25 अगस्त 2026
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सीबीआई ने दो घोषित अपराधियों को दबोचा — जितेंद्र कुमार 17 साल, पूजा पाहवा 4 साल से थे फरार

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सीबीआई ने दो घोषित अपराधियों को दबोचा — जितेंद्र कुमार 17 साल, पूजा पाहवा 4 साल से थे फरार

सारांश

17 साल और 4 साल की फरारी का अंत — सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी के दो घोषित अपराधियों जितेंद्र कुमार और पूजा पाहवा को क्रमशः नई दिल्ली के द्वारका मोड़ और लुधियाना से दबोचा। दोनों मामलों में बैंकों को कुल ₹10 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ था।

मुख्य बातें

सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी के दो घोषित अपराधियों — जितेंद्र कुमार और पूजा पाहवा — को गिरफ्तार किया।
जितेंद्र कुमार 2009 से फरार था और जनवरी 2013 में घोषित अपराधी करार दिया गया था; उसे नई दिल्ली के द्वारका मोड़ से पकड़ा गया।
जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस धोखाधड़ी में वित्तीय नुकसान ₹65.90 लाख था; 2006 में 19 आरोपियों पर आरोपपत्र दाखिल हुआ था।
पूजा पाहवा पर इंडियन ओवरसीज बैंक को ₹10.16 करोड़ का नुकसान पहुँचाने का आरोप है; उसे 4 अगस्त को लुधियाना से गिरफ्तार किया गया।
पूजा पाहवा 2022 से अदालत में अनुपस्थित थी और 2023 में घोषित अपराधी घोषित हुई; अभी न्यायिक हिरासत में है।
मामले में चार बैंक अधिकारियों के खिलाफ भी पूरक आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार दो घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र कुमार और पूजा पाहवा के रूप में हुई है, जो क्रमशः 17 वर्ष और 4 वर्ष से न्यायालय की पकड़ से बाहर थे। यह कार्रवाई 25 अगस्त 2026 को सामने आई।

जितेंद्र कुमार का मामला: 17 साल की फरारी का अंत

जितेंद्र कुमार पर वर्ष 2002-03 में जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से फर्जी और जाली वेतन प्रमाणपत्रों के आधार पर होम लोन लेने का आरोप है। सीबीआई के अनुसार, इस धोखाधड़ी से संबंधित वित्तीय संस्था को ₹65.90 लाख का नुकसान हुआ और ऋण वितरण के तुरंत बाद ही खाता एनपीए घोषित हो गया था।

वर्ष 2006 में जितेंद्र कुमार सहित 19 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था। आरोपी ने 2009 से न्यायालय में उपस्थित होना बंद कर दिया और जनवरी 2013 में उसे घोषित अपराधी करार दिया गया। सीबीआई के विशेष अभियान के तहत उसे नई दिल्ली के द्वारका मोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा।

पूजा पाहवा का मामला: ₹10.16 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी

पूजा पाहवा पर इंडियन ओवरसीज बैंक से प्राप्त कैश क्रेडिट सुविधा के दुरुपयोग और धन की हेराफेरी का आरोप है। जाँच में सामने आया कि फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर यह सुविधा हासिल की गई, जिससे बैंक को ₹10.16 करोड़ का नुकसान हुआ। संबंधित खाता वर्ष 2012 में एनपीए घोषित किया गया था।

सीबीआई ने वर्ष 2017 में पूजा पाहवा सहित छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। बाद में चार बैंक अधिकारियों के खिलाफ भी पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया, जिन पर लाभार्थी कंपनी और अन्य आरोपियों के साथ साजिश रचने का आरोप है। पूजा वर्ष 2022 से अदालत में अनुपस्थित थी और वर्ष 2023 में उसे घोषित अपराधी घोषित किया गया। सीबीआई ने खुफिया जानकारी और विशेष अभियान के बाद उसे 4 अगस्त को पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार किया। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में है।

सीबीआई की प्राथमिकता और आगे की कार्रवाई

सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों में शामिल फरार आरोपियों को कानून के दायरे में लाना एजेंसी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एजेंसी ने दोहराया कि बैंक धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और विशेष अभियान जारी रहेंगे।

गौरतलब है कि ये दोनों गिरफ्तारियाँ ऐसे समय में हुई हैं जब सीबीआई लंबित घोषित अपराधियों की सूची को व्यवस्थित रूप से खत्म करने के लिए देशव्यापी अभियान चला रही है। दोनों आरोपियों को अब सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि दोनों मामलों में दोषसिद्धि कितनी तेजी से हो पाती है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने किन दो घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया है?
सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी के दो मामलों में जितेंद्र कुमार और पूजा पाहवा को गिरफ्तार किया है। जितेंद्र कुमार 17 वर्ष और पूजा पाहवा 4 वर्ष से फरार थे।
जितेंद्र कुमार पर क्या आरोप है और उसे कहाँ से पकड़ा गया?
जितेंद्र कुमार पर वर्ष 2002-03 में जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से फर्जी वेतन प्रमाणपत्रों के आधार पर होम लोन लेकर ₹65.90 लाख की धोखाधड़ी का आरोप है। उसे नई दिल्ली के द्वारका मोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
पूजा पाहवा किस मामले में आरोपी है और उस पर कितने का नुकसान पहुँचाने का आरोप है?
पूजा पाहवा पर इंडियन ओवरसीज बैंक से कैश क्रेडिट सुविधा का दुरुपयोग कर ₹10.16 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। उसे 4 अगस्त को पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार किया गया और वह अभी न्यायिक हिरासत में है।
पूजा पाहवा के मामले में बैंक अधिकारियों की क्या भूमिका है?
सीबीआई ने पूजा पाहवा के मामले में मुख्य आरोपपत्र के अलावा चार बैंक अधिकारियों के खिलाफ भी पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। इन अधिकारियों पर लाभार्थी कंपनी और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप है।
सीबीआई घोषित अपराधियों के खिलाफ क्या कदम उठा रही है?
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों में शामिल घोषित अपराधियों को कानून के दायरे में लाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एजेंसी विशेष अभियान और खुफिया जानकारी के आधार पर ऐसे मामलों में कार्रवाई जारी रखेगी।
राष्ट्र प्रेस
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