2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना संभव नहीं है भारत का सतत विकास: डॉ. प्रीति अदाणी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना संभव नहीं है भारत का सतत विकास: डॉ. प्रीति अदाणी

सारांश

डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा है कि आधी आबादी को आर्थिक गतिविधियों में शामिल किए बिना कोई देश सतत विकास नहीं कर सकता। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर जोर दिया।

मुख्य बातें

महिलाओं की भागीदारी: सतत विकास के लिए महिलाओं को शामिल करना आवश्यक है।
आर्थिक सशक्तिकरण: महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों में शामिल करने से उनकी आय और आत्मविश्वास बढ़ता है।
शिक्षा: लड़कियों की शिक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
सरकारी योजनाएं: विभिन्न योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में सहायक हैं।
व्यापार के अवसर: महिलाओं के लिए व्यवसायिक अवसरों का विकास महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी ने गुरुवार को कहा कि इतिहास में किसी भी राष्ट्र ने आधी जनसंख्या को आर्थिक गतिविधियों से अलग रखकर सतत विकास में सफलता नहीं पाई है। उन्होंने कहा कि भारत के समृद्ध अतीत से सीख लेते हुए हमें उन महिलाओं की शक्ति को पहचानना होगा, जो अभी तक पूरी तरह से सामने नहीं आई हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में चिंतन रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित 'सशक्त नारी, विकसित भारत' कार्यक्रम में डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को संगठित करके डेयरी समूहों का निर्माण किया गया है। वर्तमान में 3,500 से अधिक ग्रामीण महिलाएं इन डेयरी समितियों से जुड़ी हुई हैं और हर साल लगभग 75 लाख लीटर दूध का संग्रह करती हैं। इससे उनकी आय स्थिर हुई है, सौदेबाजी की शक्ति बढ़ी है, और सबसे महत्वपूर्ण बात, उनका आत्मविश्वास मजबूत हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश के कई दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां अदाणी फाउंडेशन कार्य कर रहा है, वहां लड़कियों की शिक्षा का स्तर बेहद कम है। कई महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंने कभी स्कूल नहीं देखा और कॉलेज जाना उनके लिए एक सपना है। इस स्थिति में शिक्षा और कौशल विकास की अत्यंत आवश्यकता है।

डॉ. प्रीति अदाणी ने जोर देकर कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे व्यापक दृष्टि से देखना चाहिए। इसमें लड़कियों की शिक्षा, युवतियों के लिए कौशल प्रशिक्षण, महिलाओं को वित्तीय सहायता, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य सुरक्षा, नेतृत्व प्रशिक्षण और महिला उद्यमों के लिए बाजार से जुड़ाव शामिल होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि जो लड़कियाँ स्कूल जाती हैं, उनके कम उम्र में विवाह होने की संभावना कम होती है और वे आगे पढ़ाई कर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकती हैं। इसी तरह स्वास्थ्य सेवा, कृषि, डिजिटल सेवाएं, नवीकरणीय ऊर्जा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवतियाँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की कई योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से छोटे उद्यमियों को लोन उपलब्ध कराया गया है। 'डिजिटल इंडिया' अभियान ने देश के दूरदराज इलाकों में डिजिटल सुविधाएं पहुंचाई हैं। वहीं, प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना ने स्वच्छ ईंधन देकर लाखों महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान को बढ़ाया है।

डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए केवल लोन पर्याप्त नहीं है। उन्हें कौशल, डिजिटल ज्ञान, बाजार तक पहुंच, बुनियादी ढांचा, मार्गदर्शन और एक सहयोगी वातावरण की भी आवश्यकता होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की अगली विकास गाथा स्कूलों, प्रशिक्षण केंद्रों, गांवों के उद्यमों और डिजिटल बाजारों में आत्मविश्वास से भरी महिलाओं द्वारा लिखी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दर्शाता है कि बिना उनकी भागीदारी के कोई भी राष्ट्र विकास की राह पर अग्रसर नहीं हो सकता। यह विचारशील दृष्टिकोण हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि हम सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए महिलाओं को कैसे सक्रिय रूप से शामिल कर सकते हैं।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला सशक्तिकरण क्या है?
महिला सशक्तिकरण का अर्थ है महिलाओं को उनकी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति में सुधार के लिए सशक्त बनाना।
डॉ. प्रीति अदाणी कौन हैं?
डॉ. प्रीति अदाणी अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष हैं और वे महिला सशक्तिकरण तथा सामाजिक विकास के मुद्दों पर सक्रियता से कार्य करती हैं।
भारत में महिलाओं की शिक्षा का स्तर क्या है?
भारत के कई ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की शिक्षा का स्तर बहुत कम है, जिसके सुधार के लिए प्रयास आवश्यक हैं।
महिलाओं के लिए कौन सी योजनाएं उपलब्ध हैं?
महिलाओं के लिए कई योजनाएं हैं, जैसे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, उज्ज्वला योजना, और डिजिटल इंडिया अभियान।
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त कैसे किया जा सकता है?
महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, और डिजिटल साक्षरता के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले