मणिपुर: NH-2 पर लगातार चौथे दिन बसें सुचारू, CM खेमचंद ने नागा-कुकी समुदायों का जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार, 26 अगस्त 2026 को नागा और कुकी आदिवासी समुदायों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इंफाल-दीमापुर-गुवाहाटी राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (NH-2) पर अंतर-राज्यीय सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को निर्बाध रूप से जारी रखने में सहयोग दिया। यह घोषणा उन्होंने इंफाल के हेइंग खोंगबल में आयोजित 45वें हॉकर दिवस समारोह को संबोधित करते हुए की।
मुख्य घटनाक्रम
मंगलवार को लगातार चौथे दिन इंफाल-दीमापुर-गुवाहाटी मार्ग पर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहीं। महिलाओं और बच्चों सहित लगभग 300 यात्री पाँच बसों और नौ विंगर वाहनों के काफिले में इंफाल से दीमापुर और गुवाहाटी के लिए रवाना हुए। अब तक कुल लगभग 900 यात्री इस मार्ग से यात्रा कर चुके हैं, जबकि दीमापुर और गुवाहाटी से 400 से अधिक यात्री सुरक्षित रूप से इंफाल पहुँच चुके हैं।
सेनापति की घटना और त्वरित बहाली
इससे एक दिन पहले, सोमवार को सेनापति जिले के तापहोउ गाँव में दो समूहों के बीच हुई गोलीबारी में एक CRPF जवान घायल हो गया और कम से कम दो घरों में आग लगा दी गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पड़ोसी कांगपोकपी जिले के तापहोउ कुकी गाँव में एक घर जलाए जाने के बाद सेनापति जिले के नागा तापहोउ गाँव में भी एक घर में आग लगाई गई। इस घटना के बाद NH-2 पर नाकेबंदी और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने बताया कि विधायकों और जिला अधिकारियों ने दोनों समुदायों को समझाकर कुछ घंटों की देरी के बाद परिवहन सेवाएं पुनः बहाल करा दीं। उन्होंने कहा कि नागा और कुकी समुदायों द्वारा दिखाया गया सहयोग राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
शांति पहल की पृष्ठभूमि
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब 8 अगस्त को कांगपोकपी जिला मुख्यालय से कुकी-जो आदिवासी बहुल क्षेत्र की ओर से सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर मुक्त आवाजाही की संयुक्त घोषणा की गई थी। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री फरवरी 2026 से विभिन्न पहाड़ी जिलों का दौरा कर सभी समुदायों को बातचीत की मेज पर लाने में सक्रिय रूप से जुटे हैं।
गौरतलब है कि मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा ने राज्य में साथ रहने वाले समुदायों को अलग कर दिया था। मुख्यमंत्री ने जिरीबाम जिले के अपने पिछले दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की शांति पहल के तहत वह दूरी अब कम हो रही है और समुदाय धीरे-धीरे साथ रहने लगे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और चेतावनी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में शांति लाने का एकमात्र रास्ता समुदायों के बीच संवाद है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ स्वार्थी तत्व शांति प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं — उन्होंने बिष्णुपुर जिले की ट्रोंगलाओबी घटना का संदर्भ दिया जिसमें दो बच्चों की जान गई थी। उन्होंने कहा कि राज्य की रक्षा करना केवल सरकार की नहीं, बल्कि सभी निवासियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
आगे क्या होगा
हॉकर्स एसोसिएशन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि एसोसिएशन को कॉर्पस फंड देने के प्रस्ताव पर अगली कैबिनेट बैठक में चर्चा की जाएगी। NH-2 पर परिवहन सेवाओं की निरंतरता इस बात का संकेत है कि शांति प्रक्रिया धीरे-धीरे ज़मीन पर असर दिखा रही है, हालाँकि छिटपुट घटनाएँ अभी भी चुनौती बनी हुई हैं।