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मणिपुर CM युम्नाम खेमचंद सिंह बोले — तीन साल का संकट भारी पड़ा, अब शांति की वापसी हो रही है

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मणिपुर CM युम्नाम खेमचंद सिंह बोले — तीन साल का संकट भारी पड़ा, अब शांति की वापसी हो रही है

सारांश

तीन साल के जातीय संकट के बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री युम्नाम खेमचंद सिंह ने शांति की वापसी का भरोसा दिलाया। इंफाल में ₹91.66 करोड़ की कल्याण योजनाओं से 2,40,758 लाभार्थियों को राहत दी गई — लेकिन विस्थापितों के पुनर्वास की राह अभी लंबी है।

मुख्य बातें

मणिपुर CM युम्नाम खेमचंद सिंह ने 22 जुलाई को कहा कि पिछले तीन वर्षों का संकट बेहद कठिन रहा, लेकिन अब शांति और सामान्य स्थिति लौट रही है।
इंफाल के सिटी कन्वेंशन सेंटर में ₹91.66 करोड़ की कल्याणकारी योजनाओं का वितरण किया गया।
समाज कल्याण विभाग की 17 योजनाओं के तहत लगभग 2,40,758 लाभार्थियों को सहायता मिली।
CM ने एकीकृत मासिक पेंशन प्रसंस्करण प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ किया।
मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने कहा — महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, विधवाओं और IDP को सबसे अधिक कठिनाई उठानी पड़ी।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युम्नाम खेमचंद सिंह ने बुधवार, 22 जुलाई को स्वीकार किया कि राज्य ने पिछले तीन वर्षों में असाधारण रूप से कठिन दौर झेला है, जिसने लोगों की आजीविका और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को गहरी चोट पहुँचाई। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि शांति, स्थिरता और सामान्य जनजीवन धीरे-धीरे लौट रहा है।

कार्यक्रम और वितरण का विवरण

मुख्यमंत्री इंफाल के सिटी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मणिपुर समाज कल्याण विभाग के लाभार्थी वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर ₹91.66 करोड़ की कल्याणकारी योजनाओं का वितरण किया गया और लगभग 2,40,758 लाभार्थियों को समाज कल्याण विभाग की 17 विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता प्रदान की गई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एकीकृत मासिक पेंशन प्रसंस्करण प्रणाली का औपचारिक रूप से शुभारंभ भी किया, जिसे पेंशन वितरण को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री की बात — राहत और पुनर्निर्माण

सिंह ने कहा कि लंबे समय तक चले संकट ने आम नागरिकों को आर्थिक और मानसिक दोनों स्तरों पर बुरी तरह प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों की आर्थिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए विभिन्न पहल की हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मार्गदर्शन में संभव हो सका है।

उन्होंने राज्य में रहने वाले सभी समुदायों के लोगों से अपील की कि वे स्वयं को मणिपुरी समझें और राज्य को एक बेहतर भविष्य की ओर ले जाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा, 'शांति और परिश्रम — दोनों मिलकर ही विकास की नींव रखते हैं।'

सबसे अधिक प्रभावित वर्ग

अध्यक्षता भाषण देते हुए मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने कहा कि हाल के वर्षों में राज्य के अनेक परिवारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, विधवाओं और आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (IDP) ने सबसे अधिक बोझ उठाया है।

गोयल ने कहा कि यह सबकी साझा जिम्मेदारी है कि समाज के हर वर्ग को वह देखभाल, सुरक्षा, सहायता और अवसर मिले जिनका वे हक रखते हैं। उन्होंने बुधवार के कार्यक्रम को समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

कार्यक्रम में उपस्थिति

इस अवसर पर कला, संस्कृति और पर्यटन मंत्री खुरैजाम लोकेन सिंह, विधायकगण, वरिष्ठ अधिकारी, लाभार्थी और छात्र भी उपस्थित रहे।

आगे की राह

यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ है जब मणिपुर में जातीय हिंसा के बाद सामाजिक पुनर्निर्माण की प्रक्रिया जारी है। राज्य सरकार के अनुसार कल्याणकारी योजनाओं का यह वितरण उस दिशा में एक ठोस कदम है, हालाँकि विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और दीर्घकालिक शांति की चुनौती अभी भी बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जमीनी हकीकत अधिक जटिल है — हजारों IDP अभी भी राहत शिविरों में हैं और पुनर्वास की कोई स्पष्ट समयसीमा सार्वजनिक नहीं की गई है। ₹91.66 करोड़ की राशि 2,40,758 लाभार्थियों में बाँटने पर प्रति व्यक्ति औसत राहत बेहद सीमित बैठती है, जो दीर्घकालिक पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त नहीं कही जा सकती। असली कसौटी यह होगी कि विस्थापित परिवार कब और किन शर्तों पर अपने घरों को लौट सकेंगे — यह सवाल इस कार्यक्रम में अनुत्तरित रहा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर CM युम्नाम खेमचंद सिंह ने शांति को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री युम्नाम खेमचंद सिंह ने 22 जुलाई को कहा कि मणिपुर ने पिछले तीन वर्षों में बेहद चुनौतीपूर्ण दौर झेला है और अब शांति, स्थिरता व सामान्य जनजीवन धीरे-धीरे लौट रहा है। उन्होंने सभी समुदायों से एकजुट होकर राज्य के पुनर्निर्माण में योगदान देने की अपील की।
इंफाल के कल्याण वितरण कार्यक्रम में कितनी राशि और कितने लाभार्थियों को लाभ मिला?
22 जुलाई को इंफाल के सिटी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में ₹91.66 करोड़ से अधिक की योजनाओं का वितरण किया गया। समाज कल्याण विभाग की 17 योजनाओं के तहत लगभग 2,40,758 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई।
मणिपुर में सबसे अधिक प्रभावित वर्ग कौन रहा?
मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल के अनुसार, महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, विधवाओं और आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (IDP) ने इस संकट का सबसे अधिक बोझ उठाया है।
एकीकृत मासिक पेंशन प्रसंस्करण प्रणाली क्या है?
यह एक नई डिजिटल प्रणाली है जिसे मुख्यमंत्री युम्नाम खेमचंद सिंह ने 22 जुलाई के कार्यक्रम में औपचारिक रूप से लॉन्च किया। इसका उद्देश्य मणिपुर में पेंशन वितरण को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और समयबद्ध बनाना है।
मणिपुर में तीन साल के संकट का आम जनता पर क्या असर पड़ा?
मुख्यमंत्री सिंह और मुख्य सचिव गोयल दोनों ने स्वीकार किया कि लंबे समय तक चले संकट ने लोगों को आर्थिक और मानसिक दोनों स्तरों पर गहरी चोट पहुँचाई। अनेक परिवार विस्थापित हुए और आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई, जिसके लिए राज्य सरकार ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के जरिए राहत देने का प्रयास किया है।
राष्ट्र प्रेस
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