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राजस्थान ACB ने JJM घोटाले में महेश जोशी के खिलाफ 3,000 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया

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राजस्थान ACB ने JJM घोटाले में महेश जोशी के खिलाफ 3,000 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया

सारांश

राजस्थान ACB ने कथित ₹20,000 करोड़ के जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी समेत दो आरोपियों के खिलाफ 3,000 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया। मामले में 11 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि 3 अभी भी फरार हैं।

मुख्य बातें

राजस्थान ACB ने 1 जुलाई 2026 को ₹20,000 करोड़ के JJM घोटाले में 3,000 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया।
आरोपपत्र पूर्व PHED मंत्री महेश जोशी और निजी व्यक्ति संजय बडाया के खिलाफ दाखिल किया गया।
कुल 11 आरोपी — महेश जोशी सहित — वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
अरुण श्रीवास्तव को राजस्थान उच्च न्यायालय ने जमानत दी; जितेंद्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता अभी फरार हैं।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने महेश जोशी के पुत्र की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज की, ACB की प्रक्रियात्मक चूक पर कड़ी टिप्पणी की।
जाँच अधूरी है; आगे पूरक आरोपपत्र दाखिल किए जाने की संभावना।

राजस्थान की भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (ACB) ने कथित ₹20,000 करोड़ के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में 1 जुलाई 2026 को एक अहम कदम उठाते हुए पूर्व लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) मंत्री महेश जोशी और निजी व्यक्ति संजय बडाया के खिलाफ लगभग 3,000 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया। यह आरोपपत्र विशेष ACB न्यायाधीश राजेश कुमार दादिया की अदालत में प्रस्तुत किया गया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह इस मामले में दाखिल पहला आरोपपत्र नहीं है। इससे पहले ACB पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सुबोध अग्रवाल सहित 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। एजेंसी जाँच की प्रगति के साथ-साथ चरणबद्ध तरीके से आरोप-पत्र दाखिल कर रही है और आगे पूरक आरोपपत्र दाखिल किए जाने की संभावना भी जताई गई है।

राज्य सरकार की ओर से पेश हुईं लोक अभियोजक मंजुला जैन ने अदालत को सूचित किया कि जाँच अभी जारी है और अभी तक पूरी नहीं हुई है। ACB के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत निविदा प्रक्रिया, ठेका आवंटन और वित्तीय लेनदेन में कथित अनियमितताओं की जाँच चल रही है।

आरोपियों की स्थिति

पूर्व मंत्री महेश जोशी, संजय बडाया, दिनेश गोयल, कृष्णदीप गुप्ता, शुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, विशाल सक्सेना, डीके गौर, महेंद्र प्रकाश सोनी, मुकेश पाठक और निरिल कुमार — ये सभी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं आरोपी अरुण श्रीवास्तव को राजस्थान उच्च न्यायालय ने जमानत दे दी है। इसके अलावा जितेंद्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।

उच्च न्यायालय की टिप्पणियाँ

गौरतलब है कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने हाल ही में पूर्व मंत्री महेश जोशी के पुत्र रोहित जोशी द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनके पिता की गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती दी गई थी। याचिका खारिज करते हुए न्यायालय ने ACB और विशेष न्यायाधीश दोनों के खिलाफ कड़ी टिप्पणियाँ कीं।

न्यायमूर्ति उमाशंकर व्यास और न्यायमूर्ति अशोक कुमार जैन की खंडपीठ ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि गिरफ्तारी के कारणों को सूचित करने की संवैधानिक आवश्यकता का ठीक से पालन नहीं किया गया था और कुछ तथ्यों के साथ छेड़छाड़ किए जाने पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।

आगे क्या होगा

जाँच एजेंसी के अनुसार, जाँच आगे बढ़ने पर पूरक आरोपपत्र दाखिल किए जा सकते हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में नए घटनाक्रम सामने आने की संभावना है। यह मामला राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है और न्यायालय की सख्त टिप्पणियों के बाद ACB की कार्यप्रणाली भी जाँच के दायरे में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ का यह कथित घोटाला राजस्थान में सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे की खरीद में भ्रष्टाचार के एक गहरे पैटर्न को उजागर करता है — जहाँ जल जैसी बुनियादी ज़रूरत भी ठेकेदारी गठजोड़ का शिकार बनती है। उच्च न्यायालय का यह कहना कि गिरफ्तारी के कारण संवैधानिक रूप से ठीक से नहीं बताए गए, ACB की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है — और यह संकेत देता है कि मज़बूत साक्ष्य होने के बावजूद प्रक्रियागत खामियाँ अभियोजन को कमज़ोर कर सकती हैं। तीन फरार आरोपियों की मौजूदगी और चरणबद्ध आरोपपत्र की रणनीति यह भी बताती है कि मामले की जड़ें अभी पूरी तरह उखड़ी नहीं हैं।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान JJM घोटाला क्या है?
यह कथित ₹20,000 करोड़ का घोटाला जल जीवन मिशन के तहत राजस्थान में निविदा प्रक्रिया, ठेका आवंटन और वित्तीय लेनदेन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। ACB इस मामले में जाँच कर रही है और अब तक कई आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं।
महेश जोशी के खिलाफ क्या आरोप हैं?
पूर्व PHED मंत्री महेश जोशी पर JJM घोटाले में कथित भूमिका के आरोप हैं। ACB ने उनके और संजय बडाया के खिलाफ 3,000 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है और वे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने महेश जोशी के पुत्र की याचिका क्यों खारिज की?
न्यायमूर्ति उमाशंकर व्यास और न्यायमूर्ति अशोक कुमार जैन की खंडपीठ ने रोहित जोशी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज करते हुए कहा कि गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देने के पर्याप्त आधार नहीं थे। हालाँकि न्यायालय ने ACB की प्रक्रियागत चूकों और कुछ तथ्यों के साथ छेड़छाड़ पर गंभीर चिंता भी जताई।
इस मामले में कितने आरोपी हैं और उनकी स्थिति क्या है?
महेश जोशी सहित 11 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। अरुण श्रीवास्तव को उच्च न्यायालय ने जमानत दी है, जबकि जितेंद्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हैं और वे अभी फरार हैं।
क्या इस मामले में और आरोपपत्र दाखिल होंगे?
ACB ने संकेत दिया है कि जाँच अभी पूरी नहीं हुई है और आगे पूरक आरोपपत्र दाखिल किए जा सकते हैं। एजेंसी चरणबद्ध तरीके से जाँच की प्रगति के अनुसार आरोपपत्र दाखिल कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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