बिहार में फिल्म सिटी और फिल्म इंस्टीट्यूट का ऐलान, निरहुआ और आम्रपाली दुबे ने किया स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि राज्य में शीघ्र ही एक फिल्म सिटी और फिल्म इंस्टीट्यूट स्थापित किया जाएगा। इस ऐलान के बाद मंगलवार, 25 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता एवं भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ तथा अभिनेत्री आम्रपाली दुबे ने खुलकर प्रसन्नता व्यक्त की। यह कदम बिहार की क्षेत्रीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री की घोषणा और सरकार की तैयारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया है कि फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त स्थान के चयन हेतु कलाकारों और फिल्म जगत के प्रतिनिधियों से सुझाव माँगे गए हैं। सरकार अब तक राज्य में 54 फिल्मों की शूटिंग को अनुमति दे चुकी है। राजगीर, बोधगया, पटना और गया जैसे ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों पर फिल्मांकन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा, भोजपुरी के साथ-साथ मैथिली, मगही, अंगिका और बज्जिका भाषाओं में फिल्म निर्माण के लिए सरकार सब्सिडी और आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।
निरहुआ ने बताया पुराना सपना
अभिनेता दिनेश लाल यादव ने इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'हम लोग हमेशा से ही चाहते थे कि बिहार में फिल्म सिटी और फिल्म इंस्टीट्यूट जरूर होना चाहिए, जहां पर आसपास के राज्यों के बच्चे फिल्म से जुड़ी तकनीकों को सीख सकें। साथ ही, क्षेत्रीय भाषाओं में अच्छी फिल्में बना सकें।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'जिस तरह से हमारे बिहार के लोग बाकी क्षेत्र में बहुत नाम किए हैं, वैसे ही मनोरंजन में भी करें।' उनका मानना है कि बिहार के लोगों ने हर क्षेत्र में जिस तरह महारत हासिल की है, मनोरंजन उद्योग में भी वे पीछे नहीं रहेंगे।
आम्रपाली दुबे ने राजगीर में शूटिंग की इच्छा जताई
अभिनेत्री आम्रपाली दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने फिल्म इंडस्ट्री के पक्ष में कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं। उन्होंने अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि वे फिल्मों के गानों की शूटिंग राजगीर की खूबसूरत वादियों में करना चाहती हैं। यह बयान राज्य के पर्यटन और फिल्म उद्योग के बीच सहयोग की संभावनाओं की ओर इशारा करता है।
बिहार की क्षेत्रीय फिल्म इंडस्ट्री पर असर
गौरतलब है कि बिहार में भोजपुरी सिनेमा का एक विशाल दर्शक वर्ग है, लेकिन अब तक राज्य में पेशेवर फिल्म निर्माण के लिए पर्याप्त बुनियादी ढाँचे का अभाव था। अधिकांश भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग मुंबई या उत्तर प्रदेश में होती रही है। फिल्म सिटी और इंस्टीट्यूट के निर्माण से न केवल स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को अवसर मिलेगा, बल्कि आसपास के राज्यों के युवा भी फिल्म निर्माण की बारीकियाँ सीख सकेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्य सरकारें अपने यहाँ फिल्म उद्योग को आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धी नीतियाँ अपना रही हैं।
आगे क्या होगा
फिल्म सिटी के लिए स्थान चयन की प्रक्रिया जारी है और कलाकारों से सुझाव माँगे गए हैं। सरकार की ओर से सब्सिडी और आर्थिक सहायता की नीति पहले से लागू है, जो नई फिल्म सिटी के साथ और प्रभावी होने की उम्मीद है। बिहार में क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्म इंडस्ट्री का भविष्य इस घोषणा के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।