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मणिपुर: NH-2 पर लगातार चौथे दिन बसें सुचारू, CM खेमचंद ने नागा-कुकी समुदायों का जताया आभार

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मणिपुर: NH-2 पर लगातार चौथे दिन बसें सुचारू, CM खेमचंद ने नागा-कुकी समुदायों का जताया आभार

सारांश

मणिपुर में NH-2 पर लगातार चौथे दिन बसें चलीं — 900 से ज़्यादा यात्री सफर कर चुके हैं। सेनापति में CRPF जवान के घायल होने और दो घरों में आग की घटना के बावजूद CM खेमचंद की शांति पहल ने परिवहन बहाल रखा। मई 2023 की जातीय हिंसा के बाद यह सामान्यीकरण की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने नागा और कुकी समुदायों का NH-2 पर परिवहन सुचारू रखने के लिए आभार जताया।
मंगलवार को लगातार चौथे दिन इंफाल से दीमापुर-गुवाहाटी मार्ग पर 5 बसें और 9 विंगर वाहन रवाना हुए, जिनमें लगभग 300 यात्री सवार थे।
अब तक लगभग 900 यात्री इंफाल से और 400 से अधिक दीमापुर-गुवाहाटी से इंफाल पहुँच चुके हैं।
सोमवार को सेनापति जिले के तापहोउ गाँव में गोलीबारी में एक CRPF जवान घायल , दो घरों में आग; कुछ घंटे बाद सेवाएं बहाल।
CM खेमचंद फरवरी 2026 से पहाड़ी जिलों का दौरा कर समुदायों के बीच संवाद करा रहे हैं।
8 अगस्त को कांगपोकपी से सभी राजमार्गों पर मुक्त आवाजाही की संयुक्त घोषणा के बाद से यह सेवा चल रही है।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार, 26 अगस्त 2026 को नागा और कुकी आदिवासी समुदायों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इंफाल-दीमापुर-गुवाहाटी राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (NH-2) पर अंतर-राज्यीय सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को निर्बाध रूप से जारी रखने में सहयोग दिया। यह घोषणा उन्होंने इंफाल के हेइंग खोंगबल में आयोजित 45वें हॉकर दिवस समारोह को संबोधित करते हुए की।

मुख्य घटनाक्रम

मंगलवार को लगातार चौथे दिन इंफाल-दीमापुर-गुवाहाटी मार्ग पर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहीं। महिलाओं और बच्चों सहित लगभग 300 यात्री पाँच बसों और नौ विंगर वाहनों के काफिले में इंफाल से दीमापुर और गुवाहाटी के लिए रवाना हुए। अब तक कुल लगभग 900 यात्री इस मार्ग से यात्रा कर चुके हैं, जबकि दीमापुर और गुवाहाटी से 400 से अधिक यात्री सुरक्षित रूप से इंफाल पहुँच चुके हैं।

सेनापति की घटना और त्वरित बहाली

इससे एक दिन पहले, सोमवार को सेनापति जिले के तापहोउ गाँव में दो समूहों के बीच हुई गोलीबारी में एक CRPF जवान घायल हो गया और कम से कम दो घरों में आग लगा दी गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पड़ोसी कांगपोकपी जिले के तापहोउ कुकी गाँव में एक घर जलाए जाने के बाद सेनापति जिले के नागा तापहोउ गाँव में भी एक घर में आग लगाई गई। इस घटना के बाद NH-2 पर नाकेबंदी और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।

मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने बताया कि विधायकों और जिला अधिकारियों ने दोनों समुदायों को समझाकर कुछ घंटों की देरी के बाद परिवहन सेवाएं पुनः बहाल करा दीं। उन्होंने कहा कि नागा और कुकी समुदायों द्वारा दिखाया गया सहयोग राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

