टाटा समूह का उत्तर प्रदेश में दोगुनी उपस्थिति का आश्वासन, चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का बयान
सारांश
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लखनऊ, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे उद्यमशील औद्योगिक राज्यों में से एक है और आगामी वर्षों में यहां टाटा समूह की उपस्थिति दोगुनी होने की संभावना है। राज्य में निवेश के लिए अनुकूल माहौल, सुधारित अवसंरचना और मजबूत नेतृत्व के चलते उद्योगों के विस्तार के लिए कई अवसर उपलब्ध हैं। एन चंद्रशेखरन ने यह बात लखनऊ में टाटा मोटर्स की 10 लाखवीं बस के फ्लैग ऑफ के अवसर पर कही।
उन्होंने कहा कि यूपी में तेजी से विकसित हो रहा अवसंरचना, नीतिगत समर्थन और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण इसे औद्योगिक विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास की गति स्पष्ट है। राज्य सरकार की नीतियों और सहयोग के कारण उद्योगों के विस्तार के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे नए निवेश और रोजगार के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश में मौजूद अपार संभावनाएं, बढ़ती आर्थिक गतिविधियां और युवा कार्यबल इसे देश का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश न केवल औद्योगिक, बल्कि तकनीकी और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छुएगा।
उन्होंने बताया कि लखनऊ स्थित टाटा प्लांट केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं है, बल्कि सप्लायर्स, पार्टनर्स और स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर विकसित एक सशक्त इकोसिस्टम है, जो टाटा समूह और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच विश्वास और साझेदारी का प्रतीक है। 34 वर्षों में 10 लाख वाहनों के उत्पादन का यह माइलस्टोन इस मजबूत संबंध और निरंतर विकास यात्रा को दर्शाता है। एन चंद्रशेखरन ने कहा कि जिस प्रकार अब तक की प्रगति हुई है, अगले पांच वर्षों में 20 लाख वाहनों के उत्पादन का लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले दशकों में वैश्विक स्तर पर सबसे तेज गति से बढ़ेगी और उत्तर प्रदेश इस विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
उन्होंने साझा किया कि टाटा मोटर्स का पोर्टफोलियो तेजी से विस्तृत हो रहा है, जिसमें पारंपरिक डीजल वाहनों के साथ-साथ सीएनजी, इलेक्ट्रिक और भविष्य में हाइड्रोजन आधारित वाहन भी शामिल होंगे। इससे उत्तर प्रदेश न केवल देश के लिए, बल्कि वैश्विक बाजार के लिए भी एक महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात केंद्र बन सकता है। टाटा समूह की अन्य कंपनियों के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के लगभग 20,000 पेशेवर लखनऊ, नोएडा और वाराणसी में कार्यरत हैं, जिनकी संख्या अगले पांच वर्षों में 40,000 तक पहुंच सकती है। इसके अलावा पावर, डिफेंस, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी समूह का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे नए रोजगार के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि टाटा समूह केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक क्षेत्रों में भी सक्रिय योगदान दे रहा है। जल संरक्षण, स्किल डेवलपमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में पहल करते हुए समूह मथुरा में जल स्रोतों के पुनर्जीवन और गोरखपुर में एआई टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना जैसे कार्य कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के सहयोग और दूरदर्शी नीतियों के कारण ही यह विकास संभव हो पाया है।