30 जुलाई 2026
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श्रीनगर: तेल सप्लाई के नाम पर ₹15 लाख की ठगी, ईओडब्ल्यू ने चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की

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श्रीनगर: तेल सप्लाई के नाम पर ₹15 लाख की ठगी, ईओडब्ल्यू ने चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की

सारांश

खाना पकाने के तेल की सप्लाई का झाँसा देकर ₹15 लाख ऐंठने वाले चार आरोपियों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर ईओडब्ल्यू ने चार्जशीट दाखिल की। जांच में सामने आया कि जिस कंपनी के नाम पर ठगी हुई, वह कहीं भी पंजीकृत ही नहीं थी।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर ईओडब्ल्यू ने 30 जुलाई को ₹15 लाख की धोखाधड़ी में चार आरोपियों के खिलाफ श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चार्जशीट पेश की।
आरोपी हैं — मोहम्मद अमीन भट , खालिद हुसैन खान , अनिल कुमार माहेश्वरी और शशांक कुमार (मेरठ)।
आरोपियों ने फर्जी कंपनी एम/एस एश्योर्ड एग्रो फूड इंडस्ट्रीज के नाम पर सरसों तेल सप्लाई का वादा कर सिक्योरिटी डिपॉजिट वसूली।
राजस्थान के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की जांच में पाया गया कि उक्त कंपनी कहीं भी पंजीकृत नहीं थी।
मामला आईपीसी धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दर्ज।

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) ने 30 जुलाई को खाना पकाने के तेल की आपूर्ति के नाम पर ₹15 लाख की धोखाधड़ी के मामले में चार आरोपियों के विरुद्ध श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चार्जशीट पेश की है। यह मामला भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दर्ज किया गया था।

मुख्य आरोपी और उनकी भूमिका

चार्जशीट में जिन चार आरोपियों को नामजद किया गया है, वे हैं — मोहम्मद अमीन भट, खालिद हुसैन खान, अनिल कुमार माहेश्वरी और शशांक कुमार (मेरठ निवासी)। जांच के अनुसार, खालिद हुसैन खान ने खुद को एरिया सेल्स मैनेजर और अनिल कुमार माहेश्वरी ने एम/एस एश्योर्ड एग्रो फूड इंडस्ट्रीज का रीजनल सेल्स मैनेजर बताया था। शशांक कुमार को जांच में उक्त कंपनी का मालिक पाया गया।

धोखाधड़ी का तरीका

ईओडब्ल्यू के बयान के अनुसार, आरोपियों ने मिलकर षड्यंत्र रचा और शिकायतकर्ता को सरसों का तेल सप्लाई करने का झाँसा देकर ₹15 लाख सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में जमा कराए। आरोपियों ने दावा किया था कि कंपनी खाना पकाने का तेल निर्मित करती है और एक सप्ताह के भीतर स्टॉक की डिलीवरी दी जाएगी। हालाँकि, वादे के अनुसार कोई माल सप्लाई नहीं किया गया, जिसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

जांच में सामने आए तथ्य

ईओडब्ल्यू की जांच में एक अहम खुलासा हुआ — राजस्थान के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से पूछताछ करने पर पता चला कि एम/एस एश्योर्ड एग्रो फूड इंडस्ट्रीज नाम की कोई भी कंपनी कहीं भी पंजीकृत नहीं थी। यह तथ्य साबित करता है कि आरोपियों ने एक काल्पनिक कंपनी का सहारा लेकर शिकायतकर्ता को ठगा। जांच पूरी होने के बाद सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।

ईओडब्ल्यू की सार्वजनिक सलाह

ईओडब्ल्यू ने आम जनता को आगाह किया है कि वे इस प्रकार की आर्थिक धोखाधड़ी से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना ईओडब्ल्यू कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी जा सकती है। पीड़ित विभाग की आधिकारिक ईमेल के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह मामला उन बढ़ते आर्थिक अपराधों की एक कड़ी है जिनमें फर्जी कंपनियों के नाम पर निवेशकों को ठगा जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पीड़ित की सावधानी की कमी को उजागर करती है। ईओडब्ल्यू की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि इस तरह की फर्जी कंपनियाँ बिना किसी सत्यापन के व्यापार कैसे करती रहती हैं। जब तक जागरूकता अभियान और त्वरित शिकायत तंत्र मज़बूत नहीं होगा, ऐसे मामले दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर ईओडब्ल्यू ने किस मामले में चार्जशीट दाखिल की है?
ईओडब्ल्यू ने खाना पकाने के तेल की सप्लाई के नाम पर ₹15 लाख की धोखाधड़ी के मामले में चार आरोपियों के खिलाफ श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चार्जशीट पेश की है। यह मामला आईपीसी की धारा 420 और 120-बी के तहत दर्ज है।
इस धोखाधड़ी में कौन-कौन से आरोपी शामिल हैं?
चार्जशीट में मोहम्मद अमीन भट, खालिद हुसैन खान, अनिल कुमार माहेश्वरी और मेरठ के शशांक कुमार को नामजद किया गया है। जांच में शशांक कुमार को फर्जी कंपनी एम/एस एश्योर्ड एग्रो फूड इंडस्ट्रीज का मालिक पाया गया।
आरोपियों ने धोखाधड़ी कैसे की?
आरोपियों ने शिकायतकर्ता को एक हफ्ते में सरसों का तेल सप्लाई करने का वादा कर सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में ₹15 लाख जमा करा लिए। वादे के मुताबिक कोई माल डिलीवर नहीं किया गया, और जांच में सामने आया कि कंपनी कहीं भी पंजीकृत नहीं थी।
एम/एस एश्योर्ड एग्रो फूड इंडस्ट्रीज के बारे में जांच में क्या पता चला?
राजस्थान के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से पूछताछ में खुलासा हुआ कि एम/एस एश्योर्ड एग्रो फूड इंडस्ट्रीज नाम की कोई कंपनी कहीं भी पंजीकृत नहीं थी। यह पूरी तरह एक काल्पनिक कंपनी थी जिसका इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया।
ऐसी आर्थिक धोखाधड़ी से बचने के लिए ईओडब्ल्यू ने क्या सलाह दी है?
ईओडब्ल्यू ने जनता को किसी भी कंपनी में निवेश से पहले उसकी रजिस्ट्रेशन सत्यापित करने की सलाह दी है। संदिग्ध गतिविधि की सूचना ईओडब्ल्यू कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी जा सकती है या आधिकारिक ईमेल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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