25 अगस्त 2026
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इमरान खान की बहन की अवमानना याचिका सुप्रीम कोर्ट ने लौटाई, अस्पताल स्थानांतरण आदेश पर विवाद गहराया

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इमरान खान की बहन की अवमानना याचिका सुप्रीम कोर्ट ने लौटाई, अस्पताल स्थानांतरण आदेश पर विवाद गहराया

सारांश

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने इमरान खान की बहन उजमा खान की अवमानना याचिका तकनीकी आपत्तियों पर लौटा दी। 18 अगस्त के अस्पताल स्थानांतरण आदेश के कथित उल्लंघन को लेकर PTI और सरकार आमने-सामने हैं, जबकि संयुक्त राष्ट्र पहले ही 33 महीने की एकांत हिरासत पर चिंता जता चुका है।

मुख्य बातें

उजमा खान (इमरान खान की बहन) की अवमानना याचिका पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने 25 अगस्त को तकनीकी आपत्तियों के कारण वापस की।
याचिका 18 अगस्त के उस आदेश के उल्लंघन को लेकर थी, जिसमें इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल स्थानांतरित करने का निर्देश था।
PTI अध्यक्ष गोहर अली खान ने कहा कि पार्टी आपत्तियों का जवाब देकर संशोधित याचिका पुनः दाखिल करेगी।
पाकिस्तान सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर अस्पताल स्थानांतरण के आदेश को 'भेदभावपूर्ण' बताया।
संयुक्त राष्ट्र विशेष प्रतिवेदक एलिस जिल एडवर्ड्स ने इमरान खान की 33 महीने की एकांत हिरासत को 'मंडेला नियमों' से अधिक कठोर बताया।
इमरान खान अगस्त 2023 से न्यायिक हिरासत में हैं; PTI ने सभी मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन उजमा खान द्वारा दायर अवमानना याचिका को पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने मंगलवार, 25 अगस्त को आपत्तियों के आधार पर वापस लौटा दिया। यह याचिका 18 अगस्त के उस न्यायालय आदेश के कथित उल्लंघन को लेकर दायर की गई थी, जिसमें इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया था।

मुख्य घटनाक्रम

22 अगस्त को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने सुप्रीम कोर्ट में यह अवमानना याचिका दाखिल की थी। पार्टी का आरोप था कि 18 अगस्त के आदेश को जानबूझकर लागू नहीं किया गया। सुप्रीम कोर्ट के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए PTI अध्यक्ष गोहर अली खान ने कहा कि उन्होंने रजिस्ट्रार से मुलाकात की, जहाँ उन्हें याचिका पर तकनीकी आपत्तियों की जानकारी दी गई।

गोहर अली खान ने स्पष्ट किया कि पार्टी रजिस्ट्रार कार्यालय की आपत्तियों का समुचित जवाब देकर संशोधित याचिका पुनः दाखिल करेगी। उन्होंने इस मामले में शीघ्र सुनवाई की माँग भी दोहराई।

अदालती आदेश और सरकार का रुख

सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को अधिकारियों को आदेश दिया था कि इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में स्थानांतरित किया जाए और उनकी परिवार से साप्ताहिक मुलाकात की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। हालाँकि, PTI का आरोप है कि यह आदेश अब तक लागू नहीं हुआ।

दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में एक पुनर्विचार याचिका दाखिल की है, जिसमें अस्पताल स्थानांतरण के आदेश को 'भेदभावपूर्ण' करार दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब इमरान खान की हिरासत की स्थितियों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव भी बढ़ रहा है।

हिरासत की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र की चिंता

पिछले महीने, यातना और अमानवीय व्यवहार पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिवेदक एलिस जिल एडवर्ड्स ने इमरान खान की हिरासत की परिस्थितियों पर गंभीर चिंता जताई थी। उन्होंने पाकिस्तान से अपील की कि इमरान खान को मानवीय परिस्थितियाँ प्रदान की जाएँ और अपनी पसंद के चिकित्सक से इलाज कराने की अनुमति दी जाए।

एडवर्ड्स ने अपनी एक पोस्ट में लिखा कि इमरान खान को 33 महीनों से लगभग पूर्ण एकांत में रखा गया है — एक छोटी, बिना खिड़की वाली कोठरी में 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी के बीच। उन्होंने कहा कि अक्सर लगातार दो सप्ताह से अधिक समय तक उन्हें किसी से भी सार्थक संपर्क नहीं करने दिया जाता, जो 'मंडेला नियमों' से कहीं अधिक कठोर स्थिति है।

पृष्ठभूमि

इमरान खान अगस्त 2023 से न्यायिक हिरासत में हैं। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के ज़रिए सत्ता से हटाए जाने के बाद उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए — जिनमें सरकारी उपहारों से जुड़ा मामला और कथित अवैध विवाह का मामला शामिल हैं। PTI ने इन सभी मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।

आगे क्या होगा

PTI के अनुसार, रजिस्ट्रार कार्यालय की आपत्तियों को दूर कर संशोधित अवमानना याचिका शीघ्र पुनः दाखिल की जाएगी। इस बीच, सरकार की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का रुख इस विवाद की अगली दिशा तय करेगा। गौरतलब है कि यह मामला अब न केवल एक कानूनी लड़ाई है, बल्कि पाकिस्तान की न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच बढ़ते तनाव का प्रतीक भी बन गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान खान की बहन उजमा खान की अवमानना याचिका क्यों वापस की गई?
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने तकनीकी आपत्तियों के आधार पर याचिका वापस लौटाई। PTI अध्यक्ष गोहर अली खान के अनुसार, पार्टी इन आपत्तियों का जवाब देकर संशोधित याचिका पुनः दाखिल करेगी।
18 अगस्त का सुप्रीम कोर्ट आदेश क्या था?
18 अगस्त को पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल स्थानांतरित किया जाए और उनकी परिवार से साप्ताहिक मुलाकात की व्यवस्था की जाए। PTI का आरोप है कि यह आदेश अब तक लागू नहीं हुआ।
पाकिस्तान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में क्या याचिका दाखिल की है?
पाकिस्तान सरकार ने अस्पताल स्थानांतरण के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है और इस आदेश को 'भेदभावपूर्ण' बताया है।
संयुक्त राष्ट्र ने इमरान खान की हिरासत पर क्या कहा है?
संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिवेदक एलिस जिल एडवर्ड्स ने कहा कि इमरान खान को 33 महीनों से लगभग पूर्ण एकांत में, बिना खिड़की वाली कोठरी में 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी में रखा गया है। उन्होंने इसे 'मंडेला नियमों' से अधिक कठोर बताते हुए पाकिस्तान से मानवीय परिस्थितियाँ सुनिश्चित करने की अपील की।
इमरान खान कब से जेल में हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
इमरान खान अगस्त 2023 से न्यायिक हिरासत में हैं। उन पर सरकारी उपहारों से जुड़े मामले और कथित अवैध विवाह सहित कई मामले दर्ज हैं। PTI ने इन सभी मामलों को 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के बाद राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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