क्या जम्मू-कश्मीर में 1.66 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में चार्जशीट दाखिल की गई?

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क्या जम्मू-कश्मीर में 1.66 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में चार्जशीट दाखिल की गई?

सारांश

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच ने एक प्रमुख धोखाधड़ी मामले में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला एक फर्जी प्रॉपर्टी डील से संबंधित है जिसमें 1.66 करोड़ रुपए की ठगी हुई है। जानें इस मामले की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

धोखाधड़ी के मामले में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।
आरोपियों ने फर्जी प्रॉपर्टी डील से १.६६ करोड़ की ठगी की।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने नकली दस्तावेज बनाए थे।

श्रीनगर, २५ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने एक फर्जी प्रॉपर्टी डील से जुड़े १.६६ करोड़ रुपए के धोखाधड़ी में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। ईओडब्ल्यू ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

क्राइम ब्रांच के बयान में कहा गया, "श्रीनगर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई है। जिनमें अब्दुल वाहिद खान, खान मोहल्ला, बघाट-ए-बरजुल्ला, श्रीनगर; मोहम्मद यूसुफ मलिक, नई सड़क हब्बा कदल, श्रीनगर; मोहम्मद अशरफ मीर, हखरीपोरा पुलवामा और मोहम्मद मकबूल शाह, पीरबाग श्रीनगर के निवासी शामिल हैं।"

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वे एक घर खरीदना चाहते थे और आरोपियों ने प्रॉपर्टी डीलर बनकर उनसे संपर्क किया।

बयान में कहा गया, "आरोपियों ने कथित तौर पर चिनार कॉलोनी, बघाट-ए-बरज़ुल्ला में जवाहर लाल राफिज की विधवा, श्रीमती कोशालिया की मालिकी वाली एक कनाल और पांच मरला जमीन वाला दो मंजिला घर दिखाया। इसके बाद माइग्रेंट प्रॉपर्टी बेचने के लिए झूठा एग्रीमेंट बनाकर १.१६ करोड़ रुपए की मांग की।"

शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि आरोपियों ने बाद में सेल प्राइस बढ़ा कर और ५० लाख रुपए और निकाल लिए, जिससे कुल राशि १.६६ करोड़ रुपए हो गई।

इसके बाद शिकायतकर्ताओं को न तो प्रॉपर्टी का कब्जा दिया गया और न ही उनके पैसे वापस किए गए। जांच में यह पाया गया कि आरोपियों ने क्रिमिनल साजिश रची और शिकायतकर्ताओं की मेहनत की कमाई हड़पने के लिए नकली दस्तावेज बनाए।

क्राइम ब्रांच ने आगे कहा कि एफआईआर नंबर 14/2018 में सेक्शन 420, 468 और 471 के साथ 120-बी आरपीसी के तहत कोर्ट में न्यायिक फैसले के लिए चार्जशीट फाइल की गई है।

कार्रवाई के दौरान, कोर्ट ने दो आरोपियों, मोहम्मद यूसुफ मलिक और मोहम्मद मकबूल शाह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह पूरे समाज में विश्वास की कमी को भी उजागर करता है। न्यायपालिका की भूमिका इस मामले में महत्वपूर्ण है ताकि ऐसे अपराधियों को सजा मिले और लोगों का विश्वास बहाल हो सके।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं से पैसे वापस किए?
नहीं, आरोपियों ने न तो प्रॉपर्टी का कब्जा दिया और न ही पैसे लौटाए।
चार्जशीट में किन धाराओं का उल्लेख किया गया है?
चार्जशीट में धारा 420, 468, और 471 के साथ 120-बी का उल्लेख किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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