बारामूला के एंटी-करप्शन स्पेशल जज की अदालत में एक अलग मामले में चार्जशीट दाखिल की। इसमें कुपवाड़ा जिले के लोलाब/लालपोरा ब्लॉक में ग्रामीण विकास विभाग के तहत किए गए विकास कार्यों में सरकारी धन के गबन का आरोप है। एसीबी के बयान के अनुसार, एक पूर्व ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ), एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और पाँच अन्य — कुल छह सरकारी कर्मचारी और एक ठेकेदार — इस मामले में आरोपी हैं।
विकास घोटाले में क्या-क्या गड़बड़ियाँ मिलीं
एसीबी की जांच में 'मार्गी डाइवर (करिवां) फेज-1 में सरबंद का निर्माण' और 'डाइवर-बी में मछली पालन तालाब का निर्माण' जैसे कार्यों में गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुईं। जांच के अनुसार, आरोपियों ने गलत माप दर्ज करने, ऐसे कार्यों के लिए भुगतान लेने जो कभी हुए ही नहीं, आवश्यक अनुमति के बिना वन भूमि पर काम करने और घटिया कार्य के बदले भुगतान जारी कराने जैसी अनियमितताएँ कीं। एसीबी के अनुसार, आरोपी सरकारी कर्मचारियों ने ठेकेदार के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची, रिकॉर्ड में हेरफेर किया और सरकारी धन का दुरुपयोग किया।
आगे की कार्रवाई
दोनों मामलों में चार्जशीट दाखिल होने के साथ अब न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ईओडब्ल्यू और एसीबी की यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में आर्थिक अपराधों और सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपियों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।