झारखंड विधानसभा घेराव: 10 अगस्त को छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे हजारों
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन ने 10 अगस्त 2026 को निर्णायक मोड़ ले लिया है। राज्यभर से हजारों छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्र हो रहे हैं, और कई छात्र रात स्टेडियम परिसर में ही गुज़ार रहे हैं — ताकि सोमवार को झारखंड विधानसभा घेराव में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
मुख्य घटनाक्रम
स्टेडियम परिसर में छात्रों की बढ़ती भीड़ रविवार रात से ही साफ दिखने लगी। छात्र वॉलीबॉल कोर्ट और अन्य खुले स्थानों पर आराम करते देखे गए। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि सोमवार को बड़ी संख्या में विधानसभा घेराव में भाग लिया जाएगा और सरकार पर मांगें मनवाने का दबाव बनाया जाएगा।
यह आंदोलन पिछले 16 दिनों से जारी है। इसकी जड़ में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोप हैं।
सरकार और छात्रों के बीच वार्ता
रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई, जिसमें सरकार ने कई महत्वपूर्ण मांगें स्वीकार कीं। बैठक में 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा, विवादित वेंडर एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित पूर्व परीक्षाओं में वित्तीय लेनदेन के आरोपों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने पर भी सरकार सहमत हो गई।
हालांकि, सरकार ने JSSC CGL परीक्षा रद्द करने की मांग अस्वीकार कर दी। इसके बजाय इस परीक्षा से जुड़े आरोपों की न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया गया — और यही मुद्दा छात्रों की नाराजगी की मुख्य वजह बना हुआ है।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य सरकार का कहना है कि छात्रों की कई प्रमुख मांगें पहले ही स्वीकार की जा चुकी हैं और JSSC CGL परीक्षा को रद्द करना संभव नहीं है। सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों से प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की है।
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और धांधलीमुक्त बनाने के लिए सरकार व्यापक नीतिगत सुधार लागू करेगी। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी, जिसमें विशेषज्ञों के साथ-साथ छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा।
अनशन और छात्र नेता का रुख
वार्ता के दौरान मंत्रियों ने अनशनरत छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कर भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया। हालांकि, महतो ने फिलहाल अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है।
छात्रों का स्पष्ट संदेश है — जब तक JSSC CGL परीक्षा रद्द नहीं होती, आंदोलन खत्म नहीं होगा।
आगे क्या
गौरतलब है कि यह आंदोलन झारखंड में सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर उठ रहे व्यापक सवालों का हिस्सा है। 10 अगस्त का विधानसभा घेराव यह तय करेगा कि सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध आगे किस दिशा में जाता है — समझौते की ओर या और तीव्र टकराव की ओर।