सीबीआई ने दो घोषित अपराधियों को दबोचा — जितेंद्र कुमार 17 साल, पूजा पाहवा 4 साल से थे फरार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार दो घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र कुमार और पूजा पाहवा के रूप में हुई है, जो क्रमशः 17 वर्ष और 4 वर्ष से न्यायालय की पकड़ से बाहर थे। यह कार्रवाई 25 अगस्त 2026 को सामने आई।
जितेंद्र कुमार का मामला: 17 साल की फरारी का अंत
जितेंद्र कुमार पर वर्ष 2002-03 में जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से फर्जी और जाली वेतन प्रमाणपत्रों के आधार पर होम लोन लेने का आरोप है। सीबीआई के अनुसार, इस धोखाधड़ी से संबंधित वित्तीय संस्था को ₹65.90 लाख का नुकसान हुआ और ऋण वितरण के तुरंत बाद ही खाता एनपीए घोषित हो गया था।
वर्ष 2006 में जितेंद्र कुमार सहित 19 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था। आरोपी ने 2009 से न्यायालय में उपस्थित होना बंद कर दिया और जनवरी 2013 में उसे घोषित अपराधी करार दिया गया। सीबीआई के विशेष अभियान के तहत उसे नई दिल्ली के द्वारका मोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पूजा पाहवा का मामला: ₹10.16 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी
पूजा पाहवा पर इंडियन ओवरसीज बैंक से प्राप्त कैश क्रेडिट सुविधा के दुरुपयोग और धन की हेराफेरी का आरोप है। जाँच में सामने आया कि फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर यह सुविधा हासिल की गई, जिससे बैंक को ₹10.16 करोड़ का नुकसान हुआ। संबंधित खाता वर्ष 2012 में एनपीए घोषित किया गया था।
सीबीआई ने वर्ष 2017 में पूजा पाहवा सहित छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। बाद में चार बैंक अधिकारियों के खिलाफ भी पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया, जिन पर लाभार्थी कंपनी और अन्य आरोपियों के साथ साजिश रचने का आरोप है। पूजा वर्ष 2022 से अदालत में अनुपस्थित थी और वर्ष 2023 में उसे घोषित अपराधी घोषित किया गया। सीबीआई ने खुफिया जानकारी और विशेष अभियान के बाद उसे 4 अगस्त को पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार किया। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में है।
सीबीआई की प्राथमिकता और आगे की कार्रवाई
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों में शामिल फरार आरोपियों को कानून के दायरे में लाना एजेंसी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एजेंसी ने दोहराया कि बैंक धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और विशेष अभियान जारी रहेंगे।
गौरतलब है कि ये दोनों गिरफ्तारियाँ ऐसे समय में हुई हैं जब सीबीआई लंबित घोषित अपराधियों की सूची को व्यवस्थित रूप से खत्म करने के लिए देशव्यापी अभियान चला रही है। दोनों आरोपियों को अब सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।