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जम्मू-कश्मीर ACB का बड़ा एक्शन: कुपवाड़ा विकास फंड गबन में पूर्व BDO समेत 7 के खिलाफ चार्जशीट

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जम्मू-कश्मीर ACB का बड़ा एक्शन: कुपवाड़ा विकास फंड गबन में पूर्व BDO समेत 7 के खिलाफ चार्जशीट

सारांश

जम्मू-कश्मीर ACB ने कुपवाड़ा के लोलाब/लालपोरा ब्लॉक में विकास निधि गबन मामले में पूर्व BDO समेत 7 लोगों के खिलाफ बारामूला अदालत में चार्जशीट दाखिल की। फर्जी बिल, गलत माप और अनधिकृत वन भूमि पर काम — सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाने की साजिश अब कटघरे में है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर ACB ने 24 जून 2026 को बारामूला की विशेष अदालत में 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
सुल्तान भट (पूर्व BDO), सुरिंदर कुमार शर्मा (पूर्व एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) और 5 अन्य शामिल हैं।
मामला कुपवाड़ा के लोलाब/लालपोरा ब्लॉक में ग्रामीण विकास निधि के गबन से जुड़ा है।
आरोपों में फर्जी बिल , गलत माप , अनधिकृत वन भूमि पर काम और सरकारी रिकॉर्ड में फर्जी एंट्री शामिल हैं।
सभी आरोपी व्यक्तिगत बॉन्ड पर जमानत पर हैं; अगली सुनवाई 25 अगस्त 2026 को निर्धारित।
आरोपियों पर J&K भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2006 की धारा 5(1)(C), 5(1)(D), 5(2) और RPC के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज।

जम्मू-कश्मीर एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बुधवार, 24 जून 2026 को बारामूला की एंटी-करप्शन स्पेशल जज की अदालत में कुपवाड़ा जिले के लोलाब/लालपोरा ब्लॉक में सरकारी विकास निधि के गबन से जुड़े मामले में छह सरकारी कर्मचारियों और एक ठेकेदार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। आरोपियों पर ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से आवंटित सरकारी फंड में भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और गबन के गंभीर आरोप हैं।

मुख्य घटनाक्रम

यह मामला कुपवाड़ा के लोलाब ब्लॉक में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कराए गए विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायत के बाद सामने आया था। तत्कालीन विजिलेंस ऑर्गनाइजेशन कश्मीर — जो अब एंटी-करप्शन ब्यूरो के रूप में पुनर्गठित है — की जांच में 'मार्गी डाइवर (करिवां) फेज-I में सरबंद का निर्माण' और 'डाइवर-बी में मछली पालन तालाब का निर्माण' जैसी परियोजनाओं में गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं। जांच के बाद एफआईआर दर्ज की गई और सक्षम अधिकारी से अभियोजन की अनुमति मिलने के बाद चार्जशीट दाखिल की गई।

आरोपियों की सूची

ACB ने जिन सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, उनमें शामिल हैं:

मो. सुल्तान भट (तत्कालीन ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर, सोगम/लालपोरा), इंजीनियर सुरिंदर कुमार शर्मा (तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, REW डिवीजन कुपवाड़ा), मो. शफी बुखारी (तत्कालीन असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, REW कुपवाड़ा), तैमूर अहमद खान (तत्कालीन जूनियर इंजीनियर, REW लालपोरा), निसार अहमद खान (तत्कालीन जूनियर इंजीनियर, REW लालपोरा), मो. सलीम डार (तत्कालीन विलेज लेवल वर्कर/पंचायत सचिव) और वसीम महमूद खान (लाभार्थी ठेकेदार)। सभी आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया गया और व्यक्तिगत बॉन्ड पर जमानत दे दी गई।

गड़बड़ियों की प्रकृति

ACB की जांच में कई गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुईं — जिनमें गलत माप दर्ज करना, ऐसे कार्यों के बिल बनाना जो वास्तव में हुए ही नहीं, आवश्यक अनुमति के बिना वन भूमि पर कार्य करना और घटिया कार्य के लिए भुगतान जारी करना शामिल हैं। इसके अलावा, बिल राशि बढ़ाने और अनुचित आर्थिक लाभ उठाने के लिए सरकारी रिकॉर्ड में पेड़ काटने से संबंधित फर्जी एंट्री भी की गई थीं। जांच में पुष्टि हुई कि सरकारी कर्मचारियों ने ठेकेदार के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची और अपने पद का दुरुपयोग किया।

कानूनी धाराएँ और अगली सुनवाई

आरोपियों पर जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2006 की धारा 5(1)(C), 5(1)(D) और 5(2) के साथ-साथ रणबीर दंड संहिता (RPC) के संबंधित प्रावधानों के तहत आरोप-पत्र दाखिल किया गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त 2026 निर्धारित की है।

ACB की प्रतिबद्धता

ACB ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि ब्यूरो भ्रष्टाचार के मामलों की गहन, निष्पक्ष और त्वरित जांच के प्रति प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करेगा कि सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार सभी व्यक्तियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाए। गौरतलब है कि यह मामला उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें जम्मू-कश्मीर में ग्रामीण विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते रहे हैं। अगली सुनवाई में अदालत के रुख से यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में अभियोजन कितनी तेज़ी से आगे बढ़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या अभियोजन अदालत में टिकता है — पिछले कई भ्रष्टाचार मामलों में तकनीकी खामियों के चलते आरोपी बरी हो जाते हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि जांच शुरू होने से चार्जशीट दाखिल होने तक का लंबा अंतराल यह सवाल उठाता है कि क्या जवाबदेही तंत्र पर्याप्त रूप से चुस्त है। 25 अगस्त की सुनवाई यह तय करेगी कि यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में कितनी गति पकड़ता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर ACB ने किस मामले में चार्जशीट दाखिल की है?
ACB ने कुपवाड़ा जिले के लोलाब/लालपोरा ब्लॉक में ग्रामीण विकास विभाग की निधि के गबन मामले में 6 सरकारी कर्मचारियों और 1 ठेकेदार के खिलाफ बारामूला की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। आरोपियों पर भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और गबन के आरोप हैं।
इस मामले में कौन-कौन से आरोपी हैं?
चार्जशीट में सात आरोपी हैं — पूर्व BDO मो. सुल्तान भट, पूर्व एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुरिंदर कुमार शर्मा, पूर्व AEE मो. शफी बुखारी, दो पूर्व जूनियर इंजीनियर तैमूर अहमद खान व निसार अहमद खान, पूर्व विलेज लेवल वर्कर मो. सलीम डार और ठेकेदार वसीम महमूद खान। सभी को व्यक्तिगत बॉन्ड पर जमानत मिल चुकी है।
आरोपियों पर क्या-क्या आरोप हैं?
आरोपियों पर गलत माप दर्ज करना, न हुए कार्यों के फर्जी बिल बनाना, अनुमति के बिना वन भूमि पर काम करना, घटिया कार्य के लिए भुगतान जारी करना और सरकारी रिकॉर्ड में पेड़ काटने की फर्जी एंट्री करने के आरोप हैं। इन सभी कृत्यों से सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाया गया।
इस मामले में कौन-सी कानूनी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपियों पर जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2006 की धारा 5(1)(C), 5(1)(D) और 5(2) के साथ-साथ रणबीर दंड संहिता (RPC) के संबंधित प्रावधानों के तहत आरोप-पत्र दाखिल किया गया है।
इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
बारामूला की एंटी-करप्शन स्पेशल जज की अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त 2026 को निर्धारित की है। तब तक सभी आरोपी व्यक्तिगत बॉन्ड पर जमानत पर हैं।
राष्ट्र प्रेस
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