श्रीनगर में 55.11 लाख रुपये की प्रॉपर्टी धोखाधड़ी, ईओडब्ल्यू ने चार्जशीट दाखिल की
सारांश
Key Takeaways
- श्रीनगर में 55.11 लाख रुपये की प्रॉपर्टी धोखाधड़ी का मामला।
- ईओडब्ल्यू ने चार्जशीट दाखिल की।
- आरोपी ने संपत्ति को अपनी पत्नी के नाम ट्रांसफर किया।
- शिकायतकर्ता ने हाउसिंग लोन चुका दिया था।
- कानूनी कार्रवाई जारी है।
श्रीनगर, 3 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। श्रीनगर में 55.11 लाख रुपए के एक प्रॉपर्टी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), जम्मू-कश्मीर की क्राइम ब्रांच ने आरोपी के खिलाफ श्रीनगर की सिटी जज अदालत में चार्जशीट प्रस्तुत की है।
आलमदार कॉलोनी रावलपोरा (वर्तमान पता: तेंगपोरा बटमालू) के निवासी अब्दुल अहद डार के पुत्र मेराज-उद-दीन डार ने शिकायतकर्ता से 55.11 लाख रुपए की ठगी की। आरोपी ने एक आवासीय संपत्ति बेचने का झांसा देकर पैसे जुटाए, लेकिन वादों को पूरा करने में असफल रहा। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने प्राप्त संपत्ति को अपनी पत्नी के नाम पर स्थानांतरित या रजिस्टर कर लिया, ताकि कानूनी कार्रवाई से बच सके।
शिकायत मिलने के बाद, ईओडब्ल्यू ने मामले की गहन जांच की। जांच में पता चला कि आरोपी ने संपत्ति को पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया था, जबकि पैसे पहले ही प्राप्त कर लिए थे। इसके अलावा, यह भी स्पष्ट हुआ कि उक्त संपत्ति पहले से ही जम्मू-कश्मीर बैंक, भगत ब्रांच ऑफिस, श्रीनगर के पास गिरवी रखी गई थी। शिकायतकर्ता ने इस संपत्ति से संबंधित बकाया हाउसिंग लोन भी चुका दिया था, फिर भी आरोपी ने धोखाधड़ी की।
जांच के परिणामों में, ईओडब्ल्यू ने पाया कि आरोपी के यह कृत्य आईपीसी की धारा 420 के अंतर्गत एक संज्ञेय अपराध के रूप में आते हैं। इसी आधार पर, न्यायिक निर्णय के लिए सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
ईओडब्ल्यू कश्मीर की कार्रवाई यह दर्शाती है कि आर्थिक अपराधों की गंभीरता से जांच की जाती है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। 55.11 लाख रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा लोगों में जागरूकता बढ़ाने और ऐसे अपराधों से सावधान रहने की आवश्यकता को भी उजागर करता है। श्रीनगर की अदालत अब इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी और आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।