चीन स्पेस कंप्यूटिंग इंडस्ट्री के विकास में क्यों कर रहा है जोरदार प्रयास?
सारांश
मुख्य बातें
बीजिंग, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चीन ने तकनीकी विकास में पिछले कई वर्षों से गहरा ध्यान दिया है, जिसके परिणामस्वरूप वह कई क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख भूमिका निभा रहा है। यदि हम स्पेस कंप्यूटिंग इंडस्ट्री की बात करें, तो इसके विकास के लिए चीन में एक नीति के निर्माण पर कार्य चल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो ऑर्बिट में डेटा प्रोसेसिंग के तरीकों में क्रांति ला सकता है और चीन की तकनीकी प्रतिस्पर्धा को और मजबूत कर सकता है।
स्पेस कंप्यूटिंग का अर्थ है ऑर्बिट में कंप्यूटिंग क्षमताओं का उपयोग करना, जिससे सैटेलाइट नेटवर्क को बेहतर वैश्विक कवरेज प्राप्त हो सके।
इस नीति के अंतर्गत अधिकारी बताते हैं कि पुराने सैटेलाइट केवल एक कैमरे की तरह कार्य करते हैं, जो डेटा कैप्चर करते हैं और प्रोसेसिंग के लिए ग्राउंड स्टेशनों पर बहुत सारा डेटा भेजते हैं। जबकि स्पेस कंप्यूटिंग में ऑनबोर्ड सर्वर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिप्स और स्टोरेज डिवाइस शामिल होते हैं, जो अत्याधुनिक माने जाते हैं।
यह तकनीक सैटेलाइट को डेटा इकट्ठा करने और उसका विश्लेषण करने में सक्षम बनाती है, साथ ही रियल टाइम में निर्णय लेने की क्षमता भी प्रदान करती है, जिससे डेटा प्रोसेसिंग का समय घंटों से घटकर कुछ सेकंड में आ जाता है। यह ग्राउंड-बेस्ड डेटा सेंटर की ऊर्जा और स्थान की सीमाओं को भी समाप्त करता है।
चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूचना और प्रौद्योगिकी विकास विभाग के उप प्रमुख चाओ छ के अनुसार, स्पेस कंप्यूटिंग ग्राउंड-बेस्ड डेटा सेंटर्स की तुलना में रियल-टाइम इन-ऑर्बिट प्रोसेसिंग, कम लागत वाली ऊर्जा आपूर्ति और व्यापक कवरेज जैसे लाभ प्रदान करती है।
इन विशेषताओं से स्पेस ऊर्जा का उपयोग करने की क्षमता में वृद्धि होगी और वैश्विक कवरेज और एंटी-जैमिंग क्षमताओं को बेहतर बनाया जा सकेगा। यह तकनीक उभरते सेक्टर के रणनीतिक महत्व और औद्योगिक संभावनाओं को उजागर करती है।
इससे सिस्टमैटिक प्लानिंग को मजबूती मिलेगी और स्पेस कंप्यूटिंग इंडस्ट्री को एक ठोस और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए गंभीरता से प्रयास किया जाएगा।
मार्केट रिसर्च कंपनी BIS रिसर्च के अनुसार, वैश्विक इन-ऑर्बिट डेटा सेंटर मार्केट वर्ष 2035 तक 39.9 अरब डॉलर तक पहुँचने की संभावना है, जिसकी वार्षिक वृद्धि दर 67.4 प्रतिशत होगी।
इससे स्पष्ट है कि चीन ने पिछले दशकों में तकनीक और नवाचार को तेजी से अपनाया है, जिसके चलते यह लगातार इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभा रहा है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)