क्या सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ग्लोबल आईटी हब बनने की दिशा में अग्रसर है?
सारांश
Key Takeaways
- ग्लोबल आईटी हब बनने की दिशा में उत्तर प्रदेश तेजी से अग्रसर है।
- प्रदेश ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
- योगी सरकार की नीतियों से निवेश आकर्षण बढ़ा है।
- युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
- प्रदेश का आईटी निर्यात आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
लखनऊ, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ग्लोबल आईटी हब बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश ने इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार और निवेश के अनुकूल वातावरण के कारण आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2017 के बाद से यह क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है। लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक प्रदेश की आईटी निर्यात की हिस्सेदारी को 05 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए।
आईटी सेवाओं और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के समन्वित विकास से उत्तर प्रदेश का निर्यात आधार विस्तारित हुआ है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र और लखनऊ जैसे शहर अब आईटी सेवाओं, मोबाइल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और डेटा आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र बन गए हैं। प्रदेश में स्थापित असेंबली यूनिट्स और आईटी सर्विस कंपनियों ने निर्यात क्षमता को नई मजबूती दी है।
वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश से इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्यात लगभग 3,862 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 44,744 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इसी प्रकार से आईटी सेवाओं का निर्यात भी 55,711 करोड़ रुपए से बढ़कर 82,055 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। यह वृद्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश में विकसित हो रहे प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक ढांचे और वैश्विक कंपनियों के बढ़ते भरोसे को भी दर्शाती है।
इस विकास का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिल रहा है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात आधारित उद्योगों से बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। तकनीकी प्रशिक्षण, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार से युवा अब केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं बल्कि नवाचार और उद्यमिता के वाहक बन रहे हैं।
योगी सरकार द्वारा किए गए नीतिगत सुधारों ने निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है। सिंगल विंडो सिस्टम, बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है।