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गालिबाफ का बयान, 'अमेरिका ईरानी प्रतिनिधियों का भरोसा जीतने में असफल'

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गालिबाफ का बयान, 'अमेरिका ईरानी प्रतिनिधियों का भरोसा जीतने में असफल'

सारांश

इस्लामाबाद में 'इस्लामाबाद टॉक्स' के समापन के बाद, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका की असफलता का दावा किया। उनकी टिप्पणियों में ईरान की नीयत और इच्छाशक्ति का भी उल्लेख किया गया।

मुख्य बातें

गालिबाफ ने अमेरिका की नाकामी पर जोर दिया।
ईरान की नीयत और इच्छा का उल्लेख।
पाकिस्तान के प्रयासों की सराहना।
वार्ता में मिनाब 168 का भरोसा जीतने में असफलता।
डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान किया।

इस्लामाबाद, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने 'इस्लामाबाद टॉक्स' के समापन पर पहला आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने यह दावा किया कि इस बेनतीजा वार्ता में अमेरिका को असफलता का सामना करना पड़ा।

गालिबाफ ने एक्स पर जानकारी दी कि वार्ता आरंभ होने से पूर्व उन्होंने स्पष्ट किया था कि ईरान की नीयत और इच्छा दोनों मौजूद हैं, लेकिन पिछले दो युद्धों के अनुभवों के कारण उन्हें भरोसा नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान का भी धन्यवाद किया।

गालिबाफ ने कई अनुक्रमित पोस्ट्स में कहा कि वार्ता आरंभ होने से पहले उन्होंने इस बात पर बल दिया था कि "हमारे पास आवश्यक नीयत और इच्छाशक्ति है, लेकिन पिछले दो युद्धों के अनुभवों के कारण, हमें विरोधी पक्ष पर कोई भरोसा नहीं है।"

उन्होंने कहा, "विरोधी पक्ष इस दौर की वार्ता में ईरानी प्रतिनिधिमंडल मिनाब 168 का भरोसा जीतने में असफल रहा।"

उन्होंने आगे कहा, "मैं इन वार्ताओं की प्रक्रिया को सुगम बनाने में हमारे मित्र पाकिस्तान के प्रयासों के लिए आभारी हूं, और मैं पाकिस्तान के लोगों का अभिवादन करता हूं।"

उन्होंने कहा कि, ईरान 9 करोड़ लोगों का एक शरीर है—ईरान के उन सभी वीर लोगों का, जिन्होंने सर्वोच्च नेता की सलाह मानते हुए और सड़कों पर उतरकर अपने बच्चों का साथ दिया, और अपने आशीर्वाद के साथ हमें इस राह पर आगे बढ़ाया—इसके लिए मैं उनका आभारी हूं; और इन 21 घंटों की गहन बातचीत में मेरे साथ रहे मेरे साथियों से मैं कहता हूं।

40 दिन के संघर्ष के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया। पाकिस्तान की अगुवाई में 9-10 अप्रैल को इस्लामाबाद टॉक्स का आयोजन किया गया। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया जबकि गालिबाफ ने ईरानी डेलीगेशन की कमान संभाली।

रविवार को जेडी वेंस ने डील सील न होने का ऐलान किया। उन्होंने अमेरिका रवाना होने से पहले एक प्रेस वार्ता में कहा कि बातचीत बेनतीजा रही। उन्होंने यह दावा किया कि यह ईरान के लिए ठीक नहीं है। साथ ही, उन्होंने माना कि समझौते की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। “हम फाइनल ऑफर देकर जा रहे हैं। अब देखना है कि ईरान इसे स्वीकारता है या नहीं।”

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आने वाले समय में वैश्विक संबंधों को प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गालिबाफ ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाया?
गालिबाफ ने आरोप लगाया कि अमेरिका ईरानी प्रतिनिधियों का भरोसा जीतने में नाकाम रहा।
इस्लामाबाद टॉक्स का उद्देश्य क्या था?
इस्लामाबाद टॉक्स का उद्देश्य ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता को आगे बढ़ाना था।
क्या अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच कोई समझौता हुआ?
नहीं, जेडी वेंस ने डील सील न होने का ऐलान किया।
गालिबाफ ने पाकिस्तान का धन्यवाद क्यों किया?
गालिबाफ ने पाकिस्तान के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।
इस वार्ता की समयावधि कितनी थी?
इस वार्ता की समयावधि 21 घंटे थी।
राष्ट्र प्रेस
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