25 अगस्त 2026
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जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच ने कैंसर मरीज के परिवार से ठगी के आरोपी पर दाखिल की चार्जशीट

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जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच ने कैंसर मरीज के परिवार से ठगी के आरोपी पर दाखिल की चार्जशीट

सारांश

कैंसर से जूझ रही पत्नी के लिए सस्ती दवाइयों का वादा — और फिर लाखों रुपये की ठगी। जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की ईओडब्ल्यू ने आरोपी आफाक अहमद के खिलाफ सब-जज श्रीनगर की अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुरानी स्कूली दोस्ती का फायदा उठाकर की गई इस ठगी का मामला अब न्यायिक प्रक्रिया में है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की ईओडब्ल्यू ने 25 अगस्त 2026 को सब-जज श्रीनगर की अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
आरोपी आफाक अहमद (पुत्र घुलाम कादिर, मूल निवासी अनंतनाग ) पर कैंसर मरीज के परिवार से लाखों रुपये की ठगी का आरोप है।
आरोपी ने पीड़ित की कैंसर-पीड़ित पत्नी के लिए सस्ती दवाइयाँ दिलाने का वादा कर रकम हड़पी, लेकिन दवाइयाँ नहीं दीं।
मामला बीएनएस की धारा 318(4) के तहत दर्ज; जाँच में आरोप सही पाए गए।
आरोपी और शिकायतकर्ता एक ही बोर्डिंग स्कूल के पूर्व सहपाठी थे — विश्वासघात का अहम पहलू।
क्राइम ब्रांच ने नागरिकों से संदिग्ध गतिविधि की सूचना एसएसपी ईओडब्ल्यू कश्मीर को देने की अपील की।

जम्मू-कश्मीर पुलिस क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 25 अगस्त 2026 को एक ऐसे आरोपी के खिलाफ सब-जज श्रीनगर की अदालत में चार्जशीट दाखिल की, जिसने कैंसर से पीड़ित एक महिला के परिवार को सस्ती दवाइयाँ दिलाने का झाँसा देकर लाखों रुपये की ठगी की। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत दर्ज किया गया है।

मामले का पूरा घटनाक्रम

ईओडब्ल्यू के अनुसार, मामले की शुरुआत एक लिखित शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उनकी कैंसर-पीड़ित पत्नी के लिए सस्ते दाम पर दवाइयाँ उपलब्ध कराने का वादा किया और इस बहाने लाखों रुपये हड़प लिए, लेकिन कोई दवाई नहीं दी। जाँच के आदेश दिए गए और जाँच के दौरान लगाए गए आरोप सही पाए गए।

जाँच में एक और अहम तथ्य सामने आया — आरोपी और शिकायतकर्ता एक ही बोर्डिंग स्कूल में साथ पढ़ चुके थे। इस पुरानी जान-पहचान का फायदा उठाकर आरोपी ने शिकायतकर्ता का विश्वास जीता और फिर उन्हें आर्थिक रूप से ठगा।

आरोपी की पहचान

चार्जशीट में नामजद आरोपी आफाक अहमद, घुलाम कादिर का पुत्र है। वह मूल रूप से अनंतनाग के शिवाला मंदिर के पास न्यू कॉलोनी का निवासी है, परंतु फिलहाल जम्मू के सुंजवां में बरमुनी रोड पर स्थित 10-ग्रीन एन्क्लेव में रह रहा है। अब इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

ईओडब्ल्यू की भूमिका और कार्यप्रणाली

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा बड़े वित्तीय धोखाधड़ी और घोटालों की जाँच के लिए विशेष रूप से गठित इकाई है। ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर तकनीक का सहारा लेते हैं और उनके नेटवर्क के तार दूर-दराज के इलाकों तक फैले होते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

आम जनता के लिए अपील

क्राइम ब्रांच ने आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस तरह की आर्थिक धोखाधड़ी से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल एसएसपी ईओडब्ल्यू कश्मीर को दी जाए। अधिकारियों ने विशेष रूप से बीमार परिजनों के परिवारों को आगाह किया है कि वे दवाइयों या उपचार के नाम पर किसी भी अपरिचित या अर्ध-परिचित व्यक्ति पर आँख मूँदकर भरोसा न करें।

अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में प्रवेश कर चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस अपराध को और अधिक संगीन बनाता है। जम्मू-कश्मीर में ईओडब्ल्यू की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को रकम वापस मिलने की दर कितनी है। चार्जशीट दाखिल होना न्याय की दिशा में पहला कदम है — अंतिम नहीं।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच ने किस मामले में चार्जशीट दाखिल की है?
ईओडब्ल्यू कश्मीर ने आरोपी आफाक अहमद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिसने एक कैंसर मरीज के परिवार को सस्ती दवाइयाँ दिलाने का वादा कर लाखों रुपये ठगे। यह चार्जशीट सब-जज श्रीनगर की अदालत में 25 अगस्त 2026 को पेश की गई।
आरोपी आफाक अहमद कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
आफाक अहमद, घुलाम कादिर का पुत्र, मूल रूप से अनंतनाग के शिवाला मंदिर के पास न्यू कॉलोनी का निवासी है और फिलहाल जम्मू के सुंजवां में रह रहा है। उस पर आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता की कैंसर-पीड़ित पत्नी के लिए दवाइयाँ दिलाने का झाँसा देकर लाखों रुपये हड़पे और दवाइयाँ नहीं दीं।
इस मामले में कौन-सी कानूनी धारा लागू की गई है?
यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत दर्ज किया गया है, जो धोखाधड़ी से संबंधित है। जाँच पूरी होने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है।
ईओडब्ल्यू कश्मीर क्या है और यह किन मामलों की जाँच करती है?
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की विशेष इकाई है जो बड़े वित्तीय घोटालों और धोखाधड़ी के मामलों की जाँच करती है। यह तकनीकी और वैज्ञानिक तरीकों से जटिल आर्थिक अपराधों की पड़ताल करती है।
इस ठगी में आरोपी और पीड़ित के बीच क्या संबंध था?
जाँच में सामने आया कि आरोपी और शिकायतकर्ता एक ही बोर्डिंग स्कूल में साथ पढ़ चुके थे। आरोपी ने इसी पुरानी जान-पहचान का फायदा उठाकर शिकायतकर्ता का विश्वास जीता और फिर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुँचाया।
राष्ट्र प्रेस
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