10 अगस्त 2026
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झारखंड विधानसभा घेराव: 10 अगस्त को छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे हजारों

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झारखंड विधानसभा घेराव: 10 अगस्त को छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे हजारों

सारांश

झारखंड में भर्ती परीक्षा धांधली के खिलाफ 16 दिनों से जारी छात्र आंदोलन 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के रूप में चरम पर पहुंच रहा है। सरकार ने JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द की, ED जांच मानी — लेकिन JSSC CGL रद्द करने से इनकार पर छात्र अड़े हैं।

मुख्य बातें

झारखंड के विभिन्न जिलों से छात्र 10 अगस्त के विधानसभा घेराव के लिए रांची पहुंच रहे हैं; जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में रात गुज़ार रहे हैं।
कथित भर्ती परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलन 16 दिनों से जारी है।
सरकार ने तीसरे दौर की वार्ता में 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और ED जांच कराने पर सहमति जताई।
JSSC CGL परीक्षा रद्द करने की मांग सरकार ने अस्वीकार की; न्यायिक जांच का प्रस्ताव दिया।
अनशनरत छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने मंत्रियों की अपील के बावजूद भूख हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया।
मंत्री सुदिव्य कुमार ने भविष्य में पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने का वादा किया।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन ने 10 अगस्त 2026 को निर्णायक मोड़ ले लिया है। राज्यभर से हजारों छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्र हो रहे हैं, और कई छात्र रात स्टेडियम परिसर में ही गुज़ार रहे हैं — ताकि सोमवार को झारखंड विधानसभा घेराव में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

मुख्य घटनाक्रम

स्टेडियम परिसर में छात्रों की बढ़ती भीड़ रविवार रात से ही साफ दिखने लगी। छात्र वॉलीबॉल कोर्ट और अन्य खुले स्थानों पर आराम करते देखे गए। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि सोमवार को बड़ी संख्या में विधानसभा घेराव में भाग लिया जाएगा और सरकार पर मांगें मनवाने का दबाव बनाया जाएगा।

यह आंदोलन पिछले 16 दिनों से जारी है। इसकी जड़ में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोप हैं।

सरकार और छात्रों के बीच वार्ता

रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई, जिसमें सरकार ने कई महत्वपूर्ण मांगें स्वीकार कीं। बैठक में 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया।

इसके अलावा, विवादित वेंडर एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित पूर्व परीक्षाओं में वित्तीय लेनदेन के आरोपों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने पर भी सरकार सहमत हो गई।

हालांकि, सरकार ने JSSC CGL परीक्षा रद्द करने की मांग अस्वीकार कर दी। इसके बजाय इस परीक्षा से जुड़े आरोपों की न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया गया — और यही मुद्दा छात्रों की नाराजगी की मुख्य वजह बना हुआ है।

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य सरकार का कहना है कि छात्रों की कई प्रमुख मांगें पहले ही स्वीकार की जा चुकी हैं और JSSC CGL परीक्षा को रद्द करना संभव नहीं है। सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों से प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की है।

मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और धांधलीमुक्त बनाने के लिए सरकार व्यापक नीतिगत सुधार लागू करेगी। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी, जिसमें विशेषज्ञों के साथ-साथ छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा।

अनशन और छात्र नेता का रुख

वार्ता के दौरान मंत्रियों ने अनशनरत छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कर भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया। हालांकि, महतो ने फिलहाल अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है।

छात्रों का स्पष्ट संदेश है — जब तक JSSC CGL परीक्षा रद्द नहीं होती, आंदोलन खत्म नहीं होगा।

आगे क्या

गौरतलब है कि यह आंदोलन झारखंड में सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर उठ रहे व्यापक सवालों का हिस्सा है। 10 अगस्त का विधानसभा घेराव यह तय करेगा कि सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध आगे किस दिशा में जाता है — समझौते की ओर या और तीव्र टकराव की ओर।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन JSSC CGL पर अड़े रहना दर्शाता है कि वह आंदोलन की धार को आंशिक रियायतों से कुंद करने की कोशिश कर रही है। समस्या यह है कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता के आरोप झारखंड में पहली बार नहीं उठे हैं — और हर बार 'उच्च स्तरीय समिति' के गठन की घोषणा बिना ठोस नतीजे के रह जाती है। जब तक परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही का कोई स्थायी ढांचा नहीं बनता, ऐसे आंदोलन बार-बार सड़कों पर उतरते रहेंगे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड विधानसभा घेराव 10 अगस्त को क्यों हो रहा है?
JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में 16 दिनों से आंदोलनरत छात्रों ने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। सरकार द्वारा JSSC CGL परीक्षा रद्द करने से इनकार के बाद छात्रों ने यह कदम उठाया।
JSSC CGL परीक्षा रद्द करने की मांग क्यों की जा रही है?
छात्रों का आरोप है कि JSSC CGL परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। सरकार ने न्यायिक जांच का प्रस्ताव दिया है, लेकिन परीक्षा रद्द करने से इनकार किया — यही गतिरोध का मुख्य बिंदु है।
सरकार और छात्रों के बीच वार्ता में क्या तय हुआ?
तीसरे दौर की वार्ता में सरकार ने 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और विवादित वेंडर एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग के खिलाफ ED जांच कराने पर सहमति जताई। हालांकि JSSC CGL रद्द करने की मांग अस्वीकार की गई।
अनशनरत छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की क्या स्थिति है?
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अनशन पर हैं। मंत्रियों ने वीडियो कॉल के जरिए भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन महतो ने फिलहाल अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है।
झारखंड सरकार ने भविष्य में परीक्षा सुधार के लिए क्या कहा?
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी और धांधलीमुक्त बनाने के लिए व्यापक नीतिगत सुधार लागू किए जाएंगे। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी जिसमें विशेषज्ञों के साथ छात्र प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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