श्रीनगर: तेल सप्लाई के नाम पर ₹15 लाख की ठगी, ईओडब्ल्यू ने चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) ने 30 जुलाई को खाना पकाने के तेल की आपूर्ति के नाम पर ₹15 लाख की धोखाधड़ी के मामले में चार आरोपियों के विरुद्ध श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चार्जशीट पेश की है। यह मामला भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दर्ज किया गया था।
मुख्य आरोपी और उनकी भूमिका
चार्जशीट में जिन चार आरोपियों को नामजद किया गया है, वे हैं — मोहम्मद अमीन भट, खालिद हुसैन खान, अनिल कुमार माहेश्वरी और शशांक कुमार (मेरठ निवासी)। जांच के अनुसार, खालिद हुसैन खान ने खुद को एरिया सेल्स मैनेजर और अनिल कुमार माहेश्वरी ने एम/एस एश्योर्ड एग्रो फूड इंडस्ट्रीज का रीजनल सेल्स मैनेजर बताया था। शशांक कुमार को जांच में उक्त कंपनी का मालिक पाया गया।
धोखाधड़ी का तरीका
ईओडब्ल्यू के बयान के अनुसार, आरोपियों ने मिलकर षड्यंत्र रचा और शिकायतकर्ता को सरसों का तेल सप्लाई करने का झाँसा देकर ₹15 लाख सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में जमा कराए। आरोपियों ने दावा किया था कि कंपनी खाना पकाने का तेल निर्मित करती है और एक सप्ताह के भीतर स्टॉक की डिलीवरी दी जाएगी। हालाँकि, वादे के अनुसार कोई माल सप्लाई नहीं किया गया, जिसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जांच में सामने आए तथ्य
ईओडब्ल्यू की जांच में एक अहम खुलासा हुआ — राजस्थान के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से पूछताछ करने पर पता चला कि एम/एस एश्योर्ड एग्रो फूड इंडस्ट्रीज नाम की कोई भी कंपनी कहीं भी पंजीकृत नहीं थी। यह तथ्य साबित करता है कि आरोपियों ने एक काल्पनिक कंपनी का सहारा लेकर शिकायतकर्ता को ठगा। जांच पूरी होने के बाद सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।
ईओडब्ल्यू की सार्वजनिक सलाह
ईओडब्ल्यू ने आम जनता को आगाह किया है कि वे इस प्रकार की आर्थिक धोखाधड़ी से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना ईओडब्ल्यू कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी जा सकती है। पीड़ित विभाग की आधिकारिक ईमेल के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह मामला उन बढ़ते आर्थिक अपराधों की एक कड़ी है जिनमें फर्जी कंपनियों के नाम पर निवेशकों को ठगा जाता है।