भारत और केन्या के संसदीय संबंधों को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण वार्ता
सारांश
Key Takeaways
- भारत और केन्या के बीच संसदीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम।
- फ्रेंडशिप ग्रुप्स के माध्यम से सहयोग का विस्तार।
- युवा मामलों और क्रिएटिव सेक्टर में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता।
- सुरक्षा और प्रशिक्षण सहयोग को मजबूती देने पर ध्यान।
- समुद्री पड़ोसी देशों के रूप में संबंधों की गहराई।
नैरोबी, १५ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के उच्चायुक्त आदर्श स्वैका ने बुधवार को नैरोबी में केन्या की नेशनल असेंबली के स्पीकर मोसेस वेतांगुला के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस वार्ता में दोनों पक्षों ने संसदीय आदान-प्रदान को और अधिक सुदृढ़ करने और फ्रेंडशिप ग्रुप्स के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों को प्रगति देने पर चर्चा की।
बैठक के दौरान, स्वैका ने मोसेस वेतांगुला को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का एक पत्र प्रदान किया, जिसमें भारत-केन्या संसदीय मैत्री समूह के गठन की जानकारी दी गई।
भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया, "उच्चायुक्त ने केन्या की नेशनल असेंबली के स्पीकर मोसेस वेतांगुला से मुलाकात की और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का पत्र सौंपा, जिसमें भारत-केन्या संसदीय मैत्री समूह के गठन की जानकारी दी गई है।"
स्वैका ने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच संसदीय सहयोग को और मजबूती प्रदान करने और मैत्री समूहों के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने पर विचार किया गया। इस बैठक में केन्या में भारत के संसदीय मैत्री समूह के संयोजक सांसद डेविड ओउमा ओचिएंग और सदस्य भारतीय मूल के सांसद रहीम दाऊद भी शामिल थे।
आदर्श स्वैका ने मंगलवार को केन्या के युवा मामलों, क्रिएटिव इकॉनमी और खेल मंत्री सलीम मवुर्या से भी मुलाकात की, जिसमें युवा सहयोग, खेल साझेदारी और क्रिएटिव सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई। इसमें क्षमता निर्माण, टैलेंट एक्सचेंज और कौशल विकास जैसे मुद्दे शामिल थे।
इसके अतिरिक्त, स्वैका ने केन्या के गृह और राष्ट्रीय प्रशासन मंत्री किपचुम्बा मुरकोमेन से भी भेंट की। इस बैठक में भारत और केन्या के बीच संबंधों, उच्च स्तरीय यात्राओं, व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। खास तौर पर सुरक्षा और प्रशिक्षण सहयोग को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।
भारत और केन्या हिंद महासागर में समुद्री पड़ोसी हैं। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, दोनों देशों के रिश्ते अब एक मजबूत और बहुआयामी साझेदारी में बदल चुके हैं। इसमें नियमित उच्च स्तरीय यात्राएं, बढ़ता व्यापार और निवेश, और लोगों के बीच मजबूत संबंध शामिल हैं।