मणिपुर के मुख्यमंत्री ने समावेशी विकास पर बल दिया, सेनापति जिले का दौरा किया

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मणिपुर के मुख्यमंत्री ने समावेशी विकास पर बल दिया, सेनापति जिले का दौरा किया

सारांश

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने सेनापति जिले के दौरे के दौरान समावेशी विकास की आवश्यकता पर जोर दिया, सभी समुदायों से एकजुट होने की अपील की।

Key Takeaways

  • राज्य में संतुलित विकास की आवश्यकता है।
  • सभी समुदायों का एकजुट होना महत्वपूर्ण है।
  • 36 समुदायों की उपस्थिति मणिपुर की पहचान है।
  • मुख्यमंत्री ने शांति को बहाल करने में नागरिक संगठनों की सराहना की।
  • सेनापति में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग पर सहमति व्यक्त की गई।

इंफाल, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शुक्रवार को राज्य में संतुलित और समावेशी विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जब तक सभी जिले राजधानी इंफाल के साथ-साथ आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक मणिपुर का समग्र विकास संभव नहीं है।

नागा बहुल सेनापति जिले के अपने पहले दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने सभी क्षेत्रों में समान विकास और प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के विभिन्न समुदायों के बीच आपसी समझ और सौहार्द को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, “मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता को यहां रहने वाले 36 विभिन्न समुदायों ने सदियों से सुरक्षित रखा है, इसलिए इसे ‘मिनी इंडिया’ कहा जाता है।”

सभा को संबोधित करते हुए, उन्होंने सेनापति, माओ और कांगपोकपी के नागरिक समाज संगठनों की सराहना की, जिन्होंने हाल के संघर्ष के बाद शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने में सरकार का सहयोग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके इस दौरे का संभव होना भी इन संगठनों के सहयोग का परिणाम है।

करीब तीन साल बाद, 3 मई 2023 की हिंसा के बाद, मुख्यमंत्री का कांगपोकपी जिले के रास्ते सेनापति पहुंचना सामान्य स्थिति बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री का सेनापति जिले में नागरिक संगठनों और जनजातीय प्रतिनिधियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत बिष्णुपुर जिले के ट्रोंग्लाओबी विस्फोट में मारे गए दो बच्चों की याद में मौन रखकर की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा, “सबसे पहले हम भारतीय हैं, उसके बाद मणिपुरी,” और सभी समुदायों से एकजुट होकर राज्य के विकास के लिए काम करने की अपील की।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस दृष्टिकोण को भी याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पूर्वोत्तर के विकास के बिना भारत का विकास संभव नहीं है। इसी सोच के तहत उनके कार्यकाल में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की स्थापना की गई थी।

नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन द्वारा जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग पर, मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस प्रस्ताव को अगली कैबिनेट बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा।

सीवरेज सिस्टम सुधारने के मुद्दे पर, उन्होंने उपमुख्यमंत्री को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं, सेनापति पुलिस स्टेशन के स्थानांतरण और बराक फेस्टिवल स्थल के विकास के प्रस्तावों पर भी उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

उपमुख्यमंत्री लोसी दीखो ने अपने संबोधन में सेनापति जिले की पांच प्रमुख जनजातियों- माओ, मराम, पुमई, थंगल और जेलियांग्रोंग को शांति प्रिय समुदाय बताते हुए उनकी सराहना की।

Point of View

NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

मुख्यमंत्री ने किस जिले का दौरा किया?
मुख्यमंत्री ने सेनापति जिले का दौरा किया।
मुख्यमंत्री का मुख्य संदेश क्या था?
मुख्यमंत्री ने समावेशी विकास और सभी समुदायों के एकजुट होकर काम करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने किस पूर्व प्रधानमंत्री का उल्लेख किया?
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उल्लेख किया।
सेनापति जिले में कौन-सी प्रमुख जनजातियों का जिक्र हुआ?
मुख्यमंत्री ने माओ, मराम, पुमई, थंगल और जेलियांग्रोंग जनजातियों का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को अगली कैबिनेट बैठक में चर्चा के लिए रखने का आश्वासन दिया।
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