शांति पहल की पृष्ठभूमि

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब 8 अगस्त को कांगपोकपी जिला मुख्यालय से कुकी-जो आदिवासी बहुल क्षेत्र की ओर से सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर मुक्त आवाजाही की संयुक्त घोषणा की गई थी। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री फरवरी 2026 से विभिन्न पहाड़ी जिलों का दौरा कर सभी समुदायों को बातचीत की मेज पर लाने में सक्रिय रूप से जुटे हैं।

गौरतलब है कि मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा ने राज्य में साथ रहने वाले समुदायों को अलग कर दिया था। मुख्यमंत्री ने जिरीबाम जिले के अपने पिछले दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की शांति पहल के तहत वह दूरी अब कम हो रही है और समुदाय धीरे-धीरे साथ रहने लगे हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया और चेतावनी

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में शांति लाने का एकमात्र रास्ता समुदायों के बीच संवाद है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ स्वार्थी तत्व शांति प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं — उन्होंने बिष्णुपुर जिले की ट्रोंगलाओबी घटना का संदर्भ दिया जिसमें दो बच्चों की जान गई थी। उन्होंने कहा कि राज्य की रक्षा करना केवल सरकार की नहीं, बल्कि सभी निवासियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

आगे क्या होगा

हॉकर्स एसोसिएशन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि एसोसिएशन को कॉर्पस फंड देने के प्रस्ताव पर अगली कैबिनेट बैठक में चर्चा की जाएगी। NH-2 पर परिवहन सेवाओं की निरंतरता इस बात का संकेत है कि शांति प्रक्रिया धीरे-धीरे ज़मीन पर असर दिखा रही है, हालाँकि छिटपुट घटनाएँ अभी भी चुनौती बनी हुई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या सिर्फ एक अस्थायी राहत — क्योंकि तीन साल की जातीय दरार को बसों के आने-जाने से नहीं, बल्कि ज़मीनी पुनर्वास और विश्वास-निर्माण से भरा जाएगा।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में NH-2 पर बस सेवाएं कब से बहाल हुई हैं?
8 अगस्त 2026 को कांगपोकपी जिले से कुकी-जो आदिवासी संगठनों की संयुक्त घोषणा के बाद NH-2 पर अंतर-राज्यीय बस सेवाएं बहाल हुईं। मंगलवार, 26 अगस्त को यह सेवा लगातार चौथे दिन सुचारू रही।
सेनापति के तापहोउ गाँव में क्या हुआ था?
सोमवार को सेनापति जिले के तापहोउ गाँव में दो समूहों के बीच गोलीबारी में एक CRPF जवान घायल हो गया और कम से कम दो घरों में आग लगाई गई। पुलिस के अनुसार कांगपोकपी के कुकी गाँव और सेनापति के नागा गाँव — दोनों में एक-एक घर जलाया गया, जिसके बाद NH-2 पर अस्थायी नाकेबंदी हुई।
CM खेमचंद सिंह की शांति पहल में क्या शामिल है?
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह फरवरी 2026 से विभिन्न पहाड़ी जिलों का दौरा कर सभी समुदायों को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस पहल के तहत विधायकों और जिला अधिकारियों को भी सामुदायिक मध्यस्थता में लगाया गया है।
अब तक कितने यात्री इस मार्ग पर यात्रा कर चुके हैं?
मंगलवार की सेवा सहित अब तक लगभग 900 यात्री इंफाल से दीमापुर और गुवाहाटी की यात्रा कर चुके हैं। इसके अलावा दीमापुर और गुवाहाटी से 400 से अधिक यात्री सुरक्षित रूप से इंफाल पहुँच चुके हैं।
मणिपुर में जातीय हिंसा कब से चल रही है?
मणिपुर में जातीय हिंसा मई 2023 में शुरू हुई थी, जिसने मुख्यतः मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच तीखा विभाजन पैदा किया। तीन साल से अधिक समय बाद भी छिटपुट घटनाएं जारी हैं, हालाँकि NH-2 पर परिवहन बहाली को सामान्यीकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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