मणिपुर: सीएम खेमचंद ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट कर शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने राष्ट्रपति से मुलाकात की।
- एकता, सद्भाव और शांति को सरकार का मूल सिद्धांत बताया।
- आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास पर चर्चा की गई।
नई दिल्ली/इंफाल, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को कहा कि एकता, सद्भाव और शांति उनकी सरकार के मूल सिद्धांत बने हुए हैं, क्योंकि वह राज्य की स्थिरता के लिए प्रयासरत हैं।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट की और उन्हें मणिपुर की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी, जिसमें उनके प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे कार्य भी शामिल हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है और उन्होंने मणिपुर के बदलते हालात और चल रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने एकता, सद्भाव और शांति को अपने मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में दोहराया।
बातचीत के दौरान, यह मुख्यमंत्री का राष्ट्रीय राजधानी का दूसरा दौरा है, केवल ५० दिन पहले पद ग्रहण करने के बाद। इससे पहले, २२ फरवरी को, मुख्यमंत्री ने दोनों उप-मुख्यमंत्रियों, लोसी दिखो और नेमचा किपगेन के साथ नई दिल्ली में कई उच्च स्तरीय बैठकें की थीं।
इस डेलीगेशन ने पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, सड़क परिवहन और हाईवे मंत्री नितिन गडकरी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। चर्चाएं मुख्य मुद्दों पर केंद्रित थीं, जिसमें राज्य में जातीय हिंसा से प्रभावित आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों का पुनर्वास शामिल था।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने नई सरकार की पहलों की समीक्षा की, जिसका उद्देश्य सामुदायिक विभाजन को कम करना और शांति एवं सद्भाव बहाल करना है। इस दौरे के दौरान, खेमचंद सिंह और उनके डिप्टी ने संगठनात्मक मामलों पर चर्चा के लिए भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष से भी मुलाकात की थी।
चार फरवरी को राष्ट्रपति शासन के हटने के बाद खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हुआ, जिससे राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए नई कोशिशों का आगाज़ हुआ